रानी की सराय। कोटवा स्थित कृषि महाविद्यालय में कृषि स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं तथा महिलाओं को आधुनिक तकनीकी ज्ञान एवं कौशल विकास के उद्देश्य से ‘कृषि में ड्रोन का महत्त्व’ विषय पर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में आईएफएफसीओ फर्टिलाइजर कंपनी प्रा. लि. के क्षेत्रीय कार्यालय लालगंज से आए विशेषज्ञ दुष्यंत सिंह ने छात्रों को कृषि ड्रोन की उपयोगिता, संचालन एवं उसके विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। साथ ही खेतों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक एवं उर्वरक छिड़काव का सजीव प्रदर्शन भी किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि ड्रोन तकनीक से समय और लागत दोनों की बचत होती है तथा खेती अधिक सटीक, प्रभावी और आधुनिक बनती है। कार्यक्रम के दौरान छात्रों में ड्रोन तकनीक को लेकर काफी उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिली।
विद्यार्थियों ने ड्रोन संचालन, रखरखाव तथा कृषि में इसके व्यावहारिक उपयोग से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों उत्तर दिया। अधिष्ठाता प्रो. धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों को ‘ प्रयोगशाला से प्रक्षेत्र ’ तक आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना है, ताकि वे कम रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों एवं खरपतवार नाशक के प्रयोग के माध्यम से पर्यावरण और मृदा स्वास्थ्य की रक्षा कर सकें।