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Bahraich News: 42 डिग्री पारा, तीखी धूप ने घर में किया कैद
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बहराइच में चिलचिलाती धूप में गुजरते लोग।
- फोटो : बहराइच में चिलचिलाती धूप में गुजरते लोग।
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बहराइच। जिले में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को लगातार तीसरे दिन अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर के समय हालात ऐसे रहे कि शहर की प्रमुख सड़कें सुनसान नजर आईं और लोग घरों से निकलने से बचते दिखे।
शहर के चौक बाजार, पानी टंकी चौराहा, डिगिहा, छावनी बाजार, दरगाह और पीपल चौराहा जैसे प्रमुख इलाकों में दोपहर के समय सन्नाटा पसरा रहा। जरूरी काम से बाहर निकले लोग तेज धूप और झुलसाने वाली गर्मी से परेशान नजर आए। सबसे अधिक दिक्कत स्कूली छुट्टी के बाद घर लौट रहे छोटे बच्चों को उठानी पड़ी। सुबह से ही गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण बाजारों में भी चहल-पहल कम रही। न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है और पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।
किसानों के लिए सलाह
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसबी सिंह ने सब्जी और मक्का किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में हल्की सिंचाई करते रहें, मल्चिंग का उपयोग करें और दोपहर में सिंचाई से बचें। फसलों को तेज धूप से बचाने के लिए छाया प्रबंधन और पत्तियों पर पानी का छिड़काव लाभकारी रहेगा।
डीएम ने दिए लू से बचाव के निर्देश
डीएम अक्षय त्रिपाठी ने सभी विभागों को लू से सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जल स्रोतों को भरवाने, हैंडपंप चालू रखने, नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने, खराब नलकूप व ट्रांसफार्मर ठीक कराने तथा गो आश्रय स्थलों में पानी, चारा और छांव की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही लोगों से पक्षियों के लिए दाना-पानी रखने की अपील भी की गई है।
बच्चों का रखें विशेष ध्यान
मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके त्रिपाठी ने कहा कि भीषण गर्मी और लू के दौरान छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। बच्चों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में बाहर न निकलने दें। उन्हें हल्के, सूती कपड़े पहनाएं और पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस व तरल पदार्थ देते रहें। स्कूल से लौटते समय बच्चों को सीधे धूप से बचाने की व्यवस्था करें, बच्चे को तुरंत ठंडा पानी न दें।
लू से ऐसे बचें
हीट वेव से बचाव के लिए दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें।
सिर को ढककर रखें, छाता या गमछे का प्रयोग करें।
अधिक पानी, नींबू पानी और शरबत का सेवन करें।
तैलीय व भारी भोजन से परहेज करें।
धूप में अधिक देर रहने पर तुरंत छांव या ठंडी जगह पर जाएं।
लू लगने के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
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किसानों के लिए सलाह
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसबी सिंह ने सब्जी और मक्का किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में हल्की सिंचाई करते रहें, मल्चिंग का उपयोग करें और दोपहर में सिंचाई से बचें। फसलों को तेज धूप से बचाने के लिए छाया प्रबंधन और पत्तियों पर पानी का छिड़काव लाभकारी रहेगा।
डीएम ने दिए लू से बचाव के निर्देश
डीएम अक्षय त्रिपाठी ने सभी विभागों को लू से सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जल स्रोतों को भरवाने, हैंडपंप चालू रखने, नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने, खराब नलकूप व ट्रांसफार्मर ठीक कराने तथा गो आश्रय स्थलों में पानी, चारा और छांव की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही लोगों से पक्षियों के लिए दाना-पानी रखने की अपील भी की गई है।
बच्चों का रखें विशेष ध्यान
मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके त्रिपाठी ने कहा कि भीषण गर्मी और लू के दौरान छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। बच्चों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में बाहर न निकलने दें। उन्हें हल्के, सूती कपड़े पहनाएं और पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस व तरल पदार्थ देते रहें। स्कूल से लौटते समय बच्चों को सीधे धूप से बचाने की व्यवस्था करें, बच्चे को तुरंत ठंडा पानी न दें।
लू से ऐसे बचें
हीट वेव से बचाव के लिए दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें।
सिर को ढककर रखें, छाता या गमछे का प्रयोग करें।
अधिक पानी, नींबू पानी और शरबत का सेवन करें।
तैलीय व भारी भोजन से परहेज करें।
धूप में अधिक देर रहने पर तुरंत छांव या ठंडी जगह पर जाएं।
लू लगने के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

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