{"_id":"6990d02e526c2b9d86087205","slug":"mela-started-in-pura-mahadev-devotees-and-devotees-arrived-baghpat-news-c-28-1-bpt1002-146779-2026-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: पुरा महादेव में शुरू हुआ मेला, कांवड़िये और श्रद्धालु पहुंचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: पुरा महादेव में शुरू हुआ मेला, कांवड़िये और श्रद्धालु पहुंचे
विज्ञापन
बालैनी के पुरा महादेव मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद
विज्ञापन
बालैनी। पुरा महादेव मंदिर पर महाशिवरात्रि के अवसर पर लगने वाला तीन दिवसीय फाल्गुनी मेला शनिवार से शुरू हो गया। पहले दिन करीब पांच हजार कांवड़ियों और शिवभक्तों ने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक कर मन्नत मांगी। वहीं महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक करने के लिए कांवड़िये मंदिर में रुकना शुरू हो गए।
पुरा गांव स्थित ऐतिहासिक परशुरामेश्वरम महादेव मंदिर पर प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर फाल्गुनी मेला लगता है, जिसमें लाखों की संख्या में कावंड़िये और शिवभक्त भगवान आशुतोष पर जलाभिषेक करते हैं। मंदिर की मान्यता है कि जो भक्त यहां सच्चे मन से आता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। पुरा महादेव पर शनिवार से महाशिवरात्रि का तीन दिवसीय फाल्गुनी मेला शुरू हो गया। पहले दिन हजारों कांवड़ियों और शिवभक्तों ने भगवान आशुतोष पर जलाभिषेक कर अपने परिवार में सुख-शांति और समृद्धि के लिए मन्नत मांगी। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित जयभगवान शर्मा ने बताया कि पहले दिन शाम तक करीब पांच हजार शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। मुख्य पुजारी का कहना है कि महाशिवरात्रि से पहले ही रात में शिवभक्तों की भीड़ लगनी शुरू हो गई है। लाखों शिवभक्तों के आने की संभावना है।
-बम निरोध दस्ते ने किया निरीक्षण, पुलिस बल तैनात रहा
बालैनी। पुरा महादेव मंदिर पर मेले में सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पीएसी, आरएएफ, बम निरोध दस्ता और पुलिस बल, 50 सीसीटीवी कैमरों से सुरक्षा की जाएगी। डीएम अस्मिता लाल, एसपी सूरज कुमार राय, एडीएम विनीत उपाध्याय, एएसपी प्रवीण चौहान ने मंदिर का निरीक्षण किया। साथ ही सुरक्षा में लगी टीमों को दिशा निर्देश दिए। एसपी ने कहा कि मेले में सुरक्षा को लेकर किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
-आज शाम पांच बजकर दो मिनट पर होगा झंडारोहण
पुरा महादेव मंदिर पर महाशिवरात्रि पर झंडारोहण किया जाता है और उसके बाद मुख्य जलाभिषेक शुरू होता है। वहां पहुंचने वाले अधिकतर कांवड़िये, श्रद्धालु झंडारोहण के बाद जलाभिषेक करते हैं। मुख्य पुजारी पंडित जयभगवान शर्मा ने बताया कि झंडा पूजन शाम चार बजकर दो मिनट पर शुरू होगा। एक घंटे तक झंडा पूजन होगा। इसके बाद झंडारोहण पांच बजकर दो मिनट पर होगा। झंडारोहण होते ही मुख्य जलाभिषेक शुरू हो जाएगा।
-श्रद्धालुओं ने मेले में पहुंचकर की खरीदारी
पुरा महादेव मंदिर पर लगने वाले मेले में दुकानेें भी लगाई गई हैं, जहां श्रद्धालुओं के साथ पहुंचकर बच्चों ने खिलौने व अन्य सामान खरीदा। वहीं महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधन के साथ ही घरेलू सामान खरीदा। पूजन सामग्री, तस्वीर व अन्य सामान की भी श्रद्धालुओं ने खरीदारी की।
--
-जीरो वेस्ट की तर्ज पर होगा मेला
पुरा महादेव मेला इस बार जीरो वेस्ट की तर्ज पर कराया जाएगा। मेले के माध्यम से स्वच्छ उत्तर प्रदेश और पर्यावरण संरक्षण की नीति को आगे बढ़ाया जाएगा। मेले को प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प लिया है और सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया। दुकानदारों व श्रद्धालुओं को पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। डीएम अस्मिता लाल ने कहा कि मेला क्षेत्र में स्वच्छता का संदेश देने के लिए कार्ययोजना तैयार की है और सफाईकर्मियों, अधिकारियों की टीम लगाई गई है ताकि गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग संग्रहित किया जा सके। मंदिर में चढ़ाई जाने वाली फूल-मालाओं और पूजन सामग्री से जैविक खाद और अगरबत्ती तैयार की जाएगी। वहीं सूखे कचरे को रिसाइक्लिंग यूनिट तक भेजकर उससे विभिन्न उपयोगी वस्तुएं बनाई जाएंगी। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि समाज को वेस्ट टू वेल्थ का महत्वपूर्ण संदेश भी दे रही है।
