फूलपुर। तहसील क्षेत्र के कंदरी गांव में अंजुमन दस्त-ए-हुसैनी के तत्वावधान में रविवार को शहीदाने करबला की याद में जुलूस-ए-अमारी अकीदत के साथ निकाला गया। अंजुमनों के नौहा-मातम और ‘या अली मौला’ की सदाओं से पूरा गांव गूंज उठा। जुलूस में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने शामिल होकर ताबूत, अलम और जुलजेना की जियारत कर खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
सुबह आठ बजे जुलूस की शुरुआत कुरआन पाक की तिलावत से हुई, जिसे मौलाना जिशान आजमी ने कराया। जुलूस में हजरत अब्बास का अलम, इमाम जैनुल आबेदीन का ताबूत और ऊंटों पर अमारियां निकाली गईं। अकीदतमंदों ने इन पर फूल-लाएं चढ़ाकर श्रद्धा अर्पित की। चुनिंदा स्थानों पर अंजुमनों ने नौहा-मातम और सीना-जनी की। उलेमाओं ने वाकयात-ए-करबला बयान कर इमाम हुसैन की कुर्बानी और उनके परिवार पर हुए जुल्मों का वर्णन किया। इस दौरान अंजुमन दस्त-ए-मासूमिया, अंजुमन दस्त-ए-हुसैन, अंजुमन हैदरी, अंजुमन इमामिया और अंजुमन दो-वा-ए-जहरा ने नौहा-मातम कर खिराज-ए-अकीदत पेश किया। मौलाना शारिब अब्बास, असगर मेहदी, सैय्यद जीशान हैदर रिजवी, सैय्यद कामरान हैदर, जिशान आजमी, सैय्यद नसीर आजमी और सैय्यद कासिम रजा ने मजलिस को खिताब किया। जुलूस का समापन देर शाम रोजे पर हुआ। आखिरी तकरीर असगर मेंहदी ने की। निजामत सैय्यद शमीम हैदर और डॉ. शौकत आजमी ने संयुक्त रूप से की। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष अच्छे हुसैन और महामंत्री एहतेशाम हैदर ने सभी का आभार जताया।