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Bahraich News: जंगली हाथियों ने किया उत्पात, फसल रौंदी

Sun, 12 Jul 2026 12:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Sun, 12 Jul 2026 12:31 AM IST
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Wild elephants create havoc, trample crops.
निशानगाड़ा रेंज के आजमगढ़पुरवा में हाथी के उत्पात में बर्बाद हुई फसल। -संवाद
बिछिया। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के निशानगाड़ा रेंज में जंगली हाथियों के झुंड ने शुक्रवार रात नौतोड़, आजमगढ़पुरवा और राणा फार्म इलाके में खेतों में घुस कर करीब 8.5 एकड़ फसल रौंदकर डाली। धान की फसल चरने का वीडियो भी शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा। घटना के बाद किसानों में दहशत और आक्रोश है।
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शुक्रवार रात करीब दो बजे हाथियों का झुंड खेतों में पहुंचा। विजय कुमार, सर्वजीत, मनोज, सूबेदार, नंदलाल, सुरेश मौर्य, रंजीत कौर, राजकुमार, शशिकांत, रीना और इंद्रदेव समेत कई किसानों की ढाई एकड़ गन्ना, पांच एकड़ धान और एक एकड़ हल्दी की फसल रौंद डाली। तेज बारिश के बीच कुछ किसानों ने हिम्मत जुटाकर हाथियों को हांका लगाकर खेतों से दूर करने का प्रयास किया, लेकिन झुंड के आगे उनकी कोशिशें बेअसर रहीं।
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शनिवार सुबह सूचना मिलने पर गजमित्र सुरेश मौर्य और जयनारायन मौके पर पहुंचे। इसके बाद वन विभाग की टीम ने गजमित्रों के साथ मेगाफोन के जरिये गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की।
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निशानगाड़ा वन क्षेत्राधिकारी शिव प्रसाद ने बताया कि फसल नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। रिपोर्ट तैयार कर मुआवजे के लिए उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। साथ ही प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी और गश्त बढ़ाई गई है।




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हाथी विशेषज्ञ की सलाह

हाथी विशेषज्ञ अभिषेक के अनुसार जंगली हाथियों के झुंड मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं एक मादा और बच्चों का, जबकि दूसरा केवल नर हाथियों का समूह होता है, जिसे स्थानीय भाषा में ''मलजुरिया'' कहा जाता है। नर हाथियों का झुंड अपेक्षाकृत अधिक आक्रामक माना जाता है। ऐसे में हाथियों का झुंड दिखाई देने पर लोग उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखें और स्वयं उन्हें भगाने के बजाय वन विभाग व गजमित्रों को सूचना दें। हांका अभियान भी प्रशिक्षित टीम के साथ ही चलाया जाना चाहिए।
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