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Azamgarh News: अशुद्ध पानी की 500 बोतलें रोजाना बेच रहे थे, एफडीए ने दो वाटर यूनिट बंद कराईं
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आजमगढ़। शुद्ध पानी का दावा कर बाजार में बोतलबंद पानी सप्लाई करने वाली दो वाटर यूनिटों पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने कार्रवाई की है। सघन जांच अभियान के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर दोनों संचालित अद्विक इंटरप्राइजेज लालगंज और रजवाड़ा इंटरप्राइजेज लालगंज के लाइसेंस तुरंत निलंबित कर दिए गए।
इन यूनिटों से रोजाना 500 से अधिक बोतलें विभिन्न दुकानों व प्रतिष्ठानों पर सप्लाई की जा रही थीं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में सात वाटर सप्लाई यूनिट पंजीकृत हैं। इनमें से दो यूनिट पहले से बंद हैं। एफडीए की टीम ने अन्य पांचों यूनिटों का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान उत्पादन प्रक्रिया, प्लांट की स्वच्छता, मशीनों की साफ-सफाई, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और पानी की गुणवत्ता संबंधी अभिलेखों की पड़ताल की।
इस दौरान दो यूनिटें जिन्होंने पानी आपूर्ति के लिए 2025 में लाइसेंस लिया था उनमें गंभीर कमियां उजागर हुईं। संबंधित संचालक कर्मचारियों की मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सके। साथ ही पानी की गुणवत्ता जांच से संबंधित अनिवार्य वाटर एनालिसिस रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी।
परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं। एफडीए टीम ने इसे जनस्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण मानते हुए दोनों यूनिटों के लाइसेंस निलंबित कर दिए। जबकि अन्य तीन यूनिट पर स्थिति सामान्य मिलीं।
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इन यूनिटों से रोजाना 500 से अधिक बोतलें विभिन्न दुकानों व प्रतिष्ठानों पर सप्लाई की जा रही थीं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में सात वाटर सप्लाई यूनिट पंजीकृत हैं। इनमें से दो यूनिट पहले से बंद हैं। एफडीए की टीम ने अन्य पांचों यूनिटों का निरीक्षण किया।
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जांच के दौरान उत्पादन प्रक्रिया, प्लांट की स्वच्छता, मशीनों की साफ-सफाई, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और पानी की गुणवत्ता संबंधी अभिलेखों की पड़ताल की।
इस दौरान दो यूनिटें जिन्होंने पानी आपूर्ति के लिए 2025 में लाइसेंस लिया था उनमें गंभीर कमियां उजागर हुईं। संबंधित संचालक कर्मचारियों की मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सके। साथ ही पानी की गुणवत्ता जांच से संबंधित अनिवार्य वाटर एनालिसिस रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी।
परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं। एफडीए टीम ने इसे जनस्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण मानते हुए दोनों यूनिटों के लाइसेंस निलंबित कर दिए। जबकि अन्य तीन यूनिट पर स्थिति सामान्य मिलीं।
