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Bahraich News: जंगल से निकलकर गेहूं के खेत में पहुंचा तेंदुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 01 Jan 2026 12:57 AM IST
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बहराइच। निशानगाड़ा रेंज के आजमगढ़ पुरवा गांव में मंगलवार रात करीब नौ बजे जंगल से निकलकर एक तेंदुआ पहुंच गया। गजमित्र ने ग्रामीणों के साथ हांका लगाकर तेंदुए को जंगल की ओर खदेड़ा।
गजमित्र केशराम ने बताया कि मंगलवार देर रात चफरिया गांव निवासी हेमंत पंडित के गेहूं के खेत में टॉर्च लगाने पर तेंदुआ चहलकदमी करते हुए दिखा। शोर मचाने पर गांव के लोग जुट गए। ग्रामीण अमृतपाल सिंह, सगीर अहमद, इसरार और गोपाल के सहयोग से हांका लगाकर तेंदुए को जंगल की ओर खदेड़ दिया गया।
ग्रामीणों ने तेंदुए की तस्वीर मोबाइल कैमरे में कैद कर ली और इसकी सूचना निशानगाड़ा रेंज कार्यालय को भी दी। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में तेंदुए की दहशत लगातार बनी हुई है, ऐसे में वन विभाग को शाम के समय आबादी के पास गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की जरूरत है।
शाम होते ही फैल जाता है अंधेरा, तेंदुए को मिलता है मौका
सुजौली क्षेत्र के सौ से अधिक गांव कतर्नियाघाट के जंगल से सटे हुए हैं। यहां लगातार तेंदुओं की आवाजाही से लोग सहमे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन गांवों को कैलाशपुरी पावर हाउस से बिजली आपूर्ति की जाती है, जहां प्रतिदिन शाम के समय रोस्टिंग के नाम पर आधे से एक घंटे तक बिजली काट दी जाती है। अंधेरा होते ही तेंदुए आबादी में घुस जाते हैं और लोगों पर हमला कर देते हैं।
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गजमित्र केशराम ने बताया कि मंगलवार देर रात चफरिया गांव निवासी हेमंत पंडित के गेहूं के खेत में टॉर्च लगाने पर तेंदुआ चहलकदमी करते हुए दिखा। शोर मचाने पर गांव के लोग जुट गए। ग्रामीण अमृतपाल सिंह, सगीर अहमद, इसरार और गोपाल के सहयोग से हांका लगाकर तेंदुए को जंगल की ओर खदेड़ दिया गया।
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ग्रामीणों ने तेंदुए की तस्वीर मोबाइल कैमरे में कैद कर ली और इसकी सूचना निशानगाड़ा रेंज कार्यालय को भी दी। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में तेंदुए की दहशत लगातार बनी हुई है, ऐसे में वन विभाग को शाम के समय आबादी के पास गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की जरूरत है।
शाम होते ही फैल जाता है अंधेरा, तेंदुए को मिलता है मौका
सुजौली क्षेत्र के सौ से अधिक गांव कतर्नियाघाट के जंगल से सटे हुए हैं। यहां लगातार तेंदुओं की आवाजाही से लोग सहमे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन गांवों को कैलाशपुरी पावर हाउस से बिजली आपूर्ति की जाती है, जहां प्रतिदिन शाम के समय रोस्टिंग के नाम पर आधे से एक घंटे तक बिजली काट दी जाती है। अंधेरा होते ही तेंदुए आबादी में घुस जाते हैं और लोगों पर हमला कर देते हैं।
