UP: निजी अस्पताल में फिर प्रसूता की मौत, नवजात को 50 हजार के लिए बंधक बनाने का आरोप; तीन घंटे तक हंगामा
Ballia News: बलिया में प्रसूता की मौत से आक्रोशित महिलाओं ने अस्पताल पर हंगामा किया। सड़क जाम करने के प्रयास से पहले पुलिस पहुंच गई। नाराज लोग लापरवाह चिकित्सक पर मुकदमा दर्ज करने व अस्पताल को सील की मांग कर रहे थे।
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UP News: निजी अस्पताल में लापरवाही से इलाज के कारण मरीजों की मौत का मामला रुकने का नहीं ले रहा है। पिछले एक माह में असमय छह महिलाएं व नवजात की मौत हो चुकी है। बृहस्पतिवार को शहर के सटे हनुमानगंज स्थित पेट्रोल पंप के पास संचालित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत व 50 हजार रुपया के लिए नवजात बच्चे को बंधक बनाने का आरोप परिजनों ने लगाया।
परिजनों ने अस्पताल पर जमकर हंगामा काटा। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के गेट पर ईंटें फेंकीं। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद परिजनों को समझाकर शांत किया। परिजनों ने अस्पताल को सील करने व चिकित्सक पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करने का आरोप लगाया, इसको लेकर तीन घंटे तक गहमा गहमी बनी रही।
परिजनों में मचा कोहराम
सुखपुरा थाना के सुल्तानपुर निवासी दिनबंधु राजभर की पत्नी कुसुम राजभर 22 वर्ष को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने गांव की आशा बहू शकुंतला को जानकारी दी। उसने जिला अस्पताल ले जाने की जगह कुसुम को हनुमानगंज स्थित एक नर्सिग होम में लेकर भर्ती कराया।
मृतका के पिता टुनटुन राजभर ने आरोप लगाया कि बेटी को रात नौ बजे सिजेरियन से बच्चा हुआ, लेकिन उसे होश नहीं आया, रात में चिकित्सक ने बेटी की हालत गंभीर बता कर अपने एंबुलेंस से वाराणसी रेफर कर दिया। बेटी की ऑपरेशन के दौरान ही मौत हो गई थी।
कार्रवाई की मांग
वाराणसी के एक निजी अस्पताल में ले कर गए वहां चिकित्सक ने जांच उपरांत बताया कि मरीज की पूर्व ही मौत हो चुकी है। वहां भी चिकित्सक ने मृत बेटी के शव को बंधक बना कर रखा है। हनुमानगंज अस्पताल के चिकित्सक नवजात बच्ची को देने के लिए 50 हजार रुपया देने के लिए दबाव बना रहे हैं। मौत की खबर पर कुसुम के मायका वाले व ससुराल वाले अस्पताल पर पहुंचकर हंगामा कर दिया।
कार्रवाई को लेकर परिजनों ने बलिया-सुखपुरा मार्ग को जाम करने का भी प्रयास किया, लेकिन थाना प्रभारी रत्नेश दुबे की तत्परता से आक्रोशित महिलाएं हट गई। इस बाबत थाना प्रभारी रत्नेश दुबे ने कहा कि तहरीर पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। बच्चा इलाज के लिए चिकित्सक द्वारा रखा गया है, उसे परिजनों को दिलाया जाएगा।
नवजात को 50 हजार रुपया के लिए बंधक बनाने का आरोप
कुसुम की मौत के बाद नवजात बच्चा को अस्पताल में सुरक्षित होने का दावा अस्पताल के कर्मचारी करते रहे। परिजनों ने 50 हजार रुपया आपरेशन का जमा न करने के कारण मासूम को बंधक बनाने का आरोप अस्पताल प्रशासन पर लगाया। बच्चे को परिजनों को न दिखलाने पर अस्पताल पर दर्जनों महिलाओं ने हमला कर दिया। पुलिस को बीच बचाव कर मामला शांत करना पड़ा।
आशा बहू ने पहुंचाया निजी अस्पताल में
कुसुम को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने जिला अस्पताल या बेरूवारबारी पीएचसी पर ले जाने की जगह बेहतर प्रसव का आश्वासन दिलाकर हनुमानगंज के निजी अस्पताल पहुंचाया। परिजनों ने बताया कि अस्पताल द्वारा कमिशन के रूम में तीन से चार हजार रुपया मिलता है। पूर्व में डीएम मंगला प्रसाद द्वारा हल्दी की आशा बहू पर कार्रवाई करने के बावजूद धरातल पर आदत में सुधार नहीं हो रहा है। आशा बहू चंद पैसों के कमीशन के लालच में गर्भवतियों को आर्थिक रूप से शोषण करने के साथ जान जोखिम में डाल रही है।
निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत का आरोप की जानकारी मिली है। जांच टीम को अस्पताल की जांच के लिए भेजा गया है। लापरवाही मिलने व रजिस्ट्रेशन में त्रुटि मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉक्टर आनंद सिंह, प्रभारी सीएमओ।