{"_id":"6a28668b0f738dc5a6069772","slug":"sujauli-becomes-the-new-hotspot-for-leopard-attacks-bahraich-news-c-98-1-bhr1024-150982-2026-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: सुजौली बना तेंदुए के हमलों का नया ठिकाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: सुजौली बना तेंदुए के हमलों का नया ठिकाना
विज्ञापन
तेंदुए के हमले में घायल बच्ची को ले जाते लोग।
- फोटो : तेंदुए के हमले में घायल बच्ची को ले जाते लोग।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मिहींपुरवा। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में तेंदुए के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आलम यह है कि महज 13 घंटे के भीतर तेंदुए ने तीन जगहों पर हमले कर एक मासूम बच्ची की जान ले ली, जबकि दो ग्रामीणों और एक युवती को घायल कर दिया। लगातार हो रहे हमलों ने जंगल से सटे गांवों में दहशत है। इससे लोग दिन में भी घरों के बाहर निकलने से डरने लगे हैं।
सबसे दर्दनाक घटना सुजौली रेंज के टपरा बाजार स्थित सौतिया नाला क्षेत्र में हुई, जहां सोमवार देर रात 11 बजे घर के बाहर चारपाई पर सो रही नौ वर्षीय अंशिका को तेंदुआ उठाकर ले गया। बाद में बच्ची का शव खेत में मिला। इससे पहले सोमवार रात करीब आठ बजे गिरिजापुरी मोड़ के पास बाइक सवार दो ग्रामीण तेंदुए के हमले में घायल हुए थे। तीसरा हमला युवती पर मंगलवार सुबह करीब नौ बजे हुआ। ताबड़तोड़ घटनाओं से लग रहा है कि अब सुजौली इलाका तेंदुए के हमलों का नया ठिकाना बन गया है। सुजौली के राम दुलारे और जगमोहन का आरोप है कि पिछले कई सप्ताह से लगातार हमलों के बाद भी अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला जा सका है। (संवाद)
जंगल में बढ़ते दबाव और गन्ने की फसल से बढ़ा संघर्ष
कतर्नियाघाट में हाल के दिनों में तेंदुए के बढ़ते हमलों के पीछे जंगल के भीतर बढ़ रहा दबाव और गन्ने की फसलों में उनकी वापसी को प्रमुख कारण माना जा रहा है। वन्यजीव विशेषज्ञ एवं सेवानिवृत्त डीएफओ आनंद कुमार के अनुसार अभी तक खेत अपेक्षाकृत खाली थे, लेकिन गन्ने की फसल बढ़ने के साथ तेंदुए फिर से खेतों का रुख कर रहे हैं। जंगल से सटे क्षेत्रों में गन्ने के खेत तेंदुओं के लिए सुरक्षित ठिकाने का काम करते हैं। वहीं, कछार में भीषण गर्मी और कम छाया के कारण भी तेंदुए खेतों की ओर आ रहे हैं। इससे उनका आबादी से सामना बढ़ रहा है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ी हैं।
विज्ञापन
हाल में हुए तेंदुए के हमले
09 जून- सुजौली के पारसपुरवा गांव निवासी प्रियंका कुमारी (22) तेंदुए के हमले में घायल।
08 जून- सुजौली के टपरा बाजार निवासी अंशिका की तेंदुए के हमले में मौत।
08 जून - कतर्नियघाट रेंज के गिरिजापुरी मोड़ के पास बाइक पर तेंदुए के हमले में बर्दिया निवासी मैसर व विजय सिंह घायल।
06 जून - शिवपुर ब्लॉक के कोड़री गांव में घर के बाहर बैठी बुजुर्ग महिला सुरजा देवी (65) पर तेंदुए ने किया हमला।
28 मई - मोतीपुर रेंज के पंडित पुरवा में खेत में काम कर रहे दंपती रमावती (48) व रामेश्वर पर तेंदुए का हमला।
25 मई - चकिया रेंज के मौजी पुरवा (जुगिनिया) गांव में तेंदुए के हमले में फजुलर रहमान (70), उनका बेटा जुबेर, और नसीम घायल।
22 मई - शिवपुर के मंगलपुरवा में सरयू नदी के कछार में घास काट रही 12 वर्षीय बालिका रुचा पर तेंदुए ने किया हमला।
22 मई -कतर्नियघाट रेंज के तेलियनपुरवा निवासी मीणा देवी व उमेश घायल।
07 अप्रैल - कतर्नियाघाट के निशान गाड़ा रेंज में साबरमती और साइकिल सवार रमाशंकर पर हमला।
