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Ballia News: रात में पहुंचे संयुक्त शिक्षा निदेशक, डीआईओएस से पूछताछ
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बलिया। 179 शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मचारियों का मामला गरमा गया है। इनके भुगतान से संबंधित कागजातों का अंकन डिस्पैच रजिस्टर पर नहीं किया गया है। शिकायत पर संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ नवल किशोर बुधवार की रात बलिया पहुंचे। जिला विद्यालय निरीक्षक से मिलकर उनसे पूछताछ की। उन्होंने डिस्पैच रजिस्टर आजमगढ़ तलब किया है।
सूत्रों के अनुसार डिस्पैच रजिस्टर के करीब 18 पृष्ठ खाली हैं। हालांकि इसकी पुष्टी संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है। शिकायत पर संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ बुधवार की रात को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंचे थे।
उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक से पूछताछ की। डिस्पैच रजिस्टर के बाबत बताया कि रात का समय होने के कारण कार्यालय बंद होने के चलते डिस्पैच रजिस्टर का अवलोकन नहीं किया जा सका। इस लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक ने रजिस्टर आजगमगढ़ तलब किया है।
इसे बृहस्पतिवार को आजमगढ़ भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार अगर दिन में पूछताछ होती तो डिस्पपैच रजिस्टर का मामला भी खुल कर सामने आ जाता।
2008 से चल रहा मामला : शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मियों का मामला वर्ष 2008 से चल रहा है। तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक ने कोर्ट के आदेश पर अपने कार्यकाल में कुछ कर्मियों का भुगतान किया था। मामला संज्ञान में आते ही जिला विद्यालय निरीक्षक रमेश सिंह का स्थानांतरण मऊ और वहां के जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार गुप्ता का स्थानांतरण बलिया कर दिया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी 179 नियुक्तियों को फर्जी करार दिया था। रमेश सिंह पर फर्जी भुगतान करने का आरोप भी लगाया था।
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सूत्रों के अनुसार डिस्पैच रजिस्टर के करीब 18 पृष्ठ खाली हैं। हालांकि इसकी पुष्टी संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है। शिकायत पर संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ बुधवार की रात को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंचे थे।
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उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक से पूछताछ की। डिस्पैच रजिस्टर के बाबत बताया कि रात का समय होने के कारण कार्यालय बंद होने के चलते डिस्पैच रजिस्टर का अवलोकन नहीं किया जा सका। इस लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक ने रजिस्टर आजगमगढ़ तलब किया है।
इसे बृहस्पतिवार को आजमगढ़ भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार अगर दिन में पूछताछ होती तो डिस्पपैच रजिस्टर का मामला भी खुल कर सामने आ जाता।
2008 से चल रहा मामला : शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मियों का मामला वर्ष 2008 से चल रहा है। तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक ने कोर्ट के आदेश पर अपने कार्यकाल में कुछ कर्मियों का भुगतान किया था। मामला संज्ञान में आते ही जिला विद्यालय निरीक्षक रमेश सिंह का स्थानांतरण मऊ और वहां के जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार गुप्ता का स्थानांतरण बलिया कर दिया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी 179 नियुक्तियों को फर्जी करार दिया था। रमेश सिंह पर फर्जी भुगतान करने का आरोप भी लगाया था।