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Ballia News: पॉक्सो एक्ट में पांच दोषियों को 25-25 साल की सजा
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बलिया। पॉक्सो एक्ट के एक मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथमकांत की अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार दिया। दोषी मनोज यादव, राकेश यादव, पंकज यादव, मंजीत यादव और रोहित यादव को 25-25 वर्ष की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना चितबड़ागांव क्षेत्र के एक व्यक्ति ने 26 दिसंबर 2022 को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 24 दिसंबर 2022 की शाम नाबालिग पुत्री शौच के लिए घर से बाहर गई थी। इसी दौरान गांव के कुछ युवकों ने छेड़खानी की।
विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट की और धमकी दी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। मेडिकल परीक्षण और पीड़िता के बयान के आधार पर मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई गईं। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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सुनवाई के दौरान मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन विभाग की ओर से प्रभावी पैरवी की गई। दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने नसरतपुर निवासी मनोज यादव, राकेश यादव, पंकज यादव, मंजीत यादव और रोहित यादव को दोषी पाया। अदालत ने पांचों दोषियों को 25-25 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोप पत्र अदालत में पेश किया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना चितबड़ागांव क्षेत्र के एक व्यक्ति ने 26 दिसंबर 2022 को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 24 दिसंबर 2022 की शाम नाबालिग पुत्री शौच के लिए घर से बाहर गई थी। इसी दौरान गांव के कुछ युवकों ने छेड़खानी की।
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विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट की और धमकी दी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। मेडिकल परीक्षण और पीड़िता के बयान के आधार पर मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई गईं। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
सुनवाई के दौरान मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन विभाग की ओर से प्रभावी पैरवी की गई। दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने नसरतपुर निवासी मनोज यादव, राकेश यादव, पंकज यादव, मंजीत यादव और रोहित यादव को दोषी पाया। अदालत ने पांचों दोषियों को 25-25 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोप पत्र अदालत में पेश किया था।