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Bahraich News: ग्रामीण क्षेत्रों में गहराया बिजली संकट, ग्रामीणों ने घेरा उपकेंद्र
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नाजिरपुरा में छब्बन चौराहे पर ट्रांसफार्मर में जलता तार।
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बहराइच/मटेरा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट गहरा गया है। भीषण गर्मी और उमस के बीच घंटों की अघोषित कटौती से नाराज ग्रामीणों ने रविवार को मटेरा विद्युत उपकेंद्र का घेराव कर प्रदर्शन किया। वहीं धरसवां, रामगढ़ी फीडर, मिहींपुरवा, कैसरगंज और रिसिया समेत कई क्षेत्रों में बिजली और पेयजल की समस्या से लोग परेशान रहे। फीडरों की बार-बार ट्रिपिंग और ओवरलोडिंग के कारण उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
शहर के नाजिरपुरा मोहल्ले के छब्बन चौराहा स्थित ट्रांसफार्मर का जंपर रविवार दोपहर ओवरलोड के कारण फिर जल गया, जिससे पूरे मोहल्ले की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रांसफार्मर का जंपर आए दिन जलने से घंटों बिजली बाधित रहती है। बशीरगंज उपकेंद्र से संचालित नाजिरपुरा क्षेत्र में पिछले एक महीने से लो वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई है। कम वोल्टेज के कारण पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। बिजली गुल होने से भीषण गर्मी में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
उधर लगातार बिजली कटौती से नाराज ग्रामीणों ने मटेरा विद्युत उपकेंद्र का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मटेरा, लालपुर, शिवपुर, मोहम्मदपुर, पकरा, देवरिया, झाला कला और आगैया समेत सैकड़ों गांवों में दिनभर में केवल दो से तीन घंटे ही बिजली मिल रही है। ग्रामीणों ने 24 घंटे के भीतर व्यवस्था में सुधार न होने पर मटेरा चौराहे पर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने की चेतावनी दी। प्रदर्शन में अमरीश मित्तल उर्फ डब्बू, अमरीक सिंह, अवधेश सिंह, कुलदीप सिंह, लखवीर सिंह, कुंतल सिंह, अमित कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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अघोषित कटौती से उपभोक्ताओं में रोष
रिसिया। नगर पंचायत और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था खराब बनी हुई है। क्षेत्रवासी सरोज कुमार सिंह, सुरेश प्रताप सिंह, अनिल निषाद, बजरंगबली पाठक और संजय त्रिपाठी ने बताया कि शनिवार रात भर बिजली आपूर्ति बाधित रही और रविवार को भी हालात में सुधार नहीं हुआ। उनका आरोप है कि विभाग तार टूटने, फीडर में चूहा घुसने और फेज उड़ने जैसे कारण बताकर कटौती कर रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे।
पांच घंटे बंद रहा रामगढ़ी फीडर
बौंडी। शनिवार शाम सात बजे से रात 12 बजे तक रामगढ़ी फीडर की बिजली आपूर्ति बाधित रही। पांच घंटे तक बिजली न रहने से हजारों उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी और उमस के बीच रात गुजारनी पड़ी। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में रोजाना बार-बार ट्रिपिंग और बिजली कटौती हो रही है। 24 घंटे में छह घंटे भी निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है। उपभोक्ताओं ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों पर भी बिजली विभाग के प्रति नाराजगी जताई।
रातभर ट्रिपिंग से कैसरगंज के उपभोक्ता परेशान
कैसरगंज। कैसरगंज पावर हाउस से जुड़े क्षेत्रों में भी बिजली संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रातभर करीब 10 बार बिजली ट्रिप होती रही, जिससे पंखे और कूलर बेकार साबित हो रहे हैं। देशराज, रामतेज, सीताराम, मन्नाराम, भगौती, केशवराम, सुरेश कुमार, जगत राम, जगत नारायण, हीरालाल और रामदीन सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बार-बार बिजली जाने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।
दो दिन से दो लाख लोगों की बिजली गुल
धरसवां। गोंडा-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान जेसीबी मशीन से पयागपुर से श्रावस्ती के गिलौला उपकेंद्र को जाने वाली 33 केवी अंडरग्राउंड लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे सदाशिव और पचदेवरी फीडरों की बिजली आपूर्ति पिछले दो दिनों से बाधित है। करीब दो लाख से अधिक की आबादी बिजली और पेयजल संकट से जूझ रही है। एसडीओ परविंदर सिंह ने बताया कि केबल गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई है। मरम्मत कार्य जारी है तथा आपूर्ति शीघ्र बहाल करने के लिए लखनऊ से विशेष मशीन मंगाई गई है।
जर्जर लाइन के भरोसे दो लाख की आबादी
