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Azamgarh News: एसडीएम न्यायिक का विरोध, किया प्रदर्शन
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बरदह। मार्टीनगंज तहसील परिसर में मंगलवार को एसडीएम न्यायिक सुनील कुमार धनवंता के खिलाफ अधिवक्ताओं ने विरोध किया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि वरिष्ठ अधिवक्ता मधुरलाल श्रीवास्तव के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित होने के बावजूद एसडीएम न्यायिक द्वारा न्यायालय का कार्य जारी रखा गया।
बार संघ अध्यक्ष प्रेमचंद की अध्यक्षता में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में जमीन पर बैठकर प्रदर्शन किया और एसडीएम न्यायिक धनवंता के पूर्ण बहिष्कार की घोषणा की। प्रदर्शन में मंत्री अमरनाथ यादव सहित वरिष्ठ अधिवक्ता बृजेश कुमार सिंह, भूलेंद्र यादव, विजय तिवारी, अरविंद कुमार मिश्रा, प्रवीण तिवारी, सूबेदार यादव, मोहम्मद राशिद आदि शामिल रहे। अधिवक्ताओं ने शासन-प्रशासन से एसडीएम न्यायिक को हटाने की मांग की।
एसडीएम न्यायिक सुनील कुमार धनवंता (आईएएस) ने कहा कि लगातार हड़तालों के कारण मुवक्किलों का नुकसान हो रहा है। मुवक्किलों और शासन के हित को ध्यान में रखते हुए न्यायालय संचालन का निर्णय लिया गया।
बार संघ अध्यक्ष प्रेमचंद ने कहा कि अधिवक्ता भी चाहते हैं कि हड़तालें कम हों, लेकिन किसी वरिष्ठ अधिवक्ता के निधन पर शोक व्यक्त करना और उस दिन न्यायिक कार्य से विरत रहना आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं पर तानाशाही नहीं थोपी जा सकती।
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बार संघ अध्यक्ष प्रेमचंद की अध्यक्षता में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में जमीन पर बैठकर प्रदर्शन किया और एसडीएम न्यायिक धनवंता के पूर्ण बहिष्कार की घोषणा की। प्रदर्शन में मंत्री अमरनाथ यादव सहित वरिष्ठ अधिवक्ता बृजेश कुमार सिंह, भूलेंद्र यादव, विजय तिवारी, अरविंद कुमार मिश्रा, प्रवीण तिवारी, सूबेदार यादव, मोहम्मद राशिद आदि शामिल रहे। अधिवक्ताओं ने शासन-प्रशासन से एसडीएम न्यायिक को हटाने की मांग की।
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एसडीएम न्यायिक सुनील कुमार धनवंता (आईएएस) ने कहा कि लगातार हड़तालों के कारण मुवक्किलों का नुकसान हो रहा है। मुवक्किलों और शासन के हित को ध्यान में रखते हुए न्यायालय संचालन का निर्णय लिया गया।
बार संघ अध्यक्ष प्रेमचंद ने कहा कि अधिवक्ता भी चाहते हैं कि हड़तालें कम हों, लेकिन किसी वरिष्ठ अधिवक्ता के निधन पर शोक व्यक्त करना और उस दिन न्यायिक कार्य से विरत रहना आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं पर तानाशाही नहीं थोपी जा सकती।
