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Bahraich News: जिले के 34 स्कूलों में शुरू होगी व्यावसायिक शिक्षा
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बहराइच। माध्यमिक शिक्षा में अब पढ़ाई के साथ रोजगारपरक कौशल विकसित करने पर जोर बढ़ रहा है। जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 में 34 राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू करने की तैयारी है। इसके तहत कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को उनकी रुचि के अनुसार आईटी, कृषि और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक ट्रेड में कम से कम 25 विद्यार्थियों का प्रवेश प्रस्तावित है।
जिला विद्यालय निरीक्षक सर्वदानंद ने बताया कि इससे पहले प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत वर्ष 2025-26 में 12 राजकीय विद्यालयों में कौशल विकास मिशन के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षण कराया गया। सिटी पब्लिक शिक्षा समिति, यूपी कोऑपरेटिव महाविद्यालय, इंटरनेशनल एजुकेयर, रीजनल सेंटर फॉर अर्बन एंड एनवायरमेंटल स्टडीज लखनऊ और संख्या एजुकेशन सोसायटी के सहयोग से कक्षा नौ और 11 के करीब 1200 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। अब इस योजना का दायरा राजकीय विद्यालयों से बढ़ाकर अशासकीय विद्यालयों तक किया जा रहा है।
10 विद्यालयों में बनी व्यावसायिक लैब
समग्र शिक्षा के तहत वर्ष 2025-26 में जिले के 10 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक लैब स्थापित की गईं। इनमें विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार आईटी, कृषि और एआई से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू किए गए। प्रशिक्षण के लिए राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से प्रशिक्षकों की तैनाती की गई। विद्यार्थियों ने भी प्रशिक्षण में उत्साह के साथ भाग लिया।
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हर विद्यालय तक पहुंचाने की तैयारी
डीआईओएस ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ने पर जोर दिया गया है। इसी उद्देश्य से आने वाले वर्षों में जिले के शत-प्रतिशत विद्यालयों में व्यावसायिक लैब स्थापित कर व्यवसायिक शिक्षा शुरू करने की योजना है। इसी क्रम में ड्रीम लैब को टाटा समूह की कंपनी नेल्को के सहयोग से स्थापित करने का प्रस्ताव भी है।
एक ट्रेड में 25 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण
प्रस्तावित व्यावसायिक शिक्षा के प्रत्येक ट्रेड को कक्षा नौ से 12 तक संचालित किया जाएगा। एक ट्रेड में न्यूनतम 25 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए लैब का संचालन विद्यालय समय में पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ स्कूल स्तर पर ही रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े कौशल हासिल करने का अवसर मिलेगा।
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जिला विद्यालय निरीक्षक सर्वदानंद ने बताया कि इससे पहले प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत वर्ष 2025-26 में 12 राजकीय विद्यालयों में कौशल विकास मिशन के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षण कराया गया। सिटी पब्लिक शिक्षा समिति, यूपी कोऑपरेटिव महाविद्यालय, इंटरनेशनल एजुकेयर, रीजनल सेंटर फॉर अर्बन एंड एनवायरमेंटल स्टडीज लखनऊ और संख्या एजुकेशन सोसायटी के सहयोग से कक्षा नौ और 11 के करीब 1200 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। अब इस योजना का दायरा राजकीय विद्यालयों से बढ़ाकर अशासकीय विद्यालयों तक किया जा रहा है।
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10 विद्यालयों में बनी व्यावसायिक लैब
समग्र शिक्षा के तहत वर्ष 2025-26 में जिले के 10 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक लैब स्थापित की गईं। इनमें विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार आईटी, कृषि और एआई से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू किए गए। प्रशिक्षण के लिए राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से प्रशिक्षकों की तैनाती की गई। विद्यार्थियों ने भी प्रशिक्षण में उत्साह के साथ भाग लिया।
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हर विद्यालय तक पहुंचाने की तैयारी
डीआईओएस ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ने पर जोर दिया गया है। इसी उद्देश्य से आने वाले वर्षों में जिले के शत-प्रतिशत विद्यालयों में व्यावसायिक लैब स्थापित कर व्यवसायिक शिक्षा शुरू करने की योजना है। इसी क्रम में ड्रीम लैब को टाटा समूह की कंपनी नेल्को के सहयोग से स्थापित करने का प्रस्ताव भी है।
एक ट्रेड में 25 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण
प्रस्तावित व्यावसायिक शिक्षा के प्रत्येक ट्रेड को कक्षा नौ से 12 तक संचालित किया जाएगा। एक ट्रेड में न्यूनतम 25 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए लैब का संचालन विद्यालय समय में पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ स्कूल स्तर पर ही रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े कौशल हासिल करने का अवसर मिलेगा।