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Bahraich News: तेंदुए ने नौ साल की बच्ची को मार डाला, युवती पर भी किया हमला
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तेंदुए के हमले में घायल प्रियंका।
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बिछिया (बहराइच)। सुजौली रेंज में महज कुछ घंटों के भीतर तेंदुए ने हमला कर एक मासूम बच्ची को मौत के घाट उतार दिया, जबकि एक युवती को गंभीर रूप से घायल कर दिया। रात में और सुबह हुई इन घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है और लोग तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग कर रहे हैं।
सबसे दर्दनाक घटना सुजौली रेंज के टपरा बाजार स्थित छठ पूजा स्थल के निकट सौतिया नाला इलाके में हुई। यहां ओम प्रकाश की पुत्री अंशिका (09) सोमवार रात करीब 11 बजे परिवार के साथ घर के बाहर चारपाई पर सो रही थी। परिजनों के अनुसार अचानक तेंदुआ वहां पहुंचा और सो रही बच्ची को दबोचकर चारपाई से खींच ले गया। बच्ची की चीख सुनकर परिवार के लोग जगे और आसपास के ग्रामीण दौड़े लेकिन अंधेरा अधिक था। ग्रामीणों ने शोर मचाया, लेकिन तब तक तेंदुआ अंधेरे का फायदा उठाकर बच्ची काे खींचकर खेतों की ओर निकल गया।
परिजनों और ग्रामीणों ने रात में ही हाका लगाते हुए तलाश शुरू की। कुछ दूरी पर गन्ने के खेत में अंशिका का शव बरामद हुआ। मासूम की मौत से गांव में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि वन क्षेत्र से सटे गांवों में तेंदुए की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है, लेकिन प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
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मासूम की मौत की घटना से लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि मंगलवार सुबह सुजौली रेंज के पारसपुरवा गांव में तेंदुए ने खेत की ओर जा रही प्रियंका कुमारी (22) पुत्री बसंत पर झपट्टा मार दिया। हमले से युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। प्रीती ने तेंदुए से संघर्ष करते हुए शोर मचाया, चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और हाका लगाते हुए तेंदुए को खदेड़ा। इसके बाद घायल युवती को वन विभाग की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजौली पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा रेफर कर दिया गया।
लगातार हो रहे हमलों से महिलाओं और बच्चों में सबसे ज्यादा भय है। ग्रामीणों का कहना है कि अब शाम ढलते ही लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं, खेतों में काम करने जाने में भी डर लगने लगा है। गांवों में रात के समय पहरा देने की नौबत आ गई है।
मृत बालिका के परिजनों को दी अहेतुक सहायता
घटनाओं की सूचना मिलते ही सुजौली वनक्षेत्राधिकारी रोहित कुमार के निर्देश पर वन दारोगा अनिल कुमार पटेल समेत वन विभाग की टीम टपरा बाजार पहुंची। विभाग की ओर से मृत बालिका के पिता ओमप्रकाश को तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में पांच हजार रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। रेंजर ने बताया कि प्रभावित इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है तथा तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की तैयारी शुरू कर दी है।
पैदल गश्त के साथ हथिनियों ने की कॉंबिंग
बाघ और तेंदुओं के बढ़ते हमलों को देखते हुए वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। कतर्नियाघाट के रेंजर आशीष गौड़ ने वनकर्मियों की टीम के साथ संवेदनशील इलाकों में मंगलवार को पैदल मार्च किया। गश्त के दौरान टीम ने ग्रामीणों को सतर्क रहने, अकेले जंगल की ओर न जाने और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधने की सलाह दी। रेंजर ने कहा कि हथिनी जयमाला और चंपाकली द्वारा प्रभावित इलाकों में काॅंबिंग शुरू करवाई गई है। रात में गश्त तेज करने और ट्रैप कैमरे लगाने की बात भी कही।
सबसे दर्दनाक घटना सुजौली रेंज के टपरा बाजार स्थित छठ पूजा स्थल के निकट सौतिया नाला इलाके में हुई। यहां ओम प्रकाश की पुत्री अंशिका (09) सोमवार रात करीब 11 बजे परिवार के साथ घर के बाहर चारपाई पर सो रही थी। परिजनों के अनुसार अचानक तेंदुआ वहां पहुंचा और सो रही बच्ची को दबोचकर चारपाई से खींच ले गया। बच्ची की चीख सुनकर परिवार के लोग जगे और आसपास के ग्रामीण दौड़े लेकिन अंधेरा अधिक था। ग्रामीणों ने शोर मचाया, लेकिन तब तक तेंदुआ अंधेरे का फायदा उठाकर बच्ची काे खींचकर खेतों की ओर निकल गया।
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परिजनों और ग्रामीणों ने रात में ही हाका लगाते हुए तलाश शुरू की। कुछ दूरी पर गन्ने के खेत में अंशिका का शव बरामद हुआ। मासूम की मौत से गांव में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि वन क्षेत्र से सटे गांवों में तेंदुए की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है, लेकिन प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
मासूम की मौत की घटना से लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि मंगलवार सुबह सुजौली रेंज के पारसपुरवा गांव में तेंदुए ने खेत की ओर जा रही प्रियंका कुमारी (22) पुत्री बसंत पर झपट्टा मार दिया। हमले से युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। प्रीती ने तेंदुए से संघर्ष करते हुए शोर मचाया, चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और हाका लगाते हुए तेंदुए को खदेड़ा। इसके बाद घायल युवती को वन विभाग की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजौली पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा रेफर कर दिया गया।
लगातार हो रहे हमलों से महिलाओं और बच्चों में सबसे ज्यादा भय है। ग्रामीणों का कहना है कि अब शाम ढलते ही लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं, खेतों में काम करने जाने में भी डर लगने लगा है। गांवों में रात के समय पहरा देने की नौबत आ गई है।
मृत बालिका के परिजनों को दी अहेतुक सहायता
घटनाओं की सूचना मिलते ही सुजौली वनक्षेत्राधिकारी रोहित कुमार के निर्देश पर वन दारोगा अनिल कुमार पटेल समेत वन विभाग की टीम टपरा बाजार पहुंची। विभाग की ओर से मृत बालिका के पिता ओमप्रकाश को तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में पांच हजार रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। रेंजर ने बताया कि प्रभावित इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है तथा तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की तैयारी शुरू कर दी है।
पैदल गश्त के साथ हथिनियों ने की कॉंबिंग
बाघ और तेंदुओं के बढ़ते हमलों को देखते हुए वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। कतर्नियाघाट के रेंजर आशीष गौड़ ने वनकर्मियों की टीम के साथ संवेदनशील इलाकों में मंगलवार को पैदल मार्च किया। गश्त के दौरान टीम ने ग्रामीणों को सतर्क रहने, अकेले जंगल की ओर न जाने और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधने की सलाह दी। रेंजर ने कहा कि हथिनी जयमाला और चंपाकली द्वारा प्रभावित इलाकों में काॅंबिंग शुरू करवाई गई है। रात में गश्त तेज करने और ट्रैप कैमरे लगाने की बात भी कही।