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Baghpat News: सोशल मीडिया को नहीं बनने दिया बाधा, इंटरमीडिएट के टॉपरों ने लक्ष्य साधा

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 24 Apr 2026 02:47 AM IST
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Refusing to Let Social Media Become a Barrier, Intermediate Toppers Hit Their Target
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बागपत। इस समय सोशल मीडिया का भले ही क्रेज दिखाई देता हो, मगर इंटरमीडिएट के टॉपरों ने साफ कर दिया कि सोशल मीडिया पर समय बर्बाद करोगे तो लक्ष्य नहीं साध पाओगे। इंटरमीडिएट के टॉपरों ने मोबाइल का इस्तेमाल भी केवल पढ़ाई तक के लिए किया और इस वजह से उन्होंने शिखर पर पहुंचने की तरफ कदम तेज कर दिए। इन टॉपराें में किसी का सिविल सेवा में जाने सपना है तो कोई इंजीनियर बनना चाहता है।
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सिविल सर्विस में जाकर देश सेवा करना चाहती हैं कोमल


दोघट। बड़ौत निवासी कोमल श्रीराम इंटर कॉलेज पुसार कान्हड़ की छात्रा हैं। कोमल ने इंटरमीडिएट में 93.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। कोमल ने रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ाई की। वह अब बीएससी करने की तैयारी कर रही हैं और इसके साथ ही यूपीएससी की तैयारी शुरू करेंगी। कहा कि कोचिंग से ज्यादा घर पर रहकर खुद ही पढ़ाई कर सफलता का भरोसा रहा।
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किसान की बेटी आंचल को मिला चौथा स्थान

रमाला। कंडेरा गांव की रहने आंचल पारस इंटर कॉलेज किशनपुर बराल की छात्रा है। उन्होंने इंटरमीडिएट में 90.4 प्रतिशत अंक लेकर जिले में चौथा स्थान प्राप्त किया। आंचल के पिता अरविंद तोमर किसान हैं। आंचल को उम्मीद थी कि प्रथम स्थान आएगा, मगर ऐसा नहीं हुआ, इसलिए कम खुशी है। छात्रा ने बताया कि स्कूल से अलग आठ घंटे पढ़ाई की और सोशल मीडिया का सहारा नहीं लिया। उनका सपना सिविल सर्विस में जाना है। वह कहती हैं कि पढ़ाई का बार-बार रिवीजन करना जरूरी है।



आयकर अफसर बनना चाहता हैं आर्यन
रमाला। किरठल गांव के आर्यन चौहान गांव के ही गोडविल इंटर कॉलेज के छात्र हैं। उन्होंने 86.80 प्रतिशत अंक लेकर जिले में 10वां स्थान प्राप्त किया। वह आठ से दस घंटे पढाई करते हैं। सोशल मीडिया का उपयोग सिर्फ पढ़ाई के लिए किया था। अब बीए में प्रवेश लेकर सीजीएल परीक्षा की तैयारी करेंगे। आर्यन के साथ ही माता-पिता की इच्छा है कि वह आयकर विभाग में अफसर बनें और देश के लिए कुछ अच्छा करें।

शिवांश बाेले, रटने के बजाय समझने की जरूरत

छपरौली। सावन पब्लिक इंटर कॉलेज छपरौली में इंटरमीडिएट के छात्र शिवांश वत्स कस्बे के रहने वाले हैं। उन्होंने 87.40 प्रतिशत अंक लेकर जिले में नौवां स्थान पाया। उन्होंने आठ से दस घंटे की पढ़ाई की। सोशल मीडिया का सहारा केवल पढ़ाई के लिए किया। स्कूल व कोचिंग में जो पढ़ाया जाता था, उसका घर आकर बराबर अभ्यास किया। वह कहते हैं कि रटने के बजाए समझने की ज्यादा जरूरत है। उनका मन सिविल सर्विस में जाकर ईमानदारी के साथ काम करना है।
साकिब का इंजीनियर बनना सपना
रटौल। खट्टा प्रहलादपुर गांव के साकिब ने गांव के ही देव नागरी इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई करके 87.40 प्रतिशत अंक के साथ जिले में नौवां स्थान प्राप्त किया है। उसके पिता फराकत खेती करते हैं। साकिब ने सोशल मीडिया से दूरी बनाते हुए स्कूल से अलग करीब छह घंटे पढ़ाई की। पढ़ाई करने के बाद पिता के साथ खेती करता था। छात्र ने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता व शिक्षकों को दिया है। उसका सपना इंजीनियर बनना है।
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