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बरसात से पहले बन जाएं निर्माणाधीन सड़कें : डीएम
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आजमगढ़। कलेक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार काे जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड के आधार पर विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। इसमें अप्रैल 2026 की प्रगति, राजस्व एवं विकास कार्यों के साथ-साथ 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा की गई। सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि बरसात से पहले सभी निर्माणाधीन सड़कों को अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। डीएम ने विभागों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता ना बरती जाए।
पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बैंक स्तर पर लंबित ऋण आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 90 प्रतिशत से अधिक पूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। वहीं जननी सुरक्षा योजना में लाभार्थी महिलाओं को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने तथा पोर्टल पर अद्यतन फीडिंग करने के निर्देश दिए गए। जल जीवन मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा में कार्यदायी संस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार प्रोजेक्ट अलंकार के तहत विद्यालयों के निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कर पोर्टल पर डाटा फीड करने को कहा। इसके साथ ही पोषण अभियान, पेंशन, उज्ज्वला योजना एवं बाल सेवा योजना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण गंभीरता से करें -आजमगढ़। कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम की अध्यक्षता में जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त विभिन्न विभागों की शिकायतों के निस्तारण को लेकर बृहस्पतिवार को बैठक हुई। बैठक में डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण गंभीरता और गुणवत्ता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की गलत आख्या स्वीकार नहीं की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी अधिकारी नवीनतम शासनादेशों का अध्ययन करें और शिकायतों को स्वतः संज्ञान लेकर नियमित रूप से मॉनिटर करें। उन्होंने विशेष रूप से विद्युत विभाग के मामलों में शिकायतों की मौके पर जांच कर सत्यापन कराने के निर्देश दिए। चकबंदी विभाग को सीमांकन से जुड़े प्रकरणों में मौके पर जाकर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। चेतावनी दी कि किसी भी स्थिति में डिफाल्टर श्रेणी में प्रकरण नहीं जाने चाहिए और असंतुष्ट फीडबैक को गंभीरता से लिया जाए। जिन ग्रामों में अधिक शिकायतें या असंतुष्ट फीडबैक हैं, वहां अधिकारियों को स्वयं जाकर समाधान कराने के निर्देश दिए गए।
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गोआश्रय स्थलों में तीन दिन में हरे चारे की करें बोआई-आजमगढ़। कलेक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार की शाम गोवंश संरक्षण से संबंधित जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक डीएम की अध्यक्षता में हुई। इसमें जिले के गोआश्रय स्थलों में संरक्षित निराश्रित गोवंशों के भरण-पोषण, संरक्षण एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की। कहा कि जिन गोआश्रय स्थलों पर अभी तक हरे चारे की बोआई नहीं की गई है, वहां संबंधित बीडीओ तीन दिन के भीतर जोताई एवंबोआई सुनिश्चित करें। जिन गोआश्रय स्थलों पर फॉगर्स खराब पड़े हैं, उन्हें दुरुस्त कराने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी गोवंशों को श्रेणीवार अलग-अलग रखा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन स्थलों पर गोवंशों की संख्या 100 से कम है, उनकी क्षमता विस्तार कर 100 से अधिक करने की जाए। गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए डीएम ने शेड को ग्रीन पर्दों या बोरे से ढकने, नियमित पानी छिड़काव करने तथा फॉगिंग व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी छह माह के लिए भूसा भंडारण की व्यवस्था एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने तथा गोआश्रय स्थलों की सुरक्षा के लिए बायो-फेंसिंग अपनाने के निर्देश दिए।
पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बैंक स्तर पर लंबित ऋण आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 90 प्रतिशत से अधिक पूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। वहीं जननी सुरक्षा योजना में लाभार्थी महिलाओं को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने तथा पोर्टल पर अद्यतन फीडिंग करने के निर्देश दिए गए। जल जीवन मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा में कार्यदायी संस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार प्रोजेक्ट अलंकार के तहत विद्यालयों के निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कर पोर्टल पर डाटा फीड करने को कहा। इसके साथ ही पोषण अभियान, पेंशन, उज्ज्वला योजना एवं बाल सेवा योजना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण गंभीरता से करें -आजमगढ़। कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम की अध्यक्षता में जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त विभिन्न विभागों की शिकायतों के निस्तारण को लेकर बृहस्पतिवार को बैठक हुई। बैठक में डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण गंभीरता और गुणवत्ता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की गलत आख्या स्वीकार नहीं की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी अधिकारी नवीनतम शासनादेशों का अध्ययन करें और शिकायतों को स्वतः संज्ञान लेकर नियमित रूप से मॉनिटर करें। उन्होंने विशेष रूप से विद्युत विभाग के मामलों में शिकायतों की मौके पर जांच कर सत्यापन कराने के निर्देश दिए। चकबंदी विभाग को सीमांकन से जुड़े प्रकरणों में मौके पर जाकर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। चेतावनी दी कि किसी भी स्थिति में डिफाल्टर श्रेणी में प्रकरण नहीं जाने चाहिए और असंतुष्ट फीडबैक को गंभीरता से लिया जाए। जिन ग्रामों में अधिक शिकायतें या असंतुष्ट फीडबैक हैं, वहां अधिकारियों को स्वयं जाकर समाधान कराने के निर्देश दिए गए।
गोआश्रय स्थलों में तीन दिन में हरे चारे की करें बोआई-आजमगढ़। कलेक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार की शाम गोवंश संरक्षण से संबंधित जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक डीएम की अध्यक्षता में हुई। इसमें जिले के गोआश्रय स्थलों में संरक्षित निराश्रित गोवंशों के भरण-पोषण, संरक्षण एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की। कहा कि जिन गोआश्रय स्थलों पर अभी तक हरे चारे की बोआई नहीं की गई है, वहां संबंधित बीडीओ तीन दिन के भीतर जोताई एवंबोआई सुनिश्चित करें। जिन गोआश्रय स्थलों पर फॉगर्स खराब पड़े हैं, उन्हें दुरुस्त कराने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी गोवंशों को श्रेणीवार अलग-अलग रखा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन स्थलों पर गोवंशों की संख्या 100 से कम है, उनकी क्षमता विस्तार कर 100 से अधिक करने की जाए। गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए डीएम ने शेड को ग्रीन पर्दों या बोरे से ढकने, नियमित पानी छिड़काव करने तथा फॉगिंग व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी छह माह के लिए भूसा भंडारण की व्यवस्था एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने तथा गोआश्रय स्थलों की सुरक्षा के लिए बायो-फेंसिंग अपनाने के निर्देश दिए।