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UP: महिला आयोग की सदस्य बोलीं, फ्री डाटा के कारण महिलाएं कर रहीं ज्यादा नाच-गाना; पुरुष आयोग पर कही ये बात
Tue, 28 Jul 2026 04:09 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
Published by: Mohd Mustakim
Updated Tue, 28 Jul 2026 04:09 PM IST
सार
Baghpat News: बागपत कलक्ट्रेट सभागार में महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला ने महिलाओं की समस्या सुनी। यहां उन्होंने कहा कि महिलाओं को मोबाइल में फ्री इंटरनेट डाटा मिलना बंद होना चाहिए, तब वे सोशल मीडिया पर नाच-गाना करना बंद करेंगी।
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मीनाक्षी भराला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राज्य महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला ने कलक्ट्रेट सभागार में महिलाओं की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा कि मुफ्त इंटरनेट डाटा मिलने के कारण महिलाएं सोशल मीडिया पर नाच-गाना और रील बना रही हैं। उन्होंने जोर दिया कि यदि उन्हें डाटा मिलना बंद हो जाए तो वे परिवार पर अधिक ध्यान देंगी।
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भराला ने कहा कि महिलाओं के इस तरह के व्यवहार से समाज में गलत संदेश जा रहा है। इसलिए मुफ्त डाटा की सुविधा केवल अधिकारियों और जरूरतमंदों के लिए होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया महिलाओं को हिंसक बना रहा है। महिलाओं को मोबाइल से दूर रहकर अपने परिवार और बच्चों पर ध्यान देना चाहिए। इससे परिवार में दरारें नहीं आएंगी और बच्चों पर गलत असर नहीं पड़ेगा।
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मीनाक्षी भराला ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों पर पुलिस की कानूनी कार्रवाई को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे, जिसमें लड़कियों की संख्या लड़कों से अधिक थी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए था। भराला ने बताया कि जब तक युवाओं ने शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया, तब तक सरकार या पुलिस प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि देश में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन यह मर्यादा में रहकर होना चाहिए।
हस्तिनापुर में प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या जैसी घटनाओं और पुरुष आयोग बनाने की मांग पर भराला ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आज भी 94 फीसदी मामलों में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं पर ही अत्याचार हो रहे हैं। यह रिकॉर्ड में दर्ज है और इसलिए महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता है। उन्होंने कुछ मामलों के कारण महिलाओं को बदनाम करने की प्रवृत्ति की आलोचना की।
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