13 अप्रैल - सुजौली रेंज में तेंदुए के हमले में राज नरायन घायल।
तेंदुआ हमला करे तो ये करें
घबराकर भागें नहीं, खुद को बड़ा दिखाएं, दोनों हाथ ऊपर उठाएं, जैकेट या गमछा फैलाएं और सीधे खड़े रहें।
- जोर से चिल्लाएं, ताली बजाएं या आसपास मौजूद लोगों को आवाज दें। पीठ न दिखाएं।
-तेंदुए की ओर नजर बनाए रखें और धीरे-धीरे सुरक्षित स्थान की ओर जाएं।
- तेंदुआ हमला कर दे तो सिर और गर्दन बचाने की कोशिश करें।
सबसे दर्दनाक घटना सुजौली रेंज के टपरा बाजार स्थित सौतिया नाला क्षेत्र में हुई, जहां सोमवार देर रात 11 बजे घर के बाहर चारपाई पर सो रही नौ वर्षीय अंशिका को तेंदुआ उठाकर ले गया। बाद में बच्ची का शव खेत में मिला। इससे पहले सोमवार रात करीब आठ बजे गिरिजापुरी मोड़ के पास बाइक सवार दो ग्रामीण तेंदुए के हमले में घायल हुए थे। तीसरा हमला युवती पर मंगलवार सुबह करीब नौ बजे हुआ। ताबड़तोड़ घटनाओं से लग रहा है कि अब सुजौली इलाका तेंदुए के हमलों का नया ठिकाना बन गया है। सुजौली के राम दुलारे और जगमोहन का आरोप है कि पिछले कई सप्ताह से लगातार हमलों के बाद भी अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला जा सका है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
जंगल में बढ़ते दबाव और गन्ने की फसल से बढ़ा संघर्ष
कतर्नियाघाट में हाल के दिनों में तेंदुए के बढ़ते हमलों के पीछे जंगल के भीतर बढ़ रहा दबाव और गन्ने की फसलों में उनकी वापसी को प्रमुख कारण माना जा रहा है। वन्यजीव विशेषज्ञ एवं सेवानिवृत्त डीएफओ आनंद कुमार के अनुसार अभी तक खेत अपेक्षाकृत खाली थे, लेकिन गन्ने की फसल बढ़ने के साथ तेंदुए फिर से खेतों का रुख कर रहे हैं। जंगल से सटे क्षेत्रों में गन्ने के खेत तेंदुओं के लिए सुरक्षित ठिकाने का काम करते हैं। वहीं, कछार में भीषण गर्मी और कम छाया के कारण भी तेंदुए खेतों की ओर आ रहे हैं। इससे उनका आबादी से सामना बढ़ रहा है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ी हैं।
हाल में हुए तेंदुए के हमले
09 जून- सुजौली के पारसपुरवा गांव निवासी प्रियंका कुमारी (22) तेंदुए के हमले में घायल।
08 जून- सुजौली के टपरा बाजार निवासी अंशिका की तेंदुए के हमले में मौत।
08 जून - कतर्नियघाट रेंज के गिरिजापुरी मोड़ के पास बाइक पर तेंदुए के हमले में बर्दिया निवासी मैसर व विजय सिंह घायल।
06 जून - शिवपुर ब्लॉक के कोड़री गांव में घर के बाहर बैठी बुजुर्ग महिला सुरजा देवी (65) पर तेंदुए ने किया हमला।
28 मई - मोतीपुर रेंज के पंडित पुरवा में खेत में काम कर रहे दंपती रमावती (48) व रामेश्वर पर तेंदुए का हमला।
25 मई - चकिया रेंज के मौजी पुरवा (जुगिनिया) गांव में तेंदुए के हमले में फजुलर रहमान (70), उनका बेटा जुबेर, और नसीम घायल।
22 मई - शिवपुर के मंगलपुरवा में सरयू नदी के कछार में घास काट रही 12 वर्षीय बालिका रुचा पर तेंदुए ने किया हमला।
22 मई -कतर्नियघाट रेंज के तेलियनपुरवा निवासी मीणा देवी व उमेश घायल।
07 अप्रैल - कतर्नियाघाट के निशान गाड़ा रेंज में साबरमती और साइकिल सवार रमाशंकर पर हमला।
13 अप्रैल - सुजौली रेंज में तेंदुए के हमले में राज नरायन घायल।
तेंदुआ हमला करे तो ये करें
घबराकर भागें नहीं, खुद को बड़ा दिखाएं, दोनों हाथ ऊपर उठाएं, जैकेट या गमछा फैलाएं और सीधे खड़े रहें।
- जोर से चिल्लाएं, ताली बजाएं या आसपास मौजूद लोगों को आवाज दें। पीठ न दिखाएं।
-तेंदुए की ओर नजर बनाए रखें और धीरे-धीरे सुरक्षित स्थान की ओर जाएं।
- तेंदुआ हमला कर दे तो सिर और गर्दन बचाने की कोशिश करें।