{"_id":"69d6a026cbff3dbeba0868fa","slug":"the-weather-deteriorated-again-drizzling-crops-drenched-and-harvesting-halted-bahraich-news-c-98-1-bhr1024-147237-2026-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: फिर बिगड़ा मौसम, बूंदाबांदी से भीगी फसल, कटाई थमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: फिर बिगड़ा मौसम, बूंदाबांदी से भीगी फसल, कटाई थमी
विज्ञापन
बाबागंज इलाके में खेत में कटी पड़ी फसल।
- फोटो : बाबागंज इलाके में खेत में कटी पड़ी फसल।
विज्ञापन
बहराइच। तराई में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। मंगलवार देर रात से शुरू हुई बूंदाबांदी बुधवार सुबह तक जारी रही, जिससे खेतों में खड़ी और कटी फसल भीग गई। गेहूं कटाई के बीच हुई इस बारिश ने खेती की रफ्तार थाम दी है और किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
जिले में इन दिनों गेहूं और सरसों की कटाई व मड़ाई का काम चल रहा था, लेकिन बारिश और तेज हवा ने इस पर ब्रेक लगा दिया है। खेतों में पड़ी कटी फसल भीगने से दानों के काला पड़ने और उत्पादन घटने का खतरा बढ़ गया है। जमीन में नमी बढ़ने से हार्वेस्टर और थ्रेसर भी सही से काम नहीं कर पा रहे हैं।
महसी के किसान जगदीश और राधेश्याम का कहना है कि खेतों में कटी फसल पड़ी है, जो लगातार भीग रही है। पयागपुर के किसान प्रभाकर ने बताया कि मशीनें नहीं चल पा रही हैं, जिससे कटाई में देरी हो रही है। किसानों का कहना है कि इस समय साफ मौसम सबसे ज्यादा जरूरी होता है, लेकिन बार-बार हो रही बारिश से उनकी मेहनत पर पानी फिरता दिख रहा है।
कराया जा रहा सर्वे
जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूबेदार यादव ने बताया कि फसल नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। फसल बीमा योजना के तहत करीब 90 किसानों ने दावा किया है। राजस्व और कृषि विभाग की टीमें खेतों में जाकर स्थिति का आकलन कर रही हैं। तहसील स्तर पर क्रॉप कटिंग सर्वे भी चल रहा है, जिसे तीन दिन में पूरा कर मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
सावधानी बरतें किसान
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसबी सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और उसे तिरपाल से ढकें। जहां संभव हो, पानी निकासी की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि मौसम साफ होते ही जल्द कटाई और मड़ाई पूरी करें, ताकि नुकसान कम हो सके।
सतर्क रहें, हो सकती है ओलावृष्टि
मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि अगले एक-दो दिन तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कहीं-कहीं तेज हवा के साथ हल्की बारिश और ओलावृष्टि की भी संभावना है। उन्होंने किसानों को सतर्क रहने और मौसम के पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
Trending Videos
जिले में इन दिनों गेहूं और सरसों की कटाई व मड़ाई का काम चल रहा था, लेकिन बारिश और तेज हवा ने इस पर ब्रेक लगा दिया है। खेतों में पड़ी कटी फसल भीगने से दानों के काला पड़ने और उत्पादन घटने का खतरा बढ़ गया है। जमीन में नमी बढ़ने से हार्वेस्टर और थ्रेसर भी सही से काम नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
महसी के किसान जगदीश और राधेश्याम का कहना है कि खेतों में कटी फसल पड़ी है, जो लगातार भीग रही है। पयागपुर के किसान प्रभाकर ने बताया कि मशीनें नहीं चल पा रही हैं, जिससे कटाई में देरी हो रही है। किसानों का कहना है कि इस समय साफ मौसम सबसे ज्यादा जरूरी होता है, लेकिन बार-बार हो रही बारिश से उनकी मेहनत पर पानी फिरता दिख रहा है।
कराया जा रहा सर्वे
जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूबेदार यादव ने बताया कि फसल नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। फसल बीमा योजना के तहत करीब 90 किसानों ने दावा किया है। राजस्व और कृषि विभाग की टीमें खेतों में जाकर स्थिति का आकलन कर रही हैं। तहसील स्तर पर क्रॉप कटिंग सर्वे भी चल रहा है, जिसे तीन दिन में पूरा कर मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
सावधानी बरतें किसान
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसबी सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और उसे तिरपाल से ढकें। जहां संभव हो, पानी निकासी की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि मौसम साफ होते ही जल्द कटाई और मड़ाई पूरी करें, ताकि नुकसान कम हो सके।
सतर्क रहें, हो सकती है ओलावृष्टि
मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि अगले एक-दो दिन तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कहीं-कहीं तेज हवा के साथ हल्की बारिश और ओलावृष्टि की भी संभावना है। उन्होंने किसानों को सतर्क रहने और मौसम के पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।