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Azamgarh News: लंबित मांगों पर लेखपालों का आंदोलन तेज, पांच से कार्य बहिष्कार की चेतावनी

Sun, 02 Aug 2026 01:08 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2026 01:08 AM IST
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Lekhpals intensify agitation over pending demands; warn of work boycott starting the 5th.
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने वर्षों से लंबित मांगों के समाधान को लेकर आंदोलन का स्वर तेज कर दिया है। लालगंज और निजामाबाद तहसीलों में शनिवार को लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने राजस्व परिषद की अध्यक्ष को संबोधित ज्ञापन संबंधित उपजिलाधिकारियों को सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
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संघ ने चेतावनी दी कि यदि पांच अगस्त तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के लेखपाल अतिरिक्त हल्कों में कार्य करने और ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार सहित चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे।
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लालगंज : तहसील में संघ के अध्यक्ष नवीन दुबे और मंत्री राहुल तोमर के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा को ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की कमी, लंबित पदोन्नति, वेतन एवं भत्तों की विसंगतियों तथा अवकाश के दिनों में भी ड्यूटी लगाए जाने से लेखपालों में असंतोष है।
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राजस्व अभिलेखों के अद्यतन, वरासत, नामांतरण, पैमाइश, आपदा प्रबंधन, किसान हितैषी योजनाओं और कानून-व्यवस्था सहित अधिकांश जिम्मेदारियां लेखपालों पर होने के बावजूद उनकी पुरानी मांगों का समाधान नहीं किया जा रहा है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान विकास मिश्रा, प्रवीण सिंह, रोहित राजोरिया, कुलभास्कर त्रिपाठी, धीरेंद्र सिंह आदि लेखपाल उपस्थित रहे।
निजामाबाद : निजामाबाद इकाई ने भी इसी संबंध में ज्ञापन देकर वर्ष 2019 से लंबित अंतरमंडलीय स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने, चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करने, वर्ष 2024 में नियुक्त लेखपालों की विभागीय परीक्षा का परिणाम घोषित करने तथा स्टेशनरी, वाहन एवं विशेष भत्तों में वृद्धि की मांग की।
संघ ने भूलेख कार्यालयों और अन्य पटलों से संबद्ध लेखपालों को मुक्त करने तथा ग्राम सचिवालयों में अनिवार्य ड्यूटी लगाए जाने पर भी आपत्ति जताई।
लेखपालों का कहना है कि अधिकांश ग्राम सचिवालयों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं और एक लेखपाल के कार्यक्षेत्र में कई गांव होने के कारण एक स्थान पर बैठकर कार्य करना व्यवहारिक नहीं है।

यदि समय रहते निर्णय नहीं हुआ तो पांच अगस्त से अतिरिक्त हल्कों का कार्यभार संबंधित कार्यालयों में जमा कर दिया जाएगा और चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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