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UP: अवैध नर्सिंग होम बंद...महिला अस्पताल से लेकर CHC तक बढ़े मरीज, गर्भवतियों को ज्यादा दिक्कत; कार्रवाई का डर

अमर उजाला नेटवर्क, बलिया। Published by: Aman Vishwakarma Updated Thu, 02 Apr 2026 07:25 PM IST
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सार

Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्वास्थ्य विभाग ने अभियान चलाया है। अवैध नर्सिंग होम में मरीजों की माैत और तीमारदारों ने दुर्व्यवहार की शिकायतों पर सख्ती की जा रही है। इस बीच, कार्रवाई के डर के कारण कई नर्सिंग होम बंद हो गए हैं।

Illegal Nursing Homes Shut Down in ballia Patient Influx Rises from Women Hospitals to CHCs
निजी अस्पताल में मरीजों की भीड़। - फोटो : संवाद
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विस्तार

UP News: मानक विहीन नर्सिंग होम के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की चल रही जांच के कारण अवैध नर्सिंग होम व क्लिनिक बंद चल रहे हैं। इसके कारण जिला महिला अस्पताल से लगाय सीएचसी पर मरीजों की संख्या बढ़ गई है। महिला अस्पताल में दो से तीन सौ से अधिक गर्भवती व महिलाएं इलाज को पहुंच रही हैं। इसको लेकर चिकित्सक अलर्ट मोड में है।

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जिला महिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को ओपीडी में 536 महिलाएं इलाज को पहुंची, आम दिन में करीब चार सौ मरीज आते थे। वहीं, प्रसव कक्ष में 26 गर्भवती का नॉर्मल डिलीवरी व आठ सिजेरियन से प्रसव हुआ। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी अस्पताल व जांच केंद्रों के खिलाफ चल रही जांच के कारण शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध नर्सिंग होम व क्लीनिक बंद चल रहे। तीमारदारों के हंगामा के कारण रजिस्टर्ड नर्सिंग होम वाले गर्भवती को भर्ती नहीं कर रहे हैं।

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परेशान हो रहे मरीज और तीमारदार

इसके कारण गर्भवती व महिलाएं इलाज के सीएचसी या जिला महिला अस्पताल पहुंच रही है। अचानक ओपीडी में भीड़ बढ़ने से चिकित्सक अलर्ट मोड़ में है। महिला अस्पताल में पूर्व में दो ओपीडी संचालित होता था, इन दिनों तीन ओपीडी में चिकित्सक बैठ रही है। आने वाले मरीजों को इलाज के साथ जांच व दवा निशुल्क मिल रहा है।

बांसडीह के शिवरामपुर निवासी गीता देवी ने कहा कि बहू सात माह की गर्भवती है। पहले बांसडीह के पास संचालित एक निजी अस्पताल में दिखाती थी, बुधवार को दिखाने गई तो बंद था। आसपास के लोगों ने बताया कि जांच के कारण बंद चल रहा है। रतसर कस्बा निवासी स्वेता रूटिन चेकअप के लिए आई थी। कहा कि दो माह तक रतसर में संचालित एक निजी अस्पताल में दिखाती थी, लेकिन वह पांच दिन से बंद चल रहा है। क्षेत्र के सभी निजी अस्पताल बंद चल रहे हैं। 

सुबह नौ बजे के बाद अस्पताल दिखाने पहुंच गई थी। खून व अल्ट्रासाउंड जांच हो गई है। डॉक्टर को जांच रिर्पोट दिखाना है। ओपीडी में भीड़ है, लेकिन व्यवस्था ठीक है। इस बाबत प्रभारी सीएमओ डॉक्टर आनंद सिंह ने कहा कि इन दिनों सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ी है। अस्पताल के प्रभारियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

कस्बा व चट्टी के अस्पताल बंद, 15 फीसदी बढ़े मरीज
सीएचसी सोनबरसा में मरीजों की भीड़ ओपीडी में बढ़ी है। कस्बा व चट्टी चौराहा पर अवैध रूप में संचालित निजी अस्पताल व क्लीनिक कार्रवाई के डर से बंद चल रहे हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि विभाग द्वारा जब से जांच अभियान चलाया जा रहा है। उसके बाद मरीजों की संख्या बढ़ी है। ओपीडी में सबसे ज्यादा महिलाएं आ रही है। बृहस्पतिवार को 723 मरीज इलाज को पहुंचे, जिसमें 142 महिलाएं व गर्भवती इलाज को आई। स्वास्थ्य केंद्र पर सभी प्रकार की दवाएं व जांच निशुल्क मौजूद है।

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