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बलिया में मौसम का कहर: आंधी से गिरी झोपड़ी की दीवार, मलबे में दबकर किशोरी की हुई मौत; पसरा मातम
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
Published by: Pragati Chand
Updated Mon, 04 May 2026 08:26 PM IST
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सार
Ballia News: बलिया में मौसम के कहर के बीच एक किशोरी की सांसें थम गईं। आंधी और बारिश के बीच एक झोपड़ी की दीवार गिरी, जिसमें मलबे में दबकर किशोरी की मौत हो गई।
आंधी- बारिश के बीच गिरा पेड़
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बलिया जिले में सुखपुरा थाना क्षेत्र के वन बिहार मार्ग पर सोमवार की दोपहर बाद आंधी के दौरान कच्ची दीवार गिरने से चांदनी (13) की मौत हो गई। सूचना पर लेखपाल व पुलिस पहुंची और सहायता का आश्वासन दिया। वन बिहार के पास चक जीरा बस्ती टोला निवासी विनोद पासवान नहर के पास घर बनाकर परिवार के साथ रहते हैं।
सोमवार को आंधी के दौरान झोपड़ी की दीवार गिर गई। चांदनी उसके मलबे में दब गई। आवाज सुनकर पहुंचे परिजनों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। थानाध्यक्ष रत्नेश दूबे ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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दिन में छाया अंधेरा, आंधी-पानी से 26 ज्यादा पेड़ और 30 खंभे उखड़े
जिले में सोमवार की दोपहर बाद करीब तीन बजे आंधी-पानी ने तबाही मचा दी। हवा की गति लगभग 80 से 90 किमी प्रतिघंटे रही। आंधी के दौरान 26 से अधिक पेड़ व 30 बिजली के खंभे उखड़ गए। इससे विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। शहर क्षेत्र में करीब चार घंटे बाद सप्लाई व्यवस्था पटरी पर आई। वहीं, ग्रामीण इलाकों में देर रात तक सप्लाई बहाल नहीं हो सकी थी। कई जगह वाहनों पर पेड़ गिर गए।
आसमान पर काले बादल छाने से कुछ ही देर में ऐसा अंधेरा छा गया, मानो रात हो गई हो। हालात ऐसे बने कि लोगों को दिन में ही वाहनों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। तेज हवा के कारण टीन शेड, बैनर-पोस्टर तक उड़ गए। तेज हवाओं के झोंकों ने कच्चे और फूस के बने घरों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। कई घरों के छप्पर उड़ गए, जिससे लोगों को भारी क्षति हुई। जगह-जगह पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे आवागमन भी प्रभावित रहा।