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Azamgarh News: नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म में दो दोषी, 8-8 साल की सजा
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आजमगढ़। नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने दो आरोपियों को 8-8 वर्ष के सश्रम कारावास तथा प्रत्येक को 22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला संतोष कुमार यादव, पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश ने बुधवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार जीयनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से 12 नवंबर 2014 की रात एक नाबालिग किशोरी घर से गायब हो गई थी। किशोरी के पिता ने गांव के ही कमलेश के खिलाफ पुत्री के अपहरण का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।
लगभग 15 दिन बाद पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर लिया। जांच के दौरान रवि कुमार निवासी वलीदपुर मठिया थाना मुहम्मदाबाद जनपद मऊ और पीड़िता के गांव के कंचन और अनीता का नाम प्रकाश में आया।
पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद सभी आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। मुकदमे के दौरान अनीता की फाइल अलग कर दी गई, जबकि कंचन के गैरहाजिर रहने पर उसके विरुद्ध स्थायी वारंट जारी कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष की ओर से कुल दस गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी कमलेश व रवि कुमार को दोषी पाते हुए दोनों को 8-8 वर्ष के सश्रम कारावास और प्रत्येक को 22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार जीयनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से 12 नवंबर 2014 की रात एक नाबालिग किशोरी घर से गायब हो गई थी। किशोरी के पिता ने गांव के ही कमलेश के खिलाफ पुत्री के अपहरण का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।
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लगभग 15 दिन बाद पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर लिया। जांच के दौरान रवि कुमार निवासी वलीदपुर मठिया थाना मुहम्मदाबाद जनपद मऊ और पीड़िता के गांव के कंचन और अनीता का नाम प्रकाश में आया।
पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद सभी आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। मुकदमे के दौरान अनीता की फाइल अलग कर दी गई, जबकि कंचन के गैरहाजिर रहने पर उसके विरुद्ध स्थायी वारंट जारी कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष की ओर से कुल दस गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी कमलेश व रवि कुमार को दोषी पाते हुए दोनों को 8-8 वर्ष के सश्रम कारावास और प्रत्येक को 22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।