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Bahraich News: ऑपरेशन थियेटर में पड़ा दिल का दौरा, अस्थि रोग विशेषज्ञ की मौत
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डॉ. विनोद कुमार।
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बहराइच। मेडिकल कॉलेज में मंगलवार शाम ऑपरेशन थिएटर में फाइलें देखते समय अचानक दिल का दौरा पड़ने से अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद कुमार (49) की मौत हो गई। घटना से पूरे मेडिकल कॉलेज परिसर में अफरातफरी मच गई। उनके निधन से चिकित्सकों में शोक की लहर है।
डॉ. विनोद कुमार, मूलत: संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद अंतर्गत श्रीनगरपुर गांव के निवासी थे। मंगलवार शाम वह ऑपरेशन थिएटर में कुछ मरीजों से जुड़ी फाइलें देख रहे थे। इसी दौरान उन्होंने सीने में हल्का दर्द, बेचैनी और घबराहट की शिकायत अपने साथ मौजूद चिकित्सकों से की। शुरुआती तौर पर इसे गैस की समस्या समझा गया, लेकिन कुछ ही मिनटों में वह ओटी के भीतर बेहोश होकर गिर पड़े।
साथी चिकित्सकों ने तत्काल उनकी जांच की तो हार्ट अटैक की आशंका सामने आई। इसके बाद उन्हें तत्काल जीवनरक्षक उपचार दिया गया। काफी देर तक सीपीआर और अन्य आपात चिकित्सीय उपाय किए गए, लेकिन उनकी धड़कनें वापस नहीं लौट सकीं। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय खत्री, सीएमएस डॉ. एसके वर्मा सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। अस्पताल में शोक का माहौल बन गया। परिजनों को सूचना देने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
अचानक आने वाला हार्ट अटैक कितना खतरनाक
मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. अनूप कुमार (एमडी मेडिसिन) के अनुसार, कई बार हृदय की धमनियों में अचानक रुकावट आने से एक्यूट मायोकार्डियल इंफार्क्शन (हार्ट अटैक) होता है। यदि तुरंत उपचार न मिले तो कुछ ही मिनटों में मरीज की जान जा सकती है। ऐसे मामलों में गोल्डन ऑवर (पहला एक घंटा) सबसे महत्वपूर्ण होता है। समय पर सीपीआर, ईसीजी और आवश्यक उपचार मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है, लेकिन कभी-कभी समस्या को समझने में देर हो जाती है।
हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण
सीने में तेज दर्द या दबाव महसूस होना
दर्द का बाएं हाथ, कंधे, पीठ या जबड़े तक फैलना
अचानक अत्यधिक पसीना आना
सांस लेने में तकलीफ
बेचैनी, घबराहट, चक्कर आना या बेहोशी
बचाव के उपाय
नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं।
उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें।
धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाएं।
नियमित व्यायाम करें और संतुलित आहार लें।
सीने में दर्द या उपरोक्त लक्षण महसूस होते ही तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचें।
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डॉ. विनोद कुमार, मूलत: संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद अंतर्गत श्रीनगरपुर गांव के निवासी थे। मंगलवार शाम वह ऑपरेशन थिएटर में कुछ मरीजों से जुड़ी फाइलें देख रहे थे। इसी दौरान उन्होंने सीने में हल्का दर्द, बेचैनी और घबराहट की शिकायत अपने साथ मौजूद चिकित्सकों से की। शुरुआती तौर पर इसे गैस की समस्या समझा गया, लेकिन कुछ ही मिनटों में वह ओटी के भीतर बेहोश होकर गिर पड़े।
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साथी चिकित्सकों ने तत्काल उनकी जांच की तो हार्ट अटैक की आशंका सामने आई। इसके बाद उन्हें तत्काल जीवनरक्षक उपचार दिया गया। काफी देर तक सीपीआर और अन्य आपात चिकित्सीय उपाय किए गए, लेकिन उनकी धड़कनें वापस नहीं लौट सकीं। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय खत्री, सीएमएस डॉ. एसके वर्मा सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। अस्पताल में शोक का माहौल बन गया। परिजनों को सूचना देने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
अचानक आने वाला हार्ट अटैक कितना खतरनाक
मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. अनूप कुमार (एमडी मेडिसिन) के अनुसार, कई बार हृदय की धमनियों में अचानक रुकावट आने से एक्यूट मायोकार्डियल इंफार्क्शन (हार्ट अटैक) होता है। यदि तुरंत उपचार न मिले तो कुछ ही मिनटों में मरीज की जान जा सकती है। ऐसे मामलों में गोल्डन ऑवर (पहला एक घंटा) सबसे महत्वपूर्ण होता है। समय पर सीपीआर, ईसीजी और आवश्यक उपचार मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है, लेकिन कभी-कभी समस्या को समझने में देर हो जाती है।
हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण
सीने में तेज दर्द या दबाव महसूस होना
दर्द का बाएं हाथ, कंधे, पीठ या जबड़े तक फैलना
अचानक अत्यधिक पसीना आना
सांस लेने में तकलीफ
बेचैनी, घबराहट, चक्कर आना या बेहोशी
बचाव के उपाय
नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं।
उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें।
धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाएं।
नियमित व्यायाम करें और संतुलित आहार लें।
सीने में दर्द या उपरोक्त लक्षण महसूस होते ही तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचें।