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Bahraich News: दो गांवों में कटान का कहर, 10 मकान सरयू में समाए

Sat, 18 Jul 2026 12:04 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2026 12:04 AM IST
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Havoc caused by riverbank erosion in two villages; 10 houses swallowed by the Saryu.
 ​शिवपुर के पाठकपुरवा में कटान में समाहित होता मकान।
खैरीघाट। नानपारा तहसील के शिवपुर इलाके में तेज कटान कर रही सरयू ने बृहस्पतिवार रात पाठकपुरवा और बेलामकन गांव के 10 घरों को आगोश में ले लिया। मकानों के नदी की धारा में समा जाने से खुले आसमान के नीचे आ गए। बारिश के मौसम में उनके सामने सिर छिपाने की चुनौती खड़ी हो गई। अब दोनों गांवों के 13 से अधिक मकान कटान के मुहाने पर खड़े हैं। इससे ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है।
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पाठकपुरवा गांव के संकटा, इतवारी, सुरेश, मुखलाल, लोटन और रामचंदर तथा बेलामकन के मजरा भूखन टेपरा गांव की कांती देवी, सुरेंद्र, विनोद और मोदे के मकान सरयू की धारा में समा गए हैं। वहीं पुतान, जीतन, लक्ष्मण, हुकुम, चुन्ना और शत्रोहन समेत 13 ग्रामीणों के घरों पर संकट मंडरा रहा है। प्रभावित ग्रामीण अपने घरों का सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।
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कटान की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार मथुरा प्रसाद, राजस्व निरीक्षक श्यामसुंदर, लेखपाल अमन कुमार और राजकुमार शुक्रवार को मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेजी और प्रभावित परिवारों को तत्काल त्रिपाल वितरित कर राहत उपलब्ध कराई। वहीं, एक दिन पहले चौकसाहार ग्राम पंचायत के झुंडी गांव में भी चार मकान नदी में समा गए थे। उन ग्रामीणों को भी राहत उपलब्ध कराई गई है।
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कटान रोकने वाला अवरोधक भी बहा

बेलामकन गांव के पास कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से पूर्व में बनाया गया अवरोधक भी सरयू की तेज धारा में रात में बह गया। इसके बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त होने से अब कटान और तेज होने की आशंका है।

बेघर लोगों के सामने जीवनयापन का संकट


कटान पीड़ित कांती देवी, सुरेंद्र, विनोद, मोदे, संकटा, इतवारी, सुरेश, मुखलाल, लोटन और रामचंद्र ने प्रशासन से शीघ्र आर्थिक सहायता और पुनर्वास की मांग की है। उनका कहना है कि घर उजड़ने के बाद अब जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है।

प्रशासन का दावा, हरसंभव मदद मिलेगी


तहसीलदार शैलेश अवस्थी ने बताया कि प्रभावित गांवों का सर्वे कराया गया है। क्षति के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल प्रभावित परिवारों को त्रिपाल देकर तत्काल राहत पहुंचाई गई है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

बाढ़ से पहले पशुओं का टीकाकरण अभियान तेज


संभावित बाढ़ को देखते हुए पशुपालन विभाग ने शिवपुर ब्लॉक के बाढ़ प्रभावित गांवों में टीकाकरण अभियान तेज कर दिया है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि चौकसाहार, लौकिहा, बौंडी, सैय्यदनगर, तिगड़ा, शिवपुर, अरनवा, रामपुर धोबियाहार, पाठकपुरवा और सोबतिया सहित विभिन्न गांवों में अब तक 9,000 से अधिक पशुओं को गलाघोटू का टीका लगाया जा चुका है। 22 जुलाई से मुंहपका-खुरपका रोग के टीकाकरण का अभियान भी शुरू किया जाएगा।
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