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Azamgarh News: ग्राम पंचायतों में जीएसटी अनिवार्य अब बिना नंबर भुगतान पर सख्ती
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आजमगढ़। ग्राम पंचायतों में वित्तीय पारदर्शिता लाने और फर्जी फर्मों के जरिए होने वाले भुगतान पर रोक लगाने के लिए अब जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) को अनिवार्य कर दिया गया है। निदेशालय के निर्देश पर जिले की सभी 1811 ग्राम पंचायतों का जीएसटीएन (जीएसटी) बनवाने के आदेश जारी किए गए हैं।
पंचायतीराज विभाग ने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर मनमाने बिल-वाउचर फीड किए जाने और भुगतान में अनियमितताओं के सामने आने के बाद यह सख्त कदम उठाया है।
इसके तहत पंचायत सचिवों को जीएसटीएन आवंटन की जिम्मेदारी दी गई है और स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिना जीएसटी नंबर वाली किसी भी फर्म को भुगतान नहीं किया जाएगा।
अब ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त, केंद्रीय वित्त आयोग और अपनी आय से किए जाने वाले हर भुगतान पर सामग्री के अनुसार निर्धारित दर से जीएसटी की कटौती करनी होगी।
इससे न केवल भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी होगी, बल्कि फर्जी फर्मों पर भी प्रभावी रोक लगेगी। जिला पंचायत राज अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि भुगतान के समय जीएसटी कटौती अनिवार्य कर दी गई है।
कटौती होते ही संबंधित फर्म की जानकारी जीएसटी विभाग तक पहुंच जाएगी और बाद में कटौती की गई राशि को बैंक के माध्यम से चालान के जरिए जमा किया जाएगा। इससे वित्तीय अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा।
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पंचायतीराज विभाग ने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर मनमाने बिल-वाउचर फीड किए जाने और भुगतान में अनियमितताओं के सामने आने के बाद यह सख्त कदम उठाया है।
इसके तहत पंचायत सचिवों को जीएसटीएन आवंटन की जिम्मेदारी दी गई है और स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिना जीएसटी नंबर वाली किसी भी फर्म को भुगतान नहीं किया जाएगा।
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अब ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त, केंद्रीय वित्त आयोग और अपनी आय से किए जाने वाले हर भुगतान पर सामग्री के अनुसार निर्धारित दर से जीएसटी की कटौती करनी होगी।
इससे न केवल भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी होगी, बल्कि फर्जी फर्मों पर भी प्रभावी रोक लगेगी। जिला पंचायत राज अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि भुगतान के समय जीएसटी कटौती अनिवार्य कर दी गई है।
कटौती होते ही संबंधित फर्म की जानकारी जीएसटी विभाग तक पहुंच जाएगी और बाद में कटौती की गई राशि को बैंक के माध्यम से चालान के जरिए जमा किया जाएगा। इससे वित्तीय अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा।