{"_id":"699da116d0c8499c570516e2","slug":"worshiped-lord-parshvanath-by-offering-eight-offerings-baghpat-news-c-28-1-smrt1013-147321-2026-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: आठ अर्घ्य अर्पित कर भगवान पार्श्वनाथ की पूजा की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: आठ अर्घ्य अर्पित कर भगवान पार्श्वनाथ की पूजा की
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो नंबर 24केएआर 3
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। बड़ागांव के पार्श्वनाथ प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर में शुरू हुए आठ दिवसीय अष्टान्हिका महापर्व सिद्ध चक्र महामंडल विधान में श्रद्धालुओं ने आठ अर्घ्य अर्पित कर भगवान पार्श्वनाथ की पूजा की।
विधान में श्रद्धालुओं ने सर्वप्रथम भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक, शांतिधारा की। गुरु आज्ञा और मंडप की शुद्धि करके विधान शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने आठ अर्घ्य अर्पित कर भगवान पार्श्वनाथ की पूजा की। विधानाचार्य ब्रह्मचारी नवीन भैया ने मंत्रोच्चार के साथ पूजा पूर्ण कराई। श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की मंगल आरती कर धर्म लाभ उठाया। आर्यिका विकक्षाश्री माता ने प्रवचन देते हुए कहा कि सिद्धचक्र महा मंडल विधान प्रभु को प्रसन्न करने का विधान है। इसके पूजन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की प्रभु सभी मनोकामनां पूर्ण करते हैं। इस विधान में सभी को शामिल होकर पूजा करनी चाहिए। इस मौके पर सुभाष जैन, आशीष जैन, प्रभात जैन, दिनेश जैन, त्रिलोक जैन, संजीव जैन, राजीव जैन मौजूद रहे।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। बड़ागांव के पार्श्वनाथ प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर में शुरू हुए आठ दिवसीय अष्टान्हिका महापर्व सिद्ध चक्र महामंडल विधान में श्रद्धालुओं ने आठ अर्घ्य अर्पित कर भगवान पार्श्वनाथ की पूजा की।
विधान में श्रद्धालुओं ने सर्वप्रथम भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक, शांतिधारा की। गुरु आज्ञा और मंडप की शुद्धि करके विधान शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने आठ अर्घ्य अर्पित कर भगवान पार्श्वनाथ की पूजा की। विधानाचार्य ब्रह्मचारी नवीन भैया ने मंत्रोच्चार के साथ पूजा पूर्ण कराई। श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की मंगल आरती कर धर्म लाभ उठाया। आर्यिका विकक्षाश्री माता ने प्रवचन देते हुए कहा कि सिद्धचक्र महा मंडल विधान प्रभु को प्रसन्न करने का विधान है। इसके पूजन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की प्रभु सभी मनोकामनां पूर्ण करते हैं। इस विधान में सभी को शामिल होकर पूजा करनी चाहिए। इस मौके पर सुभाष जैन, आशीष जैन, प्रभात जैन, दिनेश जैन, त्रिलोक जैन, संजीव जैन, राजीव जैन मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
