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Bahraich News: बालक को निवाला बनाता रहा मगरमच्छ, बेबस देखते रहे लोग
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महसी के टिकुरी में स्थित नदी में बालक पर हमला करता मगरमच्छ।
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बौंडी। क्षेत्र के तिकुरी गांव में बृहस्पतिवार शाम धान की नर्सरी लगाने के बाद सरयू में हाथ-मुंह धुल रहे बालक को झाड़ियों में छिपा मगरमच्छ नदी में खींच ले गया। इससे मौके पर मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। मगरमच्छ बालक को उसके परिजनों के सामने निवाला बनाता रहा। परिजन बेबस खड़े यह दर्दनाक मंजर देखते रहे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
तिकुरी गांव निवासी सुनील सिंह (12) के पिता बुधराज सिंह और मां की अरसे पहले मौत हो चुकी है। वह अपने चाचा विजयराज सिंह के पास तीन छोटे भाई बहनों के साथ रहता था। सुनील गांव के जूनियर विद्यालय में कक्षा छह का छात्र था। स्कूल से आने के बाद वह चाचा के साथ खेती किसानी के काम में हाथ बंटाता था। इसी के तहत बृहस्पतिवार को दोपहर में वह स्कूल से आने के बाद सरयू नदी के किनारे स्थित खेत में धान की नर्सरी लगवाने गया था। शाम को काम खत्म होने के बाद जब सभी घर चलने को हुए तो हाथ पैर में कीचड़ लगा होने के कारण सुनील नदी के तट पर पहुंचकर धोने लगा। इसी दौरान नदी के किनारे झाड़ियों में छिपे मगरमच्छ ने हमला कर उसे दबोच लिया और नदी में खींच ले गया। चाचा विजयराज ने शोर मचाते हुए भतीजे को बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ की पकड़ से उसे छुड़ा नहीं सके।
माता-पिता की हो चुकी है मौत
सुनील पहले से ही अनाथ था। ग्रामीणों के अनुसार उसकी मां का सात वर्ष पहले और पिता का पांच वर्ष पहले बीमारी से निधन हो चुका था। अब परिवार में 14 वर्षीय बहन सुमन, 10 वर्षीय भाई संजय और सात वर्षीय बहन सीमा ही बचे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर इस परिवार में कमाने वाला कोई नहीं है। सिर्फ चाचा का ही सहारा है। घटना के बाद गांव के लोग बच्चों की मदद के लिए आगे आने लगे हैं और चंदा भी एकत्र किया जा रहा है।
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गांव में दहशत, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट
घटना के बाद तिंकुरी और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। किसान नदी किनारे खेतों में जाने से डर रहे हैं। वन क्षेत्राधिकारी मोहम्मद शाकिब ने बताया कि सरयू किनारे बसे गांवों में मुनादी कराकर लोगों को नदी से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है। मगरमच्छ को पकड़ने के लिए जाल लगाने, अतिरिक्त गश्त बढ़ाने और चेतावनी बोर्ड लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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तिकुरी गांव निवासी सुनील सिंह (12) के पिता बुधराज सिंह और मां की अरसे पहले मौत हो चुकी है। वह अपने चाचा विजयराज सिंह के पास तीन छोटे भाई बहनों के साथ रहता था। सुनील गांव के जूनियर विद्यालय में कक्षा छह का छात्र था। स्कूल से आने के बाद वह चाचा के साथ खेती किसानी के काम में हाथ बंटाता था। इसी के तहत बृहस्पतिवार को दोपहर में वह स्कूल से आने के बाद सरयू नदी के किनारे स्थित खेत में धान की नर्सरी लगवाने गया था। शाम को काम खत्म होने के बाद जब सभी घर चलने को हुए तो हाथ पैर में कीचड़ लगा होने के कारण सुनील नदी के तट पर पहुंचकर धोने लगा। इसी दौरान नदी के किनारे झाड़ियों में छिपे मगरमच्छ ने हमला कर उसे दबोच लिया और नदी में खींच ले गया। चाचा विजयराज ने शोर मचाते हुए भतीजे को बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ की पकड़ से उसे छुड़ा नहीं सके।
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माता-पिता की हो चुकी है मौत
सुनील पहले से ही अनाथ था। ग्रामीणों के अनुसार उसकी मां का सात वर्ष पहले और पिता का पांच वर्ष पहले बीमारी से निधन हो चुका था। अब परिवार में 14 वर्षीय बहन सुमन, 10 वर्षीय भाई संजय और सात वर्षीय बहन सीमा ही बचे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर इस परिवार में कमाने वाला कोई नहीं है। सिर्फ चाचा का ही सहारा है। घटना के बाद गांव के लोग बच्चों की मदद के लिए आगे आने लगे हैं और चंदा भी एकत्र किया जा रहा है।
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गांव में दहशत, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट
घटना के बाद तिंकुरी और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। किसान नदी किनारे खेतों में जाने से डर रहे हैं। वन क्षेत्राधिकारी मोहम्मद शाकिब ने बताया कि सरयू किनारे बसे गांवों में मुनादी कराकर लोगों को नदी से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है। मगरमच्छ को पकड़ने के लिए जाल लगाने, अतिरिक्त गश्त बढ़ाने और चेतावनी बोर्ड लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।