UP Weather: चटख धूप के बाद भी गलन बरकरार, लुढ़का पारा; कोहरे के कारण दो घंटे विलंब से पहुंची कैफियत डाउन
Azamgarh News: आजमगढ़ में भी धूप निकलने से लोगों ने राहत की सांस ली। ठंड और गलन बरकरार रही। बच्चे-बुजुर्ग छतों और घर के बाहर बैठे। वहीं, सोमवार को अधिकतम तापमान 21.4 और न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
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UP Weather News: जिले में मौसम परिवर्तन के चलते अलसुबह ही धूप निकल रही है। लगातार तीसरे दिन मौसम खुलने के बावजूद गलन बरकरार रही। पूरे दिन चटख धूप निकलने के बावजूद पछुआ हवा के चलने से अधिकतम में 1.3 डिग्री तो न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। धूप निकलने पर लोग पार्कों में घूमते मिले। वहीं बच्चे खेलते नजर आए।
इस वर्ष जिले में शीतलहर चलने से लंबे समय से ठंड के कारण घरों में दुबके रहने वाले बुजुर्गों और बच्चों के लिए दिन राहत भरा रहा। धूप के बावजूद घरों और कमरों में नमी और गलन बनी रही, जिससे पूरी तरह से ठंड से राहत नहीं मिल सकी। शाम होते ही गलन बढ़ गई।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। इसके चलते आने वाले दिनों में कोहरे की तीव्रता में कमी आने और ठंड से कुछ हद तक राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। सोमवार को अधिकतम तापमान 21.4 और न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
दो घंटे विलंब से पहुंची कैफियत डाउन
दिल्ली एनसीआर में अभी भी कोहरा का प्रकोप जारी है। इसके चलते लाइफलाइन कही जाने वाली कैफियत डाउन काफी विलंब से आजमगढ़ स्टेशन पर पहुंच रही है। इसके चलते यात्रियों को काफी दिक्कतें हुई। सोमवार को दिल्ली से चलकर आजमगढ़ तक चलने वाली कैफियत डाउन आजमगढ़ में दो घंटे विलंब से पहुंची।
उधर, साबरमती अप (19166) खुरासन रोड, सरायमीर व आजमगढ़ में एक घंटे लेट पहुंची। इसके चलते यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, आजमगढ़ से बनकर दिल्ली तक जाने वाली कैफियत अप (12225) अपने निर्धारित समय से सिर्फ आठ मिनट देर से दिल्ली के लिए रवाना हुई।
सर्दी में लोगों को सता रहा है जुकाम, बुखार
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलपुर में सर्दी-जुकाम, बुखार और गले में संक्रमण से पीड़ित मरीज सबसे अधिक पहुंच रहे हैं। अधीक्षक डाॅ. अखिलेश कुमार ने बताया कि ठंड के मौसम में छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। सोमवार को ओपीडी ओपीडी में 294 लोग आए। इसमें 50 से अधिक बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें निमोनिया पीड़ित बच्चों की संख्या अधिक है।
बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक है। चिकित्सकों के अनुसार ठंड के मौसम में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। खासकर नवजात और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे ठंड के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। सुबह और शाम ठंडी हवा, कोहरा और अचानक तापमान में गिरावट बच्चों को जल्दी बीमार कर देती हैं।