ढोल-नगाड़ों संग गाय की विदाई: 'गौरी' ने 24 साल दूध पिलाया, मौत पर उमड़ा पूरा गांव, अंतिम यात्रा में बरसाए फूल
बागपत के छपरौली क्षेत्र के मुकुंदपुर गांव में 24 साल तक परिवार का हिस्सा रही देशी गाय ‘गौरी’ की ढोल-नगाड़ों और फूलों के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई। गांव के लोगों ने भावुक होकर श्रद्धांजलि दी।
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बागपत जनपद के छपरौली क्षेत्र के मुकुंदपुर गांव में मंगलवार को एक अनोखा और भावुक दृश्य देखने को मिला। यहां 24 साल तक एक परिवार का हिस्सा रही देशी गाय 'गौरी' की अंतिम यात्रा ढोल-नगाड़ों और फूलों की बारिश के बीच निकाली गई।
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घर के हर सदस्य की लाडली थी गाय
गांव के देवेंद्र शर्मा के परिवार ने गौरी को पूरे सम्मान के साथ विदाई दी। गौरी पिछले 24 वर्षों से परिवार के साथ थी और घर के हर सदस्य की प्यारी बन गई थी।
देवेंद्र शर्मा के बड़े बेटे अमित शर्मा ने बताया कि गौरी ने तीन पीढ़ियों को अपने दूध से पाला। उसके रहते घर में कभी दूध और घी की कमी नहीं हुई। परिवार के लिए वह सिर्फ पशु नहीं बल्कि घर की सदस्य की तरह थी।
गौरी की अंतिम यात्रा के लिए उसकी अर्थी को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया। जैसे ही अंतिम यात्रा मुकुंदपुर गांव की गलियों से गुजरी, ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आए और फूल बरसाकर श्रद्धांजलि दी।
गांव के लोगों ने कहा कि गौरी ने वर्षों तक परिवार और गांव की सेवा की, इसलिए उसे सम्मान के साथ विदाई देना सभी का कर्तव्य था। इस भावुक पल में कई ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।