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UP: 50 FIR, जेल से चलाया गैंग, खौफ से नहीं खौलता कोई मुंह; इस गैंगस्टर पर अब 50 हजार का इनाम घोषित
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Thu, 21 May 2026 05:04 PM IST
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सार
Meerut News: मेरठ के करनावल निवासी गैंगस्टर उधम सिंह फर्जी कागज लगाकर जमानत पर बाहर आया और फरार हो गया। डीआईजी ने उसके ऊपर इनाम घोषित किया है। उसके नेपाल भागने की आशंका है। पुलिस-एसटीएफ गिरफ्तारी के प्रयास में जुटीं हैं।
तत्कालीन सीओ सरधना आरपी शाही के साथ उधम सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
योगी सरकार की माफिया सूची में शामिल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर उधम सिंह पर डीआईजी कलानिधि नैथानी ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। डीआईजी ने ये कार्रवाई एसएसपी अविनाश पांडेय की संस्तुति पर की है। पिछले सप्ताह एसएसपी ने उधम पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास में पुलिस और एसटीएफ जुट गई हैं। पुलिस टीमें यूपी, उत्तराखंड, पंजाब और दिल्ली में दबिश दे रही हैं।
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चार साल आठ महीने बाद 26 मार्च को उन्नाव जेल से जमानत पर रिहा हुए डी-50 गैंग के सरगना करनावल निवासी उधम सिंह पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमानत कराने का आरोप है। नौ अप्रैल 2026 को उसके खिलाफ सरूरपुर थाने में फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेजों के आधार पर जमानत कराने के मामले में अनवर ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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अनवर का आरोप था कि शेखर नाम के व्यक्ति ने बिना किसी दलाली के ऋण पास कराने का भरोसा दिलाकर उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड ले लिए थे। शेखर ने उसे सरधना कचहरी ले जाकर कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए थे। इसके बाद ऋण दिलाए बिना उसे धमकाकर भगा दिया गया। बाद में पता चला कि ऋण पास कराने के नाम पर लिए गए दस्तावेज और हस्ताक्षर उधम सिंह को जमानत दिलाने में इस्तेमाल किए थे।
प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने इसकी रिपोर्ट न्यायालय को भेजी थी। इसके बाद न्यायालय ने गैंगस्टर की जमानत रद कर दी गई। न्यायालय ने उधम के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। एसपी देहात अभिजीत कुमार का कहना है कि उधम सिंह की तलाश में पांच टीमें जुटी हैं।
एक के बाद एक कई वीडियो हुए वायरल
आरोपी पर इनाम घोषित होने के बाद एक के बाद एक कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। एक वीडियो 22 जुलाई 2021 का बताया गया था। तत्कालीन सीओ सरधना आरपी शाही सरूरपुर थाना पुलिस के साथ उधम सिंह के करनावल स्थित उसके घर पहुंचे थे। पुलिस टीम ने पूछताछ के लिए गैंगस्टर से थाने चलने की बात कही थी। यहां गैंगस्टर टशन दिखाता हुआ दिख रहा था।
आरोपी पर इनाम घोषित होने के बाद एक के बाद एक कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। एक वीडियो 22 जुलाई 2021 का बताया गया था। तत्कालीन सीओ सरधना आरपी शाही सरूरपुर थाना पुलिस के साथ उधम सिंह के करनावल स्थित उसके घर पहुंचे थे। पुलिस टीम ने पूछताछ के लिए गैंगस्टर से थाने चलने की बात कही थी। यहां गैंगस्टर टशन दिखाता हुआ दिख रहा था।
इसके बाद उसका एक हवाई जहाज के पास खड़े फोटो और बीयर की केन ले जाते का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद उसके नेपाल जाने की आशंका जताई गई थी। हालांकि पुलिस ने इन वीडियो फोटो को पुराना बताया था।
50 से अधिक प्राथमिकी दर्ज, खौफ से मुंह नहीं खोलते गवाह
उधम सिंह पर 50 से अधिक हत्या, रंगदारी, लूट और डकैती के मामले दर्ज हैं। गैंगस्टर योगेश भदौड़ा से गैंगवार को लेकर भी वह चर्चाओं में रहा है। उसने 2011 में गाजियाबाद अदालत में आत्मसमर्पण किया था। वह दस साल तक जेल में बंद रहा और जेल से ही अपना गैंग चलाता रहा। खौफ के कारण गवाह उसके खिलाफ गवाही नहीं देते। इसके चलते वह कई प्राथमिकी दर्ज में बरी भी हुआ। साल 2021 में उसे जमानत मिली और वह जेल से बाहर आया। रिहाई के बाद 19 जुलाई 2021 को उसने सरकारी बैंक स्टाफ को धमकाया था। उसने 30 लोगों को जबरन लोन देने को कहा। इन्कार पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। उधम सिंह पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के अंतर्गत कार्रवाई भी की गई थी।
उधम सिंह पर 50 से अधिक हत्या, रंगदारी, लूट और डकैती के मामले दर्ज हैं। गैंगस्टर योगेश भदौड़ा से गैंगवार को लेकर भी वह चर्चाओं में रहा है। उसने 2011 में गाजियाबाद अदालत में आत्मसमर्पण किया था। वह दस साल तक जेल में बंद रहा और जेल से ही अपना गैंग चलाता रहा। खौफ के कारण गवाह उसके खिलाफ गवाही नहीं देते। इसके चलते वह कई प्राथमिकी दर्ज में बरी भी हुआ। साल 2021 में उसे जमानत मिली और वह जेल से बाहर आया। रिहाई के बाद 19 जुलाई 2021 को उसने सरकारी बैंक स्टाफ को धमकाया था। उसने 30 लोगों को जबरन लोन देने को कहा। इन्कार पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। उधम सिंह पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के अंतर्गत कार्रवाई भी की गई थी।
दो अप्रैल को ढेर हुआ था उधम का शूटर आशु उर्फ मोंटी
मुरादाबाद की निर्यात फर्म बजीर चंद्र के मालिक आशु ढल से गैंगस्टर उधम सिंह गैंग के शार्प शूटर आशु उर्फ मोंटी चड्ढा ने पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। वह एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में घायल हो गया। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। मोंटी मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड़, गाजियाबाद समेत वेस्ट यूपी और एनसीआर में कारोबारियों से रंगदारी वसूलने के लिए कुख्यात था। वह हापुड़ के हाफिजपुर थानाक्षेत्र के मीरापुर गांव का रहने वाला था।
मुरादाबाद की निर्यात फर्म बजीर चंद्र के मालिक आशु ढल से गैंगस्टर उधम सिंह गैंग के शार्प शूटर आशु उर्फ मोंटी चड्ढा ने पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। वह एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में घायल हो गया। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। मोंटी मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड़, गाजियाबाद समेत वेस्ट यूपी और एनसीआर में कारोबारियों से रंगदारी वसूलने के लिए कुख्यात था। वह हापुड़ के हाफिजपुर थानाक्षेत्र के मीरापुर गांव का रहने वाला था।