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Azamgarh News: 6.5 करोड़ से सरायमोहन से उमरीश्री गांव तक बनेगी सड़क
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जिले के दो एनएच-233 और एनएच-28 को जोड़ने की तैयारी एनएचएआई ने पूरी कर ली है। 6.5 करोड़ रुपये से एक नया रोड बनाने का निर्णय लिया है, जो एनएच-233 के सरायमोहन गांव से शुरू होकर एनएच-28 के उमरीश्री गांव के पास जाकर मिलेगा।
इसके लिए किसानों से जमीन का अधिग्रहण भी किया जाएगा। वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग से अगर किसी को बरदह या ठेकमा आना है तो लगभग 75 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। पहले वह वाराणसी से 75 किमी चलकर मुहम्मदपुर पहुंचता है। इसके बाद 11 किमी की दूरी तय कर ठेकमा और फिर 12 किमी चलकर बरदह पहुंचना पड़ता है।
इतना ही नहीं, अगर कोई जौनपुर से आजमगढ़ की तरफ आ रहा है और उसे बीच में लालगंज या देवगांव जाना पड़ता है तो उसे 40 किमी दूरी तय कर पहले मुहम्मदपुर आना पड़ता है। इसके बाद वह फिर लगभग 25 किमी की दूरी तय कर लालगंज और फिर लगभग आठ किमी की दूरी तय कर देवगांव पहुंचता है।
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अब जल्द ही उन्हें इससे छुटकारा मिलने वाला है, क्योंकि एनएचएआई अब एक नए रोड का निर्माण कराने जा रहा है। इस मार्ग के निर्माण के लिए एनएचएआई ने 6.5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है।
8.8 किमी लंबे इस मार्ग के निर्माण के लिए एनएचएआई ने सर्वे भी शुरू कर दिया है। सर्वे का कार्य पूरा होने के बाद किसानों से जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। एक तरह से यह मार्ग ठेकमा के बाईपास मार्ग का कार्य भी करेगा। इस मार्ग के बनने के बाद लोगों की दूरी काफी कम हो जाएगी। एनएचएआई ने इस योजना पर काम भी शुरू कर दिया है।
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नई सड़क के निर्माण से होने वाले प्रमुख फायदे:
दूरी में कमी : वाराणसी, आजमगढ़, जौनपुर और आसपास के क्षेत्रों के बीच यात्रा की दूरी काफी कम हो जाएगी।
समय की बचत : यात्रा में लगने वाला समय बचेगा, जिससे लोगों को सुविधा होगी।
यातायात सुगमता : ठेकमा जैसे क्षेत्रों के लिए बाईपास का काम करेगा, जिससे स्थानीय यातायात में सुधार होगा।
आर्थिक विकास को बढ़ावा: बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र में व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा मिलेगा।
-- -वर्जन
हमारी ओर से एनएच-233 और एनएच-28 को जोड़ने के लिए सरायमोहन से उमरीश्री तक नए रोड के निर्माण की मंजूरी मिली है। इस योजना पर कुल 6.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सर्वे का कार्य भी शुरू हो गया है। सर्वे का कार्य पूरा होने के बाद जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी। यह रोड ठेकमा बाजार के बाईपास का भी कार्य करेगा। -पीयूष अग्रवाल, पीडी एनएचएआई
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इसके लिए किसानों से जमीन का अधिग्रहण भी किया जाएगा। वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग से अगर किसी को बरदह या ठेकमा आना है तो लगभग 75 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। पहले वह वाराणसी से 75 किमी चलकर मुहम्मदपुर पहुंचता है। इसके बाद 11 किमी की दूरी तय कर ठेकमा और फिर 12 किमी चलकर बरदह पहुंचना पड़ता है।
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इतना ही नहीं, अगर कोई जौनपुर से आजमगढ़ की तरफ आ रहा है और उसे बीच में लालगंज या देवगांव जाना पड़ता है तो उसे 40 किमी दूरी तय कर पहले मुहम्मदपुर आना पड़ता है। इसके बाद वह फिर लगभग 25 किमी की दूरी तय कर लालगंज और फिर लगभग आठ किमी की दूरी तय कर देवगांव पहुंचता है।
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अब जल्द ही उन्हें इससे छुटकारा मिलने वाला है, क्योंकि एनएचएआई अब एक नए रोड का निर्माण कराने जा रहा है। इस मार्ग के निर्माण के लिए एनएचएआई ने 6.5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है।
8.8 किमी लंबे इस मार्ग के निर्माण के लिए एनएचएआई ने सर्वे भी शुरू कर दिया है। सर्वे का कार्य पूरा होने के बाद किसानों से जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। एक तरह से यह मार्ग ठेकमा के बाईपास मार्ग का कार्य भी करेगा। इस मार्ग के बनने के बाद लोगों की दूरी काफी कम हो जाएगी। एनएचएआई ने इस योजना पर काम भी शुरू कर दिया है।
नई सड़क के निर्माण से होने वाले प्रमुख फायदे:
दूरी में कमी : वाराणसी, आजमगढ़, जौनपुर और आसपास के क्षेत्रों के बीच यात्रा की दूरी काफी कम हो जाएगी।
समय की बचत : यात्रा में लगने वाला समय बचेगा, जिससे लोगों को सुविधा होगी।
यातायात सुगमता : ठेकमा जैसे क्षेत्रों के लिए बाईपास का काम करेगा, जिससे स्थानीय यातायात में सुधार होगा।
आर्थिक विकास को बढ़ावा: बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र में व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा मिलेगा।
हमारी ओर से एनएच-233 और एनएच-28 को जोड़ने के लिए सरायमोहन से उमरीश्री तक नए रोड के निर्माण की मंजूरी मिली है। इस योजना पर कुल 6.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सर्वे का कार्य भी शुरू हो गया है। सर्वे का कार्य पूरा होने के बाद जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी। यह रोड ठेकमा बाजार के बाईपास का भी कार्य करेगा। -पीयूष अग्रवाल, पीडी एनएचएआई