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Ballia News: अब ग्राम चौपाल में समस्याओं का होगा समाधान
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इंदरपुर। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर जनता की समस्याएं सुनेगा और उनके समाधान का प्रयास करेगा।
इसी क्रम में जिला प्रशासन ने जिलेभर में ग्राम चौपाल अभियान शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने आदेश जारी कर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी सौंपी है। जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार 24 मई को मुख्यमंत्री की बैठक में सभी जिलों में ग्राम चौपाल आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके अनुपालन में अब अधिकारी सीधे गांवों में जाकर ग्रामीणों की शिकायतें सुनेंगे तथा संबंधित विभागों के सहयोग से उनका यथासंभव मौके पर ही निस्तारण करेंगे।
जिलाधिकारी ने जिले के 19 वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित करते हुए विभिन्न ग्राम पंचायतों का दायित्व सौंपा है। जिलाधिकारी को बेरुआरबारी तहसील बांसडीह तथा एकवारी खास तहसील बलिया, मुख्य विकास अधिकारी को पकड़ी, सिहांचवर एवं सुखपुरा, जबकि अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को कोटवा, अठिला एवं पूर ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी दी गई है। इसी प्रकार मुख्य राजस्व अधिकारी, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, उपायुक्त श्रम रोजगार, उपायुक्त स्वरोजगार, सभी उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदारों को भी दो से तीन गांव आवंटित किए गए हैं। बांसडीह, रसड़ा, बैरिया, सिकंदरपुर और बेल्थरासड़क तहसीलों के अनेक गांव इस अभियान में शामिल किए गए हैं।
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अनुपस्थिति पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप ग्राम चौपाल अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि नामित अधिकारी अथवा कर्मचारी ग्राम चौपाल में अनुपस्थित पाए गए तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। भीषण गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि ग्राम चौपाल का आयोजन सायंकाल किया जाए। अधिकारियों को गांवों में पर्याप्त समय बिताने, ग्रामीणों की समस्याएं सुनने तथा क्षेत्र का भ्रमण कर शासन की योजनाओं की प्रगति का भी आकलन करने को कहा गया है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार विभिन्न तहसीलों के उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को भी अलग-अलग ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां आगामी दस दिनों के भीतर ग्राम चौपाल आयोजित कर जनता की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
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इसी क्रम में जिला प्रशासन ने जिलेभर में ग्राम चौपाल अभियान शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने आदेश जारी कर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी सौंपी है। जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार 24 मई को मुख्यमंत्री की बैठक में सभी जिलों में ग्राम चौपाल आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके अनुपालन में अब अधिकारी सीधे गांवों में जाकर ग्रामीणों की शिकायतें सुनेंगे तथा संबंधित विभागों के सहयोग से उनका यथासंभव मौके पर ही निस्तारण करेंगे।
जिलाधिकारी ने जिले के 19 वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित करते हुए विभिन्न ग्राम पंचायतों का दायित्व सौंपा है। जिलाधिकारी को बेरुआरबारी तहसील बांसडीह तथा एकवारी खास तहसील बलिया, मुख्य विकास अधिकारी को पकड़ी, सिहांचवर एवं सुखपुरा, जबकि अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को कोटवा, अठिला एवं पूर ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी दी गई है। इसी प्रकार मुख्य राजस्व अधिकारी, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, उपायुक्त श्रम रोजगार, उपायुक्त स्वरोजगार, सभी उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदारों को भी दो से तीन गांव आवंटित किए गए हैं। बांसडीह, रसड़ा, बैरिया, सिकंदरपुर और बेल्थरासड़क तहसीलों के अनेक गांव इस अभियान में शामिल किए गए हैं।
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अनुपस्थिति पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप ग्राम चौपाल अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि नामित अधिकारी अथवा कर्मचारी ग्राम चौपाल में अनुपस्थित पाए गए तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। भीषण गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि ग्राम चौपाल का आयोजन सायंकाल किