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Bahraich News: हरियाली ने छीना सुकून, गन्ने के खेत बने तेंदुओं के ठिकाने
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Mon, 09 Feb 2026 12:28 AM IST
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कतर्नियाघाट संरक्षित वनक्षेत्र में पेड़ पर बैठा तेंदुआ। (फाइल फोटो)
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मिहीपुरवा। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र की घनी हरियाली अब सीमावर्ती गांवों के लिए सुकून नहीं, बल्कि गहराते भय का पर्याय बनती जा रही है। सात वन रेंजों में फैले इस विशाल जंगल के बीच कई ऐसे छोटे-छोटे वनखंड मौजूद हैं, जो वर्षों पहले प्राकृतिक संतुलन का हिस्सा थे, लेकिन धीरे-धीरे गांवों और खेती-बाड़ी के बढ़ते दायरे ने इन्हें आबादी से सटा दिया।
नतीजतन जंगल और बस्तियों के बीच की प्राकृतिक दूरी लगातार घटती गई, जिससे अब मानव-वन्यजीव टकराव का खतरा पहले से कहीं अधिक गंभीर रूप लेता दिख रहा है। कुछ वर्षों में गन्ने की खेती का तेजी से बढ़ा रकबा इस संकट को और जटिल बना रहा है।
ऊंची, घनी और लंबे समय तक खड़ी रहने वाली गन्ने की फसल तेंदुओं के लिए सुरक्षित ठिकाना बन गई है। तेंदुए दिन के उजाले में इन्हीं खेत में रहते हैं और रात का सन्नाटा बढ़ते ही उनका रुख गांवों की ओर हो जाता है।
कई भागों में बंट गए जंगल और खेतों की हरियाली ने तेंदुओं की गतिविधियों और व्यवहार में स्पष्ट बदलाव ला दिया है, जिसका सीधा असर ग्रामीणों की दिनचर्या और सुरक्षा पर दिखाई पड़ने लगा है।
ग्रामीणों का मानना है कि समस्या का समाधान केवल गश्त और चेतावनी तक सीमित नहीं हो सकता। वन क्षेत्र का स्पष्ट सीमांकन, संवेदनशील गांवों में सौर लाइट और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, ऊंचे मचान, त्वरित रेस्क्यू टीम की उपलब्धता, स्कूल स्तर तक जागरूकता अभियान तथा गन्ने की फसल की कटाई के मौसम में विशेष निगरानी जैसे ठोस कदम समय की मांग हैं। इसके साथ ही स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी के बिना किसी भी योजना का प्रभाव सीमित ही रहेगा।
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तेंदुए के हमलों में इनकी हुई मौत:
- 19 जनवरी 2025 को सुजौली वन रेंज के अयोध्यापुरवा निवासी आयशा (11) की मौत।
- 1 मई 2025 को धर्मापुर वन रेंज के जलिहा निवासी शमा (8) की मौत।
- 13 जून 2025 को धर्मापुर वन रेंज के धर्मापुर निवासी शहिद (6) की मौत।
- 12 जुलाई 2025 को मोतीपुर वन रेंज के मनोहरपुरवा निवासी अरविंद कुमार (13) की मौत।
- 30 सितंबर 2025 को ककरहा वन रेंज के धरमपुर निवासी कन्हईलाल (32) की मौत।
- 15 नवंबर 2025 को कतर्नियाघाट वन रेंज के सीतारामपुरवा निवासी अभिनंदन (5) की मौत।
- 18 दिसम्बर 2025 को सुजौली वन रेंज के अयोध्यापुरवा निवासी आसमान (7) की मौत।
- 29 जनवरी 2026 को निशानगाडा वन रेंज के मुखियाफार्म रमपुरवा निवासी अनुष्का (4) की मौत।
- 4 फरवरी 2026 को कतर्नियाघाट वन रेंज के निषादनगर निवासी सुभाष (8) की मौत।
- 7 फरवरी 2026 को सुजौली वन रेंज के मोहकमपुरवा निवासी सहजल (6) की मौत।
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नतीजतन जंगल और बस्तियों के बीच की प्राकृतिक दूरी लगातार घटती गई, जिससे अब मानव-वन्यजीव टकराव का खतरा पहले से कहीं अधिक गंभीर रूप लेता दिख रहा है। कुछ वर्षों में गन्ने की खेती का तेजी से बढ़ा रकबा इस संकट को और जटिल बना रहा है।
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ऊंची, घनी और लंबे समय तक खड़ी रहने वाली गन्ने की फसल तेंदुओं के लिए सुरक्षित ठिकाना बन गई है। तेंदुए दिन के उजाले में इन्हीं खेत में रहते हैं और रात का सन्नाटा बढ़ते ही उनका रुख गांवों की ओर हो जाता है।
कई भागों में बंट गए जंगल और खेतों की हरियाली ने तेंदुओं की गतिविधियों और व्यवहार में स्पष्ट बदलाव ला दिया है, जिसका सीधा असर ग्रामीणों की दिनचर्या और सुरक्षा पर दिखाई पड़ने लगा है।
ग्रामीणों का मानना है कि समस्या का समाधान केवल गश्त और चेतावनी तक सीमित नहीं हो सकता। वन क्षेत्र का स्पष्ट सीमांकन, संवेदनशील गांवों में सौर लाइट और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, ऊंचे मचान, त्वरित रेस्क्यू टीम की उपलब्धता, स्कूल स्तर तक जागरूकता अभियान तथा गन्ने की फसल की कटाई के मौसम में विशेष निगरानी जैसे ठोस कदम समय की मांग हैं। इसके साथ ही स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी के बिना किसी भी योजना का प्रभाव सीमित ही रहेगा।
तेंदुए के हमलों में इनकी हुई मौत:
- 19 जनवरी 2025 को सुजौली वन रेंज के अयोध्यापुरवा निवासी आयशा (11) की मौत।
- 1 मई 2025 को धर्मापुर वन रेंज के जलिहा निवासी शमा (8) की मौत।
- 13 जून 2025 को धर्मापुर वन रेंज के धर्मापुर निवासी शहिद (6) की मौत।
- 12 जुलाई 2025 को मोतीपुर वन रेंज के मनोहरपुरवा निवासी अरविंद कुमार (13) की मौत।
- 30 सितंबर 2025 को ककरहा वन रेंज के धरमपुर निवासी कन्हईलाल (32) की मौत।
- 15 नवंबर 2025 को कतर्नियाघाट वन रेंज के सीतारामपुरवा निवासी अभिनंदन (5) की मौत।
- 18 दिसम्बर 2025 को सुजौली वन रेंज के अयोध्यापुरवा निवासी आसमान (7) की मौत।
- 29 जनवरी 2026 को निशानगाडा वन रेंज के मुखियाफार्म रमपुरवा निवासी अनुष्का (4) की मौत।
- 4 फरवरी 2026 को कतर्नियाघाट वन रेंज के निषादनगर निवासी सुभाष (8) की मौत।
- 7 फरवरी 2026 को सुजौली वन रेंज के मोहकमपुरवा निवासी सहजल (6) की मौत।