{"_id":"6a836342f9f19be7c30ca2a7","slug":"piku-neeku-center-locked-building-also-started-falling-into-disrepair-baghpat-news-c-28-1-bpt1002-157145-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: पीकू-नीकू सेंटर पर लगा ताला, बिल्डिंग भी होने लगी जर्जर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: पीकू-नीकू सेंटर पर लगा ताला, बिल्डिंग भी होने लगी जर्जर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। जिला अस्पताल में कोरोना काल में तैयार किए गए पीकू-नीकू सेंटर पर छह साल से ताला लगा हुआ है। अब बिल्डिंग भी जर्जर होने लगी है। इस बिल्डिंग में 30 लाख रुपये से अधिक का बजट भी खर्च किया गया था, लेकिन फिर भी इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है। मशीनें भी खराब होने लगी हैं और अफसर भी इसको लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे।
वर्ष 2020 में कोरोना बीमारी फैली थी और इसके बाद जिला अस्पताल में पीकू-नीकू सेंटर शुरू किया गया। यहां 30 लाख रुपये से अधिक का बजट खर्च किया गया था। पीकू-नीकू सेंटर में मरीजों को भर्ती करने के लिए फर्नीचर लगाया गया था। साथ ही ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए पाइप लाइन बिछाई गई और वेंटिलेटर की भी सुविधा की थी। वार्ड में बेड, पर्दे, ऑक्सीजन के सिलिंडर, बैठने के लिए कुर्सी, एसी आदि की व्यवस्था की गई थी। कोरोना की बीमारी खत्म होने के बाद पीकू-नीकू सेंटर पर ताला लग गया और जब से सेंटर का ताला तक नहीं खुला। यहां रखा सामान भी कबाड़ में तब्दील हो गया और इसका मरीजों को कोई लाभ तक नहीं मिल रहा है। वहीं ऑक्सीजन सिलिंडर भी खराब होते जा रहे हैं।
--
विशेषज्ञों की कमी से भी नहीं चल रहा
पीकू-नीकू सेंटर के अतिरिक्त ऑपरेशन थिएटर में वेंटिलेटर है लेकिन विशेषज्ञों की कमी के कारण आज तक भी नहीं चलाया गया। जिससे यहां गंभीर मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता है। यदि यहां विशेषज्ञों की तैनाती कर दी जाए तो मरीजों को इसका लाभ मिल सकता है।
विज्ञापन
--
वर्जन
-कोरोना बीमारी को देखते हुए पीकू-नीकू सेंटर शुरू किया गया था। विशेषज्ञों की तैनाती नहीं होने के कारण सेंटर को बंद किया गया है। जैसे ही विशेषज्ञ आएंगे तो चालू कर दिया जाएगा। -डॉ. तीरथलाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बागपत
विज्ञापन
वर्ष 2020 में कोरोना बीमारी फैली थी और इसके बाद जिला अस्पताल में पीकू-नीकू सेंटर शुरू किया गया। यहां 30 लाख रुपये से अधिक का बजट खर्च किया गया था। पीकू-नीकू सेंटर में मरीजों को भर्ती करने के लिए फर्नीचर लगाया गया था। साथ ही ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए पाइप लाइन बिछाई गई और वेंटिलेटर की भी सुविधा की थी। वार्ड में बेड, पर्दे, ऑक्सीजन के सिलिंडर, बैठने के लिए कुर्सी, एसी आदि की व्यवस्था की गई थी। कोरोना की बीमारी खत्म होने के बाद पीकू-नीकू सेंटर पर ताला लग गया और जब से सेंटर का ताला तक नहीं खुला। यहां रखा सामान भी कबाड़ में तब्दील हो गया और इसका मरीजों को कोई लाभ तक नहीं मिल रहा है। वहीं ऑक्सीजन सिलिंडर भी खराब होते जा रहे हैं।
विज्ञापन
विशेषज्ञों की कमी से भी नहीं चल रहा
पीकू-नीकू सेंटर के अतिरिक्त ऑपरेशन थिएटर में वेंटिलेटर है लेकिन विशेषज्ञों की कमी के कारण आज तक भी नहीं चलाया गया। जिससे यहां गंभीर मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता है। यदि यहां विशेषज्ञों की तैनाती कर दी जाए तो मरीजों को इसका लाभ मिल सकता है।
विज्ञापन
वर्जन
-कोरोना बीमारी को देखते हुए पीकू-नीकू सेंटर शुरू किया गया था। विशेषज्ञों की तैनाती नहीं होने के कारण सेंटर को बंद किया गया है। जैसे ही विशेषज्ञ आएंगे तो चालू कर दिया जाएगा। -डॉ. तीरथलाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बागपत