{"_id":"6a6e474d61c67fa37600ad48","slug":"bulldozers-were-razed-to-the-ground-for-construction-of-a-ccu-central-curfew-and-infant-custody-at-seven-residences-of-class-iv-employees-ballia-news-c-190-1-ana1001-169963-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: सीसीयू निर्माण के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के 7 आवासों पर चला बुलडोजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: सीसीयू निर्माण के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के 7 आवासों पर चला बुलडोजर
विज्ञापन
सीसीयू वार्ड के लिए जिला अस्पताल परिसर स्थित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के आवास पर चल रहा बुलडो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। जिला अस्पताल में 50 बेड के अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) के निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। शनिवार को सीसीयू निर्माण के लिए चयनित जगह व ट्राॅमा सेंटर के बगल स्थित 7 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आवासों पर बुलडोजर चलाया गया।
आवास खाली करने का नोटिस मिलने के बाद कर्मचारी यहां से शिफ्ट हो गए हैं। अब फार्मासिस्ट और चिकित्सकों के सरकारी आवासों को तोड़ा जाएगा। जिला अस्पताल में 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट करीब 23.75 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। इस परियोजना का निर्माण प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत कराया जा रहा है। इसका शिलान्यास 12 जुलाई को प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने किया था।
परियोजना को लगभग 16 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस सीसीयू में वेंटिलेटर, हाई-एंड मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑक्सीजन सप्लाई, आपातकालीन उपचार की आधुनिक व्यवस्था और प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मी उपलब्ध रहेंगे।
विज्ञापन
इसके शुरू होने के बाद हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, सड़क दुर्घटना तथा अन्य गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए वाराणसी, गोरखपुर या अन्य बड़े शहरों में रेफर करने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह परियोजना जिले की करीब 40 लाख आबादी के लिए गंभीर चिकित्सा सेवाओं को नई मजबूती देगी। क्रिटिकल केयर यूनिट मेडिकल कॉलेज में भी काम करेगा। इसके अभाव में प्रतिदिन करीब 15 से 20 से अधिक मरीज वाराणसी, मऊ, गोरखपुर व पटना इलाज को जाते हैं। लंबे समय से इसके निर्माण की कवायद चल रही थी।
इस बाबत सीएमएस डॉक्टर एसके यादव ने कहा कि सीसीयू निर्माण वाले स्थान के भवनों को तोड़ कर वहां कार्यदायी संस्थान निर्माण कार्य शुरू करेगी।
विज्ञापन
आवास खाली करने का नोटिस मिलने के बाद कर्मचारी यहां से शिफ्ट हो गए हैं। अब फार्मासिस्ट और चिकित्सकों के सरकारी आवासों को तोड़ा जाएगा। जिला अस्पताल में 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट करीब 23.75 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। इस परियोजना का निर्माण प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत कराया जा रहा है। इसका शिलान्यास 12 जुलाई को प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने किया था।
विज्ञापन
परियोजना को लगभग 16 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस सीसीयू में वेंटिलेटर, हाई-एंड मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑक्सीजन सप्लाई, आपातकालीन उपचार की आधुनिक व्यवस्था और प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मी उपलब्ध रहेंगे।
विज्ञापन
इसके शुरू होने के बाद हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, सड़क दुर्घटना तथा अन्य गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए वाराणसी, गोरखपुर या अन्य बड़े शहरों में रेफर करने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह परियोजना जिले की करीब 40 लाख आबादी के लिए गंभीर चिकित्सा सेवाओं को नई मजबूती देगी। क्रिटिकल केयर यूनिट मेडिकल कॉलेज में भी काम करेगा। इसके अभाव में प्रतिदिन करीब 15 से 20 से अधिक मरीज वाराणसी, मऊ, गोरखपुर व पटना इलाज को जाते हैं। लंबे समय से इसके निर्माण की कवायद चल रही थी।
इस बाबत सीएमएस डॉक्टर एसके यादव ने कहा कि सीसीयू निर्माण वाले स्थान के भवनों को तोड़ कर वहां कार्यदायी संस्थान निर्माण कार्य शुरू करेगी।