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Baghpat News: कॉलोनी के लिए जमीनों के बैनामे हुए, अब खेती से आवासीय में बदली जाएगी
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बागपत। बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण ने 18 साल बाद आवासीय कॉलोनी विकसित करने के लिए 75 करोड़ रुपये से 8.47 हेक्टेयर जमीन खरीद ली। अब इस जमीन को खेती से आवासीय में बदलवाने के लिए मंडलायुक्त के सामने बोर्ड बैठक में फाइल रखी जाएगी। वहां से मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण का गठन वर्ष 2008 में हुआ था, लेकिन यहां प्राधिकरण की तरफ से एक भी योजना तैयार नहीं की गई। विकास प्राधिकरण केवल नक्शे पास करने तक ही सीमित है। इसको देखते हुए ही विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2025 में आवासीय कॉलोनी विकसित करने की योजना तैयार की। इसके लिए मेरठ में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्ताव रखा गया तो वहां से मंजूरी मिल गई।
अधिकारियों को काफी प्रयास के बाद दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पास अग्रवाल मंडी टटीरी के किसानों की 8.47 हेक्टेयर जमीन मिली। इस जमीन के सभी बैनामे प्राधिकरण ने अपने नाम करा लिए हैं। अब इस जमीन का सीएलयू कराने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे इसे खेती की जगह आवासीय में बदलवाया जा सके। इसके लिए इस महीने में मंडलायुक्त की बैठक में पूरा मामला रखा जाएगा, जिससे माना जा रहा है कि यहां जल्द कॉलोनी विकसित की जा सकती है।
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-एक्सप्रेसवे के पास कॉलोनी विकसित होने से होगा फायदा
जिस जमीन पर कॉलोनी विकसित होगी, वह एक्सप्रेसवे के नजदीक है। इसका विकास प्राधिकरण के साथ ही आम लोगों को फायदा होगा। वहां दिल्ली, गाजियाबाद के लोग भी आकर रह सकते हैं, क्योंकि दिल्ली का रास्ता केवल आधा घंटे का हो जाएगा। वहीं विकास प्राधिकरण को अच्छे दाम वहां प्लॉटों के मिल सकते हैं।
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आवासीय कॉलोनी के लिए चिह्नित की गई पूरी जमीन का बैनामा हो गया है। अब इसको खेती से आवासीय में बदलवाया जाएगा। जिससे आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सके। उम्मीद है कि कॉलोनी विकसित करने के लिए जल्द कार्य शुरू होगा। -प्रभोत कुमार पॉल, नगर योजनाकार प्राधिकरण
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बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण का गठन वर्ष 2008 में हुआ था, लेकिन यहां प्राधिकरण की तरफ से एक भी योजना तैयार नहीं की गई। विकास प्राधिकरण केवल नक्शे पास करने तक ही सीमित है। इसको देखते हुए ही विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2025 में आवासीय कॉलोनी विकसित करने की योजना तैयार की। इसके लिए मेरठ में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्ताव रखा गया तो वहां से मंजूरी मिल गई।
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अधिकारियों को काफी प्रयास के बाद दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पास अग्रवाल मंडी टटीरी के किसानों की 8.47 हेक्टेयर जमीन मिली। इस जमीन के सभी बैनामे प्राधिकरण ने अपने नाम करा लिए हैं। अब इस जमीन का सीएलयू कराने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे इसे खेती की जगह आवासीय में बदलवाया जा सके। इसके लिए इस महीने में मंडलायुक्त की बैठक में पूरा मामला रखा जाएगा, जिससे माना जा रहा है कि यहां जल्द कॉलोनी विकसित की जा सकती है।
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-एक्सप्रेसवे के पास कॉलोनी विकसित होने से होगा फायदा
जिस जमीन पर कॉलोनी विकसित होगी, वह एक्सप्रेसवे के नजदीक है। इसका विकास प्राधिकरण के साथ ही आम लोगों को फायदा होगा। वहां दिल्ली, गाजियाबाद के लोग भी आकर रह सकते हैं, क्योंकि दिल्ली का रास्ता केवल आधा घंटे का हो जाएगा। वहीं विकास प्राधिकरण को अच्छे दाम वहां प्लॉटों के मिल सकते हैं।
आवासीय कॉलोनी के लिए चिह्नित की गई पूरी जमीन का बैनामा हो गया है। अब इसको खेती से आवासीय में बदलवाया जाएगा। जिससे आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सके। उम्मीद है कि कॉलोनी विकसित करने के लिए जल्द कार्य शुरू होगा। -प्रभोत कुमार पॉल, नगर योजनाकार प्राधिकरण