मिहींपुरवा। तहसील क्षेत्र की करीब दो लाख आबादी आज भी कई दशक पुरानी 33 केवी लाइन पर निर्भर है। नानपारा पावर हाउस से मोतीपुर उपकेंद्र तक आने वाली जर्जर लाइन पर बढ़ते विद्युत भार के कारण आए दिन ब्रेकडाउन और फॉल्ट हो रहे हैं। कई बार पूरी रात बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, जिससे पेयजल आपूर्ति और छोटे कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं। सहायक अभियंता लल्लन कुमार ने बताया कि नानपारा से मोतीपुर तक नई 33 केवी लाइन बिछाने की मंजूरी मिल चुकी है और जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा।
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शहर के नाजिरपुरा मोहल्ले के छब्बन चौराहा स्थित ट्रांसफार्मर का जंपर रविवार दोपहर ओवरलोड के कारण फिर जल गया, जिससे पूरे मोहल्ले की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रांसफार्मर का जंपर आए दिन जलने से घंटों बिजली बाधित रहती है। बशीरगंज उपकेंद्र से संचालित नाजिरपुरा क्षेत्र में पिछले एक महीने से लो वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई है। कम वोल्टेज के कारण पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। बिजली गुल होने से भीषण गर्मी में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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उधर लगातार बिजली कटौती से नाराज ग्रामीणों ने मटेरा विद्युत उपकेंद्र का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मटेरा, लालपुर, शिवपुर, मोहम्मदपुर, पकरा, देवरिया, झाला कला और आगैया समेत सैकड़ों गांवों में दिनभर में केवल दो से तीन घंटे ही बिजली मिल रही है। ग्रामीणों ने 24 घंटे के भीतर व्यवस्था में सुधार न होने पर मटेरा चौराहे पर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने की चेतावनी दी। प्रदर्शन में अमरीश मित्तल उर्फ डब्बू, अमरीक सिंह, अवधेश सिंह, कुलदीप सिंह, लखवीर सिंह, कुंतल सिंह, अमित कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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अघोषित कटौती से उपभोक्ताओं में रोष
रिसिया। नगर पंचायत और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था खराब बनी हुई है। क्षेत्रवासी सरोज कुमार सिंह, सुरेश प्रताप सिंह, अनिल निषाद, बजरंगबली पाठक और संजय त्रिपाठी ने बताया कि शनिवार रात भर बिजली आपूर्ति बाधित रही और रविवार को भी हालात में सुधार नहीं हुआ। उनका आरोप है कि विभाग तार टूटने, फीडर में चूहा घुसने और फेज उड़ने जैसे कारण बताकर कटौती कर रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे।
पांच घंटे बंद रहा रामगढ़ी फीडर
बौंडी। शनिवार शाम सात बजे से रात 12 बजे तक रामगढ़ी फीडर की बिजली आपूर्ति बाधित रही। पांच घंटे तक बिजली न रहने से हजारों उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी और उमस के बीच रात गुजारनी पड़ी। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में रोजाना बार-बार ट्रिपिंग और बिजली कटौती हो रही है। 24 घंटे में छह घंटे भी निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है। उपभोक्ताओं ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों पर भी बिजली विभाग के प्रति नाराजगी जताई।
रातभर ट्रिपिंग से कैसरगंज के उपभोक्ता परेशान
कैसरगंज। कैसरगंज पावर हाउस से जुड़े क्षेत्रों में भी बिजली संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रातभर करीब 10 बार बिजली ट्रिप होती रही, जिससे पंखे और कूलर बेकार साबित हो रहे हैं। देशराज, रामतेज, सीताराम, मन्नाराम, भगौती, केशवराम, सुरेश कुमार, जगत राम, जगत नारायण, हीरालाल और रामदीन सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बार-बार बिजली जाने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।
दो दिन से दो लाख लोगों की बिजली गुल
धरसवां। गोंडा-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान जेसीबी मशीन से पयागपुर से श्रावस्ती के गिलौला उपकेंद्र को जाने वाली 33 केवी अंडरग्राउंड लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे सदाशिव और पचदेवरी फीडरों की बिजली आपूर्ति पिछले दो दिनों से बाधित है। करीब दो लाख से अधिक की आबादी बिजली और पेयजल संकट से जूझ रही है। एसडीओ परविंदर सिंह ने बताया कि केबल गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई है। मरम्मत कार्य जारी है तथा आपूर्ति शीघ्र बहाल करने के लिए लखनऊ से विशेष मशीन मंगाई गई है।
जर्जर लाइन के भरोसे दो लाख की आबादी
मिहींपुरवा। तहसील क्षेत्र की करीब दो लाख आबादी आज भी कई दशक पुरानी 33 केवी लाइन पर निर्भर है। नानपारा पावर हाउस से मोतीपुर उपकेंद्र तक आने वाली जर्जर लाइन पर बढ़ते विद्युत भार के कारण आए दिन ब्रेकडाउन और फॉल्ट हो रहे हैं। कई बार पूरी रात बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, जिससे पेयजल आपूर्ति और छोटे कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं। सहायक अभियंता लल्लन कुमार ने बताया कि नानपारा से मोतीपुर तक नई 33 केवी लाइन बिछाने की मंजूरी मिल चुकी है और जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा।