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कैसे होगी पढ़ाई: मदरसे की मान्यता निलंबित, 2678 छात्रों का भविष्य पर संकट, बोर्ड से मांगा मार्गदर्शन

अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Tue, 13 Jan 2026 06:30 AM IST
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सार

Azamgarh News: आजमगढ़ के मुबारकपुर में मदरसे की मान्यता निलंबित हो जाने से छात्र-छात्राओं का भविष्य चिंता का विषय बन गया है। यहां के शिक्षकाें का भी वेतन रोक दिया गया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि मदरसा बोर्ड को पत्र लिखा गया है।

madrasa recognition suspended putting future of 2,678 students risk guidance sought from board
मदरसा बोर्ड। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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UP News: ब्रिटिश मौलाना से शिक्षण कार्य लेने और वेतन देने के मामले में मुबारकपुर कस्बे के जिस मदरसे की मान्यता निलंबित की गई है, उसमें 2678 छात्र- छात्राएं तालीम ले रहे हैं। मदरसा बोर्ड द्वारा मान्यता निलंबित होने से अब इन छात्रों का भविष्य अधर में हो गया है। इस संबंध में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मदरसा बोर्ड को पत्र भेजकर मार्गदर्शन मांगा है।

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दारूल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम को मदरसा बोर्ड ने 28 सितंबर 1948 को उच्च आलिया स्तर की स्थाई मान्यता दे दी थी। इस मदरसे के आलिया सेक्सन में मूल रूप से संत कबीर नगर जिले का रहने वाला शमसुल हुदा खान 12 जुलाई 1984 में शिक्षक नियुक्त हुआ। 
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अपनी नियुक्ति के कुछ ही वर्षों बाद वह अवैतनिक अवकाश लेकर देश- विदेश की यात्रा करने लगा था। इसी दौरान उसने दिसंबर 2013 में ब्रिटेन की नागरिकता ले लिया। उधर दोहरी नागरिकता के बाद भी मुबारकपुर के मदरसे में शिक्षक बना रहा। इसके बाद वर्ष 2017 में स्वैच्छित सेवानिवृत्ति ले लिया। 

सता रही चिंता

इस मामले की शिकायत के बाद जांच में एटीएस ने मामला सही पाया। इसके बाद मदरसा बोर्ड की रजिस्ट्रार अंजना सिरोही ने दारूल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम की मान्यता नौ जनवरी को निलंबित कर दी। इसमें तैनात 80 शिक्षक-कर्मचारियों का अग्रिम आदेश तक वेतन रोक दिया गया है। 

मान्यता निलंबित होने के बाद इससे पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य अधर में हो गया है। तहतानिया यानी कक्षा एक से लेकर आठ तक 1821 और आलिया यानी कक्षा नौ से 12 तक कुल 857 छात्र मदरसे में तालीम ले रहे हैं। छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा को लेकर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मदरसा बोर्ड को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है।

बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकृत हैं इस मदरसे के 406 छात्र
मदरसा बोर्ड की परीक्षा में दारूल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम आज तक परीक्षा केंद्र नहीं बना, जबकि इसमें हर वर्ष छात्रों की संख्या अच्छीखासी रहती है। इस बार ही आलिया सेक्शन में 867 छात्र हैं। इसमें से कक्षा 10 और 12 के 407 छात्र नौ फरवरी से शुरू होने वाली मदरसा बोर्ड की परीक्षा देंगे।

मदरसे में तालीम ले रहे छात्रों की संख्या अधिक है। मान्यता निलंबित होने के बाद इनके भविष्य को देखते हुए मदरसा बोर्ड को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा गया है। वहां से जो निर्देश होगा उसके अनुपालन में आगे की कार्रवाई की जाएगी। मदरसे में तैनात कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। मान्यता प्रत्याहरण के संबंध में ऊपर से अभी कुछ निर्देश नहीं आया है। - वर्षा अग्रवाल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।

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