Trending Videos
पुरा गांव स्थित ऐतिहासिक परशुरामेश्वरम महादेव मंदिर पर प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर फाल्गुनी मेला लगता है, जिसमें लाखों की संख्या में कावंड़िये और शिवभक्त भगवान आशुतोष पर जलाभिषेक करते हैं। मंदिर की मान्यता है कि जो भक्त यहां सच्चे मन से आता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। पुरा महादेव पर शनिवार से महाशिवरात्रि का तीन दिवसीय फाल्गुनी मेला शुरू हो गया। पहले दिन हजारों कांवड़ियों और शिवभक्तों ने भगवान आशुतोष पर जलाभिषेक कर अपने परिवार में सुख-शांति और समृद्धि के लिए मन्नत मांगी। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित जयभगवान शर्मा ने बताया कि पहले दिन शाम तक करीब पांच हजार शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। मुख्य पुजारी का कहना है कि महाशिवरात्रि से पहले ही रात में शिवभक्तों की भीड़ लगनी शुरू हो गई है। लाखों शिवभक्तों के आने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
-बम निरोध दस्ते ने किया निरीक्षण, पुलिस बल तैनात रहा
बालैनी। पुरा महादेव मंदिर पर मेले में सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पीएसी, आरएएफ, बम निरोध दस्ता और पुलिस बल, 50 सीसीटीवी कैमरों से सुरक्षा की जाएगी। डीएम अस्मिता लाल, एसपी सूरज कुमार राय, एडीएम विनीत उपाध्याय, एएसपी प्रवीण चौहान ने मंदिर का निरीक्षण किया। साथ ही सुरक्षा में लगी टीमों को दिशा निर्देश दिए। एसपी ने कहा कि मेले में सुरक्षा को लेकर किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
-आज शाम पांच बजकर दो मिनट पर होगा झंडारोहण
पुरा महादेव मंदिर पर महाशिवरात्रि पर झंडारोहण किया जाता है और उसके बाद मुख्य जलाभिषेक शुरू होता है। वहां पहुंचने वाले अधिकतर कांवड़िये, श्रद्धालु झंडारोहण के बाद जलाभिषेक करते हैं। मुख्य पुजारी पंडित जयभगवान शर्मा ने बताया कि झंडा पूजन शाम चार बजकर दो मिनट पर शुरू होगा। एक घंटे तक झंडा पूजन होगा। इसके बाद झंडारोहण पांच बजकर दो मिनट पर होगा। झंडारोहण होते ही मुख्य जलाभिषेक शुरू हो जाएगा।
-श्रद्धालुओं ने मेले में पहुंचकर की खरीदारी
पुरा महादेव मंदिर पर लगने वाले मेले में दुकानेें भी लगाई गई हैं, जहां श्रद्धालुओं के साथ पहुंचकर बच्चों ने खिलौने व अन्य सामान खरीदा। वहीं महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधन के साथ ही घरेलू सामान खरीदा। पूजन सामग्री, तस्वीर व अन्य सामान की भी श्रद्धालुओं ने खरीदारी की।
-जीरो वेस्ट की तर्ज पर होगा मेला
पुरा महादेव मेला इस बार जीरो वेस्ट की तर्ज पर कराया जाएगा। मेले के माध्यम से स्वच्छ उत्तर प्रदेश और पर्यावरण संरक्षण की नीति को आगे बढ़ाया जाएगा। मेले को प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प लिया है और सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया। दुकानदारों व श्रद्धालुओं को पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। डीएम अस्मिता लाल ने कहा कि मेला क्षेत्र में स्वच्छता का संदेश देने के लिए कार्ययोजना तैयार की है और सफाईकर्मियों, अधिकारियों की टीम लगाई गई है ताकि गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग संग्रहित किया जा सके। मंदिर में चढ़ाई जाने वाली फूल-मालाओं और पूजन सामग्री से जैविक खाद और अगरबत्ती तैयार की जाएगी। वहीं सूखे कचरे को रिसाइक्लिंग यूनिट तक भेजकर उससे विभिन्न उपयोगी वस्तुएं बनाई जाएंगी। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि समाज को वेस्ट टू वेल्थ का महत्वपूर्ण संदेश भी दे रही है।