सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Cyber fraud of oen crore uncovered through fake trading app two criminals arrested in azamgarh

UP: फर्जी ट्रेडिंग एप से एक करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, दो अपराधियों को किया गिरफ्तार; जानें पूरा मामला

अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Thu, 05 Feb 2026 02:52 PM IST
विज्ञापन
सार

Azamgarh News: आजमगढ़ में तकनीकी जांच, बैंक खातों के विश्लेषण एवं मोबाइल लोकेशन के आधार पर मंगलवार को पुलिस टीम ने उज्जैन–इंदौर से जुड़े 02 अंतर्राज्यीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया।

Cyber fraud of oen crore uncovered through fake trading app two criminals arrested in azamgarh
आरोपियों की जानकारी देती पुलिस। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार

UP Crime: नेक्स्ट ट्रेड नामक फर्जी ट्रेडिंग एप के माध्यम से की जा रही संगठित ऑनलाइन साइबर ठगी का बृहस्पतिवार को पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। अब तक की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह देशभर में करीब एक करोड़ की साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है। इस संबंध में विभिन्न राज्यों से लगभग 12 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस ने इस मामले में दो साइबरों ठगों को गिरफ्तार किया है।
Trending Videos




नोडल अधिकारी एसपी यातायात विवेक त्रिपाठी ने बताया कि थाना साइबर क्राइम में पंजीकृत प्राथमिकी के तहत यह कार्रवाई की गई है। इसमें पीड़ित अशोक कुमार अग्रवाल, निवासी बदरका, थाना कोतवाली ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्होंने फेसबुक पर नेक्स्ट ट्रेड का विज्ञापन देखकर दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। अभियुक्तों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर उन्हें नेक्स्ट ट्रेड नामक फर्जी ऐप डाउनलोड कराया और निवेश के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


विश्वास में आकर पीड़ित द्वारा कुल 8,99,000 रुपये की धनराशि निवेश की गई। शुरू में ऐप पर लाभ दिखाया गया, लेकिन जब निकासी का प्रयास किया गया तो धनराशि नहीं निकली और बाद में पीड़ित की आईडी ब्लॉक कर दी गई। इससे साइबर ठगी की पुष्टि हुई। 

पुलिस ने की कार्रवाई

एसपी यातायात विवेक त्रिपाठी ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में कार्य कर रहे थे। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराकर निवेश कराया जाता था। प्राप्त धनराशि को म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर कराया जाता था। 

जांच में कुछ बैंक कर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई है, जो अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पहले से हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक उपलब्ध कराते थे। खातों में पैसा आते ही चेक के माध्यम से तत्काल निकासी कर ली जाती थी। पूरे लेन-देन का हिसाब गिरोह द्वारा रखा जाता था।

गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में इंद्रजीत डे, स्थायी पता ए-69, ईस्ट दिल्ली और वर्तमान पता, अन्नपूर्णा नगर, थाना  नाना खेड़ा, उज्जैन और अंकेश धाकड़, स्थायी पता जगतपुर,  कोलारस शिवपुरी, वर्तमान पता अहिल्यापुरी, थाना भांवरकुंआ,  इंदौर को गिरफ्तार किया है। इनके पास से तीन मोबाइल, तीन एटीम कार्ड, दो चेकबुक, एक बैंक आईडी, एक जियो सिम कार्ड, 870 रुपये नगद बरामद किए। इनमें से अंकेश धाकड़ कोटक महिंद्रा बैंक इंदौर का कर्मचारी है।

अभी कई आरोपी चल रहे फरार 
एसपी यातायात ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि उनके और भी कई साथ हैं जो इस कार्य में लिप्त हैं। इनमें गोपाल भदौरिया जो कोटक बैंक का ही कर्मी है। इसके अलावा माधव, राकी और प्रीतम शामिल हैं। इनमें से प्रीतम यस बैंक का कर्मी है।

जनहित में साइबर सुरक्षा सलाह

  • एसपी यातायात ने आम जनमानस से अपील की है कि वह साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करें ताकि भविष्य में इससे होने वाले साइबर फ्राड से बच सकें। 
  • केवल आधिकारिक एप स्टोर (Google Play Store आदि) से ही ऐप डाउनलोड करें।
  • अनाधिकृत लिंक या थर्ड-पार्टी वेबसाइट से .APK फाइल डाउनलोड न करें।
  • सोशल मीडिया या WhatsApp से आए एप लिंक पर क्लिक करने से बचें।
  • एप इंस्टॉल करते समय उसकी अनुमतियों की जांच करें।
  • संदिग्ध एप मिलने पर तुरंत अनइंस्टॉल करें।
  • आवश्यकता पड़ने पर डिवाइस का सिस्टम स्कैन कराएं या फैक्ट्री रीसेट करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed