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Ballia News: पति की दीर्घायु के लिए किया पूजन-अर्चन
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सोमवती अमावस्या पर पूजन अर्चन करती महिलाएं।संवाद
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बलिया। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सोमवार को सोमवती अमावस्या का त्योहार विधि-विधान से मनाया गया। सोमवती अमावस्या का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है।
नगर व ग्रामीण क्षेत्र में जगह-जगह विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु की कामना व घर में सुख-समृद्धि के लिए विधि पूर्वक पूजा करती रहीं। सुबह से गंगा स्नान के लिए भी श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा।
सोमवती अमावस्या पर विवाहित महिलाओं ने पीपल के वृक्ष की दूध, जल, फूल आदि से पूजा करने के साथ ही वृक्ष के चारों ओर 108 बार धागा लपेट कर परिक्रमा करते हुए सुख शांति की कामना की। इस मौके पर मंदिरों में भारी भीड़ रही। नगर के बाबा बालेश्वर मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार लगी रही।
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भक्तों ने बाबा के दरबार में पूजा पाठ कर आशीर्वाद मांगा। पं. अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि अधिकमास में सोमवार को अमावस्या पड़ जाने से इसका विशेष महत्व है। यह अमावस्या शुभफलकारक है।
इस दिन गंगा स्नान के साथ श्रीहरि-श्रीहरि मंत्र के जाप से भगवान का नाम लेने से भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी का निवास मानते हुए पीपल वृक्ष के नीचे विधिवत पूजा अर्चन करने के बाद 108 बार परिक्रमा का विधान है। अगर किसी पर काल सर्प दोष है तो इस दिन विशेष पूजा होने पर उस व्यक्ति का कल्याण होता है।
नगर व ग्रामीण क्षेत्र में जगह-जगह विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु की कामना व घर में सुख-समृद्धि के लिए विधि पूर्वक पूजा करती रहीं। सुबह से गंगा स्नान के लिए भी श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा।
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सोमवती अमावस्या पर विवाहित महिलाओं ने पीपल के वृक्ष की दूध, जल, फूल आदि से पूजा करने के साथ ही वृक्ष के चारों ओर 108 बार धागा लपेट कर परिक्रमा करते हुए सुख शांति की कामना की। इस मौके पर मंदिरों में भारी भीड़ रही। नगर के बाबा बालेश्वर मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार लगी रही।
भक्तों ने बाबा के दरबार में पूजा पाठ कर आशीर्वाद मांगा। पं. अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि अधिकमास में सोमवार को अमावस्या पड़ जाने से इसका विशेष महत्व है। यह अमावस्या शुभफलकारक है।
इस दिन गंगा स्नान के साथ श्रीहरि-श्रीहरि मंत्र के जाप से भगवान का नाम लेने से भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी का निवास मानते हुए पीपल वृक्ष के नीचे विधिवत पूजा अर्चन करने के बाद 108 बार परिक्रमा का विधान है। अगर किसी पर काल सर्प दोष है तो इस दिन विशेष पूजा होने पर उस व्यक्ति का कल्याण होता है।