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विक्की हत्याकांड: 'बाप का, चाचा का, ताऊ का, सबका बदला ले लिया', हत्या करके बोला यशवीर; रंजिश की पूरी कहानी

अमर उजाला नेटवर्क, बागपत Published by: Mohd Mustakim Updated Wed, 11 Mar 2026 09:18 PM IST
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सार

Baghpat News: दोघट के फार्म हाउस पर शामली के बहावड़ी से आई बरात में पूर्व प्रधान बबली के हिस्ट्रीशीटर पति विक्की मलिक की हत्या कर दी गई। मुख्य आरोपी यशवीर के पिता की हत्या में भी विक्की मलिक नामजद था। लोगों ने मौके से ही भागते यशवीर उर्फ रजत को पकड़ लिया।

Vicky murder case: 'Took revenge of father, uncle, uncle, everyone', Yashveer said after murder
पोस्टमार्टम हाउस पर खड़े परिजन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

                                
                
                
                 
                    
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Murder in Baghpat: शामली जिले के बहावड़ी गांव में 27 साल पहले शुरू हुई रंजिश में अभी तक दोनों तरफ से 11 हत्याएं हो चुकी हैं। अब अपने पिता जितेंद्र और अन्य परिवार वालों की हत्या का बदला लेने के यशवीर उर्फ रजत ने गांव से 39 किलोमीटर दूर दोघट आकर विवेक उर्फ विक्की की हत्या की। वहां पर पकड़े गए यशवीर उर्फ रजत ने खुद चिल्लाकर कहा कि उसने पिता, चाचा और ताऊ की हत्या करने वाले से बदला ले लिया।
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Vicky murder case: 'Took revenge of father, uncle, uncle, everyone', Yashveer said after murder
विक्की मलिक की फाइल फोटो और मौेके पर जांच करतीं सीओ। - फोटो : अमर उजाला
बहावड़ी गांव में एक ही कुटुंब के बेदू और दरियाव सिंह के परिवारों में वर्चस्व को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जो बाद में प्रधान के चुनाव की रंजिश में बदल गया। सबसे पहले वर्ष 1999 में दरियाव के बेटे जितेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई और इसमें मृतक विवेक उर्फ विक्की मुख्य आरोपी था। अगले साल वर्ष 2000 में बेदू के बेटे सुरेश मलिक और 2001 में बेदू के परिवार के यशपाल की हत्या कर दी गई। इसके अलावा तेजपाल, रणबीर व छह साल के बच्चे तक की हत्या की गई। इस तरह लगातार हत्याएं होने पर गांव के लोगों ने पहल करते हुए दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। दस साल तक दोनों पक्ष शांत रहे।
 

Vicky murder case: 'Took revenge of father, uncle, uncle, everyone', Yashveer said after murder
विक्की की फाइल फोटो और गमजदा परिजन। - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2011 में हत्या का सिलसिला दोबारा शुरू हुआ और दरियाव के बेटे प्रधान बिजेंद्र की शादी समारोह से लौटते समय रास्ते में हत्या कर दी गई। इसमें भी विवेक उर्फ विक्की समेत कई पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसके बाद वर्ष 2014 में बिजेंद्र के भाई देवेंद्र और वर्ष 2016 में धर्मेंद्र की हत्या कर दी गई। इस बीच ही वर्ष 2015 में कुख्यात विक्की त्यागी की हत्या केवल इसलिए करने की बात सामने आई थी कि वह दरियाव पक्ष की मदद करता था। इन हत्याओं के बाद दोनों पक्षों के लोग अपनी कानूनी कार्रवाई में लग गए और खूनी खेल पर विराम लग गया।
 

वर्ष 2014 में विवेक उर्फ विक्की जेल से बाहर आया तो अब उसकी हत्या हो गई। इस तरह 27 साल पहले शुरू हुई रंजिश में भले ही खूनी खेल कुछ साल के लिए थम गया था, लेकिन दोनों परिवारों के सदस्य आज भी एक-दूसरे की जान के दुश्मन बने हुए हैं। इसलिए ही मंगलवार रात गांव से 39 किलोमीटर दूर दोघट आकर विक्की की हत्या कर दी।
 

सुरेश की हत्या के बाद विवेक से कराई गई थी बबली की शादी
बहावड़ी गांव में सुरेश मलिक की वर्ष 2000 में गोली मारकर हत्या कर दी थी। तब परिवार में पत्नी बबली और दो बेटे सागर और सौरभ मलिक थे। सुरेश की हत्या के बाद परिवार के लोगों ने सामाजिक आधार पर बबली देवी की शादी देवर विवेक उर्फ विक्की से करा दी थी और विवेक ने ही दोनों बेटों की परवरिश की। इसके बाद एक बेटी का जन्म भी हुआ। उनके दोनों बेटे सागर और सौरभ मलिक ने वर्ष 2015 में मुजफ्फरनगर कोर्ट में कुख्यात विक्की त्यागी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद से दोनों जेल में बंद हैं।
 

हिस्ट्रीशीटर विक्की ने ही कराया था रिश्ता
बहावड़ी गांव की पूर्व प्रधान बबली देवी ने बताया कि जिस शादी में वे सभी दोघट आए थे, यह रिश्ता भी उसके पति विवेक उर्फ विक्की ने ही तय कराया था। दूल्हा उनके कुटुंब का है और दुल्हन विवेक के दोस्त की बेटी है। इसलिए ही वह पूरे परिवार के साथ शादी समारोह में शामिल हुए।
 

घर के बाहर ढोल बजवाने पर दोबारा शुरू हुआ था खूनी खेल
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे लोगों ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद कई साल तक कोई विवाद नहीं हुआ। इसके बाद दोनों पक्षों के लोगों ने चुनाव भी लड़ा। वर्ष 2010 में प्रधान बनने के बाद बिजेंद्र ने जीत का जश्न मनाया और विवेक के घर के बाहर काफी देर तक ढोल बजवा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में खूनी खेल शुरू हो गया और फिर हत्याएं की गई।
 

विपिन बालियान बोला, मेरे सामने बरसाई गोलियां, मैं चिल्लाता हुआ भागा
बहावड़ी गांव से विवेक के साथ बरात में आए विपिन बालियान ने बताया कि विवेक जब लघुशंका के लिए जाने लगे तो वह भी साथ चल दिया। तभी पहले से घात लगाकर बैठे हमलावरों ने पीछे से ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। पहले उसने बचाने का प्रयास किया, लेकिन हमलावर रुके नहीं और गोलियां बरसाते रहे। तभी वह चिल्लाता हुआ भागते हुए बरातियों के बीच चढ़त में पहुंचा। वहां पर बरातियों को पूरी घटना के बारे में बताया तो लोग दौड़ पड़े। लोगों के आते ही हत्यारोपी भागने लगे। तभी एक आरोपी को पकड़ लिया, जो गांव का ही रजत है।
 

पुलिस ने क्राइम सीन दोहराया
धूम सिंह फार्म हाउस की पार्किंग में हुई हत्या का बुधवार को पुलिस ने घटनास्थल पर क्राइम सीन दोहराया। पुलिसकर्मी आरोपी रजत को लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। जहां उसने गोली चलाने और उसके साथ आए प्रिंस की भूमिका के बारे में भी बताया। रजत ने बताया कि विवेक और उसके साथी गाड़ी के आगे खड़े होकर पार्टी कर रहे थे, तभी लघुशंका के लिए जाते हुए हमला कर दिया।

आरोपी के फोन में मिली कई जानकारी
विवेक की हत्या के बाद पुलिस ने एक मोबाइल भी बरामद किया, जो आरोपी रजत का बताया जा रहा है। पुलिस ने रजत का मोबाइल खंगाला तो उसकी व्हाट्सएप कॉल से लेकर अन्य जानकारी मिली। इससे पता लग सकता है कि हत्या की साजिश में अन्य कितने लोग शामिल थे।
 

सिर में लगी चार गोलियां
विवेक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसके सिर में चार गोलियां लगी हैं। हालांकि घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने वहां 15-20 गोलियां चलने की बात बताई है। इससे साफ है कि हमलावर तब तक गोलियां चलाते रहे, जब तक विवेक की मौत नहीं हो गई। पोस्टमार्टम के बाद परिजन यहां से शव लेकर चले गए।


 
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