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मातनपुर उपकेंद्र : छह घंटे में 50 से ज्यादा बार कटी बिजली
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आजमगढ़। शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र इस बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई है। शेड्यूल के अनुसार कहीं भी बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। भीषण गर्मी जहां लोगों का दिन का चैन छीन रही वहीं, बिजली रात का सुकून।
जिले में 80 उपकेंद्रों से बिजली आपूर्ति की जाती है। इधर करीब दो दिनों से मौसम साफ होने से दिन का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। लोग पसीने से तरबतर हो रहे हैं। इस समय जब जब लोगों को बिजली की आवश्यकता है तो बिजली मिल नहीं रही है। सबसे खराब स्थिति शहर के मातनपुर उपकेंद्र हैं। इसके अंतर्गत 70 हजार से अधिक की आबादी है। हाल यह है कि आराजीबाग, करतालपुर आदि क्षेत्रों में सोमवार और मंगलवार को दिन में बिजली गायब थी। शाम को करीब सात बजे बिजली आई तो रात एक बजे तक करीब 50 बार कटी। यही हाल मुबारकपुर डिवीजन के मोहब्बतपुर उपकेंद्र का हो गया है।
सोमवार को शाम सात बजे से ही बिजली गायब हो गई थी और रात 12 बजे के बाद आई। मंगलवार को भी रात नौ बजे बिजली कट गई और करीब एक बजे आई। अघोषित बिजली कटौती से इस उपकेंद्र से जुड़े करीब 40 हजार की आबादी परेशान हो रही है। दिन तो किसी तरह से कट जा रहा लेकिन बिना बिजली के रात काटना मुश्किल हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में मुश्किल से 12 घंटे तक बिजली मिल पा रही है। उपकेंद्र फुलपुर, मेंहनगर, मोहम्मदपुर में भी यही हाल है।
बरदह: विद्युत उपकेंद्र से पांच फीडर बरदह, बहादुरपुर, जिवली, राजगंज व बड़गहन संचालित होता है। पांचों फीडरों की स्थिति इस समय खराब चल रही है। रात के समय कभी एक तो कभी आधे घंटे पर बिजली कट जा रही है। इस संबंध में जेई आतिश यादव ने बताया कि रात में सारनाथ वाराणसी से लगभग दो घंटे की रोस्टिंग के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी।
चार घंटों में 12 बार ट्रिप की बिजली-बूढ़नपुर। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उपकेंद्र रेड़हा, सिकहुला, मिश्रौलिया, रानीपुर, मदियापार और गोपालगंज की बिजली शाम छह बजे से रात दस बजे के बीच करीब 12 बार ट्रिप की है। राजकुमार पटेल, शिवकुमार, संजय ने बताया कि मुश्किल से 12 घंटे बिजली मिल पा रही है। इधर दो, तीन दिनों से रात 10 बजे तक बार-बार बिजली ट्रिप कर जा रही है। रात में कभी 12 तो कभी एक बजे बिजली आ रही है।संवाद
छह घंटे ठप रही 20 गांवों की आपूर्ति-पवई। उपकेंद्र पवई के बेलवाई फीडर से शाहमर्दानपुर, मरहट, अलीनगर, रामपुर, जमुहट सहित 20 गांव जुड़े हैं। सत्येंद्र सिंह, रामजीत यादव, आनंद सिंह ने बताया कि बिना किसी पूर्व सूचना के ही दिन में 11 बजे बिजली कट गई। शाम पांच बजे तक इंतजार करते रहे लेकिन बिजली नहीं है। एसडीओ अवधेश सिंह यादव ने बताया कि बेलवाई फीडर से एक प्रतापपुर के नाम से नया फीडर बनाया जा रहा है। इस कारण आपूर्ति ठप है। काम पूरा होने के बाद आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।संवाद
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गर्मी में बिजली की मांग बढ़ी है। सभी क्षेत्रों में शेड्यूल के अनुसार ही आपूर्ति की जा रही है। जिन क्षेत्रों में फाल्ट या कोई तकनीकी खराबी आती है तो उसे ठीक करने के लिए शटडाउन लिया जाता है। रही बात मातनपुर उपकेंद्र की तो मैं उसको दिखवाता हूं कि क्यों अधिक बिजली कटौती की जा रही है। - राजकुमार सिंह , अधिशासी अभियंता प्रथम।
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मेरे किसी भी ट्रांसमिशन में बिजली की कोई कमी नहीं है। ग्रामीण को 18, तहसील को 21 और शहरी क्षेत्र के उपकेंद्रों को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। अगर कोई ट्रांसमिशन से बिजली कटौती की बात कह रहा तो वह गलत है। - मो. अरशद राईनी, अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन।
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जिले में 80 उपकेंद्रों से बिजली आपूर्ति की जाती है। इधर करीब दो दिनों से मौसम साफ होने से दिन का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। लोग पसीने से तरबतर हो रहे हैं। इस समय जब जब लोगों को बिजली की आवश्यकता है तो बिजली मिल नहीं रही है। सबसे खराब स्थिति शहर के मातनपुर उपकेंद्र हैं। इसके अंतर्गत 70 हजार से अधिक की आबादी है। हाल यह है कि आराजीबाग, करतालपुर आदि क्षेत्रों में सोमवार और मंगलवार को दिन में बिजली गायब थी। शाम को करीब सात बजे बिजली आई तो रात एक बजे तक करीब 50 बार कटी। यही हाल मुबारकपुर डिवीजन के मोहब्बतपुर उपकेंद्र का हो गया है।
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सोमवार को शाम सात बजे से ही बिजली गायब हो गई थी और रात 12 बजे के बाद आई। मंगलवार को भी रात नौ बजे बिजली कट गई और करीब एक बजे आई। अघोषित बिजली कटौती से इस उपकेंद्र से जुड़े करीब 40 हजार की आबादी परेशान हो रही है। दिन तो किसी तरह से कट जा रहा लेकिन बिना बिजली के रात काटना मुश्किल हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में मुश्किल से 12 घंटे तक बिजली मिल पा रही है। उपकेंद्र फुलपुर, मेंहनगर, मोहम्मदपुर में भी यही हाल है।
बरदह: विद्युत उपकेंद्र से पांच फीडर बरदह, बहादुरपुर, जिवली, राजगंज व बड़गहन संचालित होता है। पांचों फीडरों की स्थिति इस समय खराब चल रही है। रात के समय कभी एक तो कभी आधे घंटे पर बिजली कट जा रही है। इस संबंध में जेई आतिश यादव ने बताया कि रात में सारनाथ वाराणसी से लगभग दो घंटे की रोस्टिंग के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी।
चार घंटों में 12 बार ट्रिप की बिजली-बूढ़नपुर। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उपकेंद्र रेड़हा, सिकहुला, मिश्रौलिया, रानीपुर, मदियापार और गोपालगंज की बिजली शाम छह बजे से रात दस बजे के बीच करीब 12 बार ट्रिप की है। राजकुमार पटेल, शिवकुमार, संजय ने बताया कि मुश्किल से 12 घंटे बिजली मिल पा रही है। इधर दो, तीन दिनों से रात 10 बजे तक बार-बार बिजली ट्रिप कर जा रही है। रात में कभी 12 तो कभी एक बजे बिजली आ रही है।संवाद
छह घंटे ठप रही 20 गांवों की आपूर्ति-पवई। उपकेंद्र पवई के बेलवाई फीडर से शाहमर्दानपुर, मरहट, अलीनगर, रामपुर, जमुहट सहित 20 गांव जुड़े हैं। सत्येंद्र सिंह, रामजीत यादव, आनंद सिंह ने बताया कि बिना किसी पूर्व सूचना के ही दिन में 11 बजे बिजली कट गई। शाम पांच बजे तक इंतजार करते रहे लेकिन बिजली नहीं है। एसडीओ अवधेश सिंह यादव ने बताया कि बेलवाई फीडर से एक प्रतापपुर के नाम से नया फीडर बनाया जा रहा है। इस कारण आपूर्ति ठप है। काम पूरा होने के बाद आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।संवाद
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गर्मी में बिजली की मांग बढ़ी है। सभी क्षेत्रों में शेड्यूल के अनुसार ही आपूर्ति की जा रही है। जिन क्षेत्रों में फाल्ट या कोई तकनीकी खराबी आती है तो उसे ठीक करने के लिए शटडाउन लिया जाता है। रही बात मातनपुर उपकेंद्र की तो मैं उसको दिखवाता हूं कि क्यों अधिक बिजली कटौती की जा रही है। - राजकुमार सिंह , अधिशासी अभियंता प्रथम।
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मेरे किसी भी ट्रांसमिशन में बिजली की कोई कमी नहीं है। ग्रामीण को 18, तहसील को 21 और शहरी क्षेत्र के उपकेंद्रों को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। अगर कोई ट्रांसमिशन से बिजली कटौती की बात कह रहा तो वह गलत है। - मो. अरशद राईनी, अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन।