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Bahraich News: फिर तपी तराई, 40 डिग्री पहुंचा पारा
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बहराइच में चिलचिलाती धूप में गुजरते लोग।
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बहराइच। कुछ दिनों तक बादलों और तेज हवाओं से मिली राहत के बाद तराई एक बार फिर भीषण गर्मी की चपेट में है। रविवार को बहराइच में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जिससे लोगों को झुलसन भरी गर्मी का एहसास हुआ। सुबह से ही तेज धूप निकलने के बाद दोपहर होते-होते सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसर गया। गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।
दोपहर के समय शहर के छावनी बाजार, चौक बाजार, अस्पताल चौराला, पानी टंकी चौराहा, डिगिहा तिराहा, अग्रसेन चौक और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की आवाजाही कम दिखाई दी। जरूरी काम से निकलने वाले लोग सिर पर गमछा, टोपी और छाता लगाकर धूप से बचाव करते नजर आए। सबसे अधिक परेशानी रिक्शा चालकों, ठेला संचालकों और दिहाड़ी मजदूरों को उठानी पड़ी।
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली और पेयजल की मांग में भी इजाफा हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आवाजाही से लोगों की परेशानी और बढ़ रही है। घरों में कूलर और पंखे भी दोपहर के समय राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में विशेष गिरावट के आसार नहीं हैं। हालांकि कहीं-कहीं बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन फिलहाल गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद कम है।
आधी रात की कटौती से बढ़ी परेशानी
बहराइच शहर समेत नानपारा, महसी और कैसरगंज इलाके में रात करीब 12 बजे के बाद हो रही बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। उमस भरी गर्मी में घंटों बिजली गुल रहने से लोगों की नींद खराब हो रही है। शहर के घंटाघर मोहल्ले के निवासी राजेश गुप्ता ने बताया कि रात में अचानक बिजली जाने से परिवार को काफी परेशानी होती है। वहीं नानपारा निवासी मोहम्मद आरिफ का कहना है कि कटौती के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ रही है। लोगों ने बिजली आपूर्ति में सुधार की मांग की है।
किसान क्या करें
धान की नर्सरी में नमी बनाए रखें।
खेतों की नियमित निगरानी करें।
मौसम विभाग की सलाह के अनुसार सिंचाई करें।
पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और छाया की व्यवस्था रखें।
कीट व रोग दिखने पर कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें।
क्या न करें
तेज धूप में दोपहर के समय सिंचाई न करें।
बिना सलाह के अधिक उर्वरकों का प्रयोग न करें।
मौसम की चेतावनी को नजरअंदाज न करें।
खेत में जलभराव न होने दें।
पशुओं को लंबे समय तक खुले में न बांधें।
दोपहर के समय शहर के छावनी बाजार, चौक बाजार, अस्पताल चौराला, पानी टंकी चौराहा, डिगिहा तिराहा, अग्रसेन चौक और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की आवाजाही कम दिखाई दी। जरूरी काम से निकलने वाले लोग सिर पर गमछा, टोपी और छाता लगाकर धूप से बचाव करते नजर आए। सबसे अधिक परेशानी रिक्शा चालकों, ठेला संचालकों और दिहाड़ी मजदूरों को उठानी पड़ी।
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गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली और पेयजल की मांग में भी इजाफा हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आवाजाही से लोगों की परेशानी और बढ़ रही है। घरों में कूलर और पंखे भी दोपहर के समय राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में विशेष गिरावट के आसार नहीं हैं। हालांकि कहीं-कहीं बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन फिलहाल गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद कम है।
आधी रात की कटौती से बढ़ी परेशानी
बहराइच शहर समेत नानपारा, महसी और कैसरगंज इलाके में रात करीब 12 बजे के बाद हो रही बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। उमस भरी गर्मी में घंटों बिजली गुल रहने से लोगों की नींद खराब हो रही है। शहर के घंटाघर मोहल्ले के निवासी राजेश गुप्ता ने बताया कि रात में अचानक बिजली जाने से परिवार को काफी परेशानी होती है। वहीं नानपारा निवासी मोहम्मद आरिफ का कहना है कि कटौती के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ रही है। लोगों ने बिजली आपूर्ति में सुधार की मांग की है।
किसान क्या करें
धान की नर्सरी में नमी बनाए रखें।
खेतों की नियमित निगरानी करें।
मौसम विभाग की सलाह के अनुसार सिंचाई करें।
पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और छाया की व्यवस्था रखें।
कीट व रोग दिखने पर कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें।
क्या न करें
तेज धूप में दोपहर के समय सिंचाई न करें।
बिना सलाह के अधिक उर्वरकों का प्रयोग न करें।
मौसम की चेतावनी को नजरअंदाज न करें।
खेत में जलभराव न होने दें।
पशुओं को लंबे समय तक खुले में न बांधें।