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Azamgarh News: अफवाहों से गांवों के कई पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म के लगे बोर्ड, शहर के पंपों पर कतार
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पवई में किसान सेवा केंद्र गालिबपुर पर पेट्रोल लेने के लिए लगी लंबी लाइन। संवाद
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आजमगढ़। जिले में घरेलू गैस के बाद अब पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाह ने जोर पकड़ लिया है। बृहस्पतिवार को इस अफवाह का ऐसा असर दिखा कि शहर से लेकर गांव तक पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीण क्षेत्रों मेंअंबारी, अतरौलिया, पवई, लाटघाट आदि क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म होने से कई पंप बंद हो गए। इससे शहर के स्टेशनों पर दबाव और बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को कई पंपों पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
शहर के सिविल लाइन और बाईपास स्थित पंपों पर दोपहर होते-होते सैकड़ों वाहन जमा हो गए। तेल लेने की होड़ में लोग आपस में और सेल्समैन से उलझते नजर आए। आकांक्षा फिलिंग स्टेशन के मैनेजर ने भीड़ बेकाबू होते देख पुलिस बुलाई, जिसके बाद कतारें लगवाकर आपूर्ति शुरू कराई गई। मैनेजर राजविजय यादव पप्पू ने बताया कि डीजल-पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। तीन दिन तक का स्टॉक सुरक्षित है। सिविल लाइन स्थित अग्रवाल पेट्रोल पंप पर दोपहर में घंटे भर तक जबरदस्त कतारें लगी रहीं। मैनेजर सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। लोग अफवाहों पर पैनिक हो रहे हैं। यही हाल फूलपुर, बिलरियागंज और सगड़ी क्षेत्रों में भी रहा, जहाँ लोग अपनी गाड़ियों की टंकियाँ फुल कराने के लिए घंटों इंतजार करते दिखे।
गैलन और डिब्बे में तेल देने पर सख्त पाबंदी
अफवाहों के बीच बड़ी संख्या में लोग गैलन और ड्रम लेकर स्टॉक करने पहुंच रहे हैं। मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव कुमार ओझा और प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी विकास सिंह ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सूरत में डिब्बे या गैलन में तेल नहीं दिया जाएगा। यदि कोई पंप संचालक ऐसा करते पाया गया, तो उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार निजामाबाद चमन सिंह राणा ने भी क्षेत्र के पंपों का निरीक्षण कर इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा।
ग्रामीण इलाकों में संकट: खेती और दफ्तर प्रभावित
किल्लत की अफवाह का सबसे बुरा असर किसानों पर पड़ रहा है। फसल कटाई और मड़ाई का समय होने के कारण हार्वेस्टर और थ्रेशर के लिए डीजल न मिलने से किसान परेशान हैं। वहीं, अतरौलिया, पवई, लाटघाट और अंबारी के कई पंपों पर ''तेल खत्म'' के बोर्ड लटकने से नौकरीपेशा और छात्रों को गंतव्य तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
लोग अनावश्यक रूप से तेल स्टोर न करें। जिले में पर्याप्त ईंधन सुरक्षित है। केवल वाहनों में ही तेल दिया जाएगा, पैनिक होकर भीड़ न बढ़ाएं।
— विकास कुमार सिंह, प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी
पेट्रोल न मिलने से सबसे अधिक दिक्कत नौकरीपेशा, छात्रों और व्यापारियों को हो रही है। समय पर कार्यालय और शिक्षण संस्थानों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। वहीं छोटे व्यवसायियों का काम भी प्रभावित हो रहा है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। -लक्ष्मण तिवारी, निवासी पवई।
गेहूं की फसल पककर तैयार है, लेकिन हार्वेस्टर व थ्रेशर मशीनों के संचालन के लिए डीजल नहीं मिल पा रहा है। कई पेट्रोल पंपों पर डीजल की कमी से मशीनें खड़ी हैं। जल्द डीजल की आपूर्ति सुचारु नहीं हुई तो तैयार फसल खेतों में ही खराब होने लगेंगी। -राम सिंह, निवासी सुम्हाडीह।
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शहर के सिविल लाइन और बाईपास स्थित पंपों पर दोपहर होते-होते सैकड़ों वाहन जमा हो गए। तेल लेने की होड़ में लोग आपस में और सेल्समैन से उलझते नजर आए। आकांक्षा फिलिंग स्टेशन के मैनेजर ने भीड़ बेकाबू होते देख पुलिस बुलाई, जिसके बाद कतारें लगवाकर आपूर्ति शुरू कराई गई। मैनेजर राजविजय यादव पप्पू ने बताया कि डीजल-पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। तीन दिन तक का स्टॉक सुरक्षित है। सिविल लाइन स्थित अग्रवाल पेट्रोल पंप पर दोपहर में घंटे भर तक जबरदस्त कतारें लगी रहीं। मैनेजर सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। लोग अफवाहों पर पैनिक हो रहे हैं। यही हाल फूलपुर, बिलरियागंज और सगड़ी क्षेत्रों में भी रहा, जहाँ लोग अपनी गाड़ियों की टंकियाँ फुल कराने के लिए घंटों इंतजार करते दिखे।
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गैलन और डिब्बे में तेल देने पर सख्त पाबंदी
अफवाहों के बीच बड़ी संख्या में लोग गैलन और ड्रम लेकर स्टॉक करने पहुंच रहे हैं। मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव कुमार ओझा और प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी विकास सिंह ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सूरत में डिब्बे या गैलन में तेल नहीं दिया जाएगा। यदि कोई पंप संचालक ऐसा करते पाया गया, तो उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार निजामाबाद चमन सिंह राणा ने भी क्षेत्र के पंपों का निरीक्षण कर इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा।
ग्रामीण इलाकों में संकट: खेती और दफ्तर प्रभावित
किल्लत की अफवाह का सबसे बुरा असर किसानों पर पड़ रहा है। फसल कटाई और मड़ाई का समय होने के कारण हार्वेस्टर और थ्रेशर के लिए डीजल न मिलने से किसान परेशान हैं। वहीं, अतरौलिया, पवई, लाटघाट और अंबारी के कई पंपों पर ''तेल खत्म'' के बोर्ड लटकने से नौकरीपेशा और छात्रों को गंतव्य तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
लोग अनावश्यक रूप से तेल स्टोर न करें। जिले में पर्याप्त ईंधन सुरक्षित है। केवल वाहनों में ही तेल दिया जाएगा, पैनिक होकर भीड़ न बढ़ाएं।
— विकास कुमार सिंह, प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी
पेट्रोल न मिलने से सबसे अधिक दिक्कत नौकरीपेशा, छात्रों और व्यापारियों को हो रही है। समय पर कार्यालय और शिक्षण संस्थानों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। वहीं छोटे व्यवसायियों का काम भी प्रभावित हो रहा है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। -लक्ष्मण तिवारी, निवासी पवई।
गेहूं की फसल पककर तैयार है, लेकिन हार्वेस्टर व थ्रेशर मशीनों के संचालन के लिए डीजल नहीं मिल पा रहा है। कई पेट्रोल पंपों पर डीजल की कमी से मशीनें खड़ी हैं। जल्द डीजल की आपूर्ति सुचारु नहीं हुई तो तैयार फसल खेतों में ही खराब होने लगेंगी। -राम सिंह, निवासी सुम्हाडीह।

पवई में किसान सेवा केंद्र गालिबपुर पर पेट्रोल लेने के लिए लगी लंबी लाइन। संवाद