फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   A utensil seller died three months after being bitten by a dog and did not receive the anti-rabies vaccine.

Baghpat News: कुत्ते के काटने पर नहीं लगवाई एंटी रेबीज वैक्सीन, तीन माह बाद बर्तन विक्रेता की मौत

Tue, 18 Aug 2026 01:08 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2026 01:08 AM IST
विज्ञापन
A utensil seller died three months after being bitten by a dog and did not receive the anti-rabies vaccine.
रटौल (बागपत)। बागपत। ललियाना गांव के बर्तन विक्रेता अनीस (35) ने तीन महीने पहले कुत्ते के काटने पर एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई, जिससे उसको रेबीज का संक्रमण हो गया और उसकी सोमवार को मौत हो गई। परिवार वाले दो दिन पहले हालत बिगड़ने पर उपचार के लिए मेरठ, गाजियाबाद और दिल्ली के अस्पतालों में लेकर पहुंचे लेकिन रेबीज का संक्रमण होने के कारण चिकित्सकों ने उपचार करने से हाथ खड़े कर दिए। अनीस को पांच साल पहले भी कुत्ते ने काटा था और तब भी एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई थी।
विज्ञापन

ललियाना निवासी साहिल ने बताया कि उसके परिवार का अनीस फेरी लगाकर बाल के बदले बर्तन बेचता था। तीन माह पहले गांव में लगने वाले मंगल बाजार में दुकान लगाने जा रहा था, तभी एक कुत्ते ने अनीस के पैर में काट लिया। अनीस ने लापरवाही बरती और एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई। शुक्रवार को अनीस मेरठ जिले के जानी में रिश्तेदारी में गया था। वहां से वापस आने पर उसे बुखार हो गया और सांस लेने में परेशानी होने लगी। गांव के निजी चिकित्सक से उपचार के बाद आराम नहीं होने पर मेरठ के निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने रेबीज का संक्रमण होने से हालत बिगड़ने की पुष्टि कर उपचार करने से मना कर दिया। साथ ही दिल्ली जीटीबी रेफर कर दिया। परिजनों ने बताया कि दिल्ली जीटीबी लेकर जाने पर वहां के चिकित्सकों ने भी अनीस का उपचार करने से मना कर दिया।
विज्ञापन

इसके बाद परिवार वाले अनीस को लेकर दिल्ली के बवाना स्थित निजी अस्पताल में पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उपचार शुरू करते हुए एक कमरे में बंद कर दिया। वहां लगा लोहे का चैनल तोड़कर अनीस भाग निकला, जिसे पांच किलोमीटर दूर पीछा करके पकड़ा। इसके बाद दिल्ली और गाजियाबाद के अन्य अस्पतालों में लेकर गए, वहां भी चिकित्सकों ने उपचार करने से हाथ खड़े कर दिए। सोमवार को गजरौला के अस्पताल में उपचार के लिए लेकर जाने लगे, लेकिन रास्ते में अनीस ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------
पांच साल बाद दूसरी बार बरती लापरवाही, वैक्सीन लग जाती तो नहीं होता ऐसा हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। फेरी लगाकर बर्तन बेचने वाले अनीस के पैर में पांच साल पहले भी कुत्ते ने काट लिया था, उस समय भी अनीस ने एंटी रेबीज की वैक्सीन नहीं लगवाई थी। हालांकि पांच साल पहले अनीस को कोई परेशानी नहीं हुई और रेबीज का संक्रमण भी नहीं हुआ।
साहिल ने बताया कि तीन माह पहले कुत्ते के काटने पर अनीस के पैर में जख्म हो गया था। जिसे देखकर परिजनों ने अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए कहा, लेकिन अनीस ने पांच साल पहले की तरह बिना वैक्सीन लगवाए ही ठीक होने की बात कही। कुत्ते के काटने पर अनीस ने पांच साल बाद भी वही गलती कर दी। तीन माह में पैर का जख्म ठीक हो गया और अनीस बर्तन की फेरी लगाने लगा। साहिल का कहना है कि अनीस अगर वैक्सीन लगवा लेता तो उसका ऐसा हाल नहीं होता।
-दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
अनीस के परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी है, उसकी मौत से दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। अनीस अपने परिवार में पांच भाइयों में तीसरे नंबर के थे।
-ललियाना गांव में 20 साल पहले रेबीज से हुई थी मौत
ललियाना गांव के शौकीन ने बताया कि 20 साल पहले उनके गांव के रफीक अब्बासी की कुत्ते के काटने से मौत हो गई थी। इसके अलावा अगस्त 2025 में लूंब गांव निवासी बुजुर्ग रामफल की रेबीज से मौत हुई थी। उन्हें गली में कुत्ते ने काट लिया था, जिसके बाद गांव के निजी चिकित्सक के यहां उपचार कराया, लेकिन एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई। इससे पहले मार्च 2023 में हिम्मतपुर सूजती गांव के दीपक कश्यप को हापुड़ में कुत्ते ने काट लिया था। एंटी रेबीज की वैक्सीन नहीं लगवाने पर दो माह बाद उसकी हालत बिगड़ गई और मौत हो गई। इसके बाद दीपक के परिवार के 32 लोगों ने एंटी रेबीज की वैक्सीन लगवाई।


-जिले में रोजाना 50 लोगों को काट रहे कुत्ते और बंदर
बागपत। जिले में रोजाना 50 से अधिक लोगों को कुत्ते और बंदर काटकर घायल कर रहे हैं। जिले की सीएचसी और जिला अस्पताल में रोजाना 50 से ज्यादा लोग एंटी रेबीज वैक्सीन और एंटी रेबीज सिरम लगवाने पहुंच रहे हैं। सीएचसी और जिला अस्पताल में आने वाले लोगों को तीन-तीन वैक्सीन लगाई जा रही हैं। साथ ही रेबीज को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह भी दी जा रही है।

ऐसे करें बचाव
-कुत्ता काटने पर घाव को कम से कम 15 मिनट तक साबुन और पानी से धोएं।
-घाव पर मिर्च, हल्दी, तेल, मिट्टी या कोई घरेलू पदार्थ न लगाएं।
-तुरंत सरकारी या नजदीकी अस्पताल जाकर चिकित्सकीय सलाह लें।
-एआरवी का कोर्स बीच में न छोड़ें।
-गंभीर घाव होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार रेबीज इम्यूनोग्लोब्यूलिन (आरआईजी) लगवाएं।
-समय-समय पर टीकाकरण कराएं।




वर्जन-रेबीज से बर्तन विक्रेता की मौत होने का मामला जानकारी में नहीं है। कुत्ते, बिल्ली या फिर बंदर के काटने पर तुरंत नजदीकी सीएचसी या जिला अस्पताल में पहुंचकर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए। ऐसे में लापरवाही प्राणघातक साबित हो जाती है। -डॉ. तीरथलाल, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed