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मुबारकपुर नपा: 89 लाख के ईपीएफ घोटाले में फर्म दोषी, ईओ को क्लीनचिट पर उठे सवाल

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 08 May 2026 01:31 AM IST
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Mubarakpur Municipal Corporation: Firm found guilty in 89 lakh EPF scam, questions raised over clean chit given to EO
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आजमगढ़। मुबारकपुर नगरपालिका में कर्मचारियों के हक पर डाका डालने वाली फर्म ''कॉंटिनेंटल सिक्योरिटी सर्विस'' के खिलाफ जांच रिपोर्ट ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। दो सदस्यीय जांच कमेटी ने ईपीएफ और ईएसआईसी के 89 लाख रुपये के घोटाले में फर्म को तो दोषी ठहराया है, लेकिन नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) को क्लीनचिट दे दी है। इस फैसले पर सवाल उठाते हुए शिकायतकर्ता आमिर फहीम ने मंडलायुक्त और अपर आयुक्त से दोबारा गुहार लगाई है।
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कॉंटिनेंटल सिक्योरिटी सर्विस को मुबारकपुर नगरपालिका में आउटसोर्सिंग का टेंडर मिला था। आरोप है कि फर्म ने नगरपालिका के 294 कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ और ईएसआईसी के नाम पर 12 प्रतिशत की कटौती की, लेकिन करीब 44 लाख रुपये विभाग में जमा नहीं किए। हद तो तब हो गई जब नगरपालिका ने फर्म को 45 लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान भी कर दिया, जिसे फर्म ने कर्मचारियों के अंशदान में जमा करने के बजाय डकार लिया। इस प्रकार फर्म पर कुल 89 लाख रुपये के गबन का आरोप है।
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जांच रिपोर्ट पर उठ रहे सवाल-शिकायतकर्ता आमिर फहीम की शिकायत पर अपर आयुक्त प्रशासन शमशाद हुसैन ने एसडीएम सदर और मुख्य कोषाधिकारी की टीम गठित की थी। टीम की रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईओ ने फर्म को लगातार नोटिस जारी किए थे, इसलिए उन्हें आरोपों से बरी किया जाता है। कमेटी ने फर्म को दोषी मानते हुए उसका 6 लाख रुपये का भुगतान रोकने की संस्तुति की है। फर्म पर फर्जी एफडीआर लगाने का भी आरोप था, जिसे जांच टीम ने 2024 के एक नए शासनादेश का हवाला देकर खारिज कर दिया।

शिकायतकर्ता की दलील-शिकायतकर्ता आमिर फहीम का कहना है कि जिस शासनादेश के दम पर फर्जी एफडीआर के आरोप को खारिज किया गया, वह टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद आया था। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब फर्म ईपीएफ जमा नहीं कर रही थी, तो उसे लाखों का भुगतान क्यों किया गया? केवल नोटिस जारी करना ईओ की जिम्मेदारी की इतिश्री नहीं हो सकती। इन विसंगतियों को देखते हुए अब मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
जांच रिपोर्ट के बारे में हमेें जानकारी नहीं है। शिकायतकर्ता ने दोबारा शिकायत की है। अब फिर से टीम बनाकर जांच कराई जाएगी। अगर इसमें वह दोषी पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -शमशाद हुसैन, अपर आयुक्त प्रशासन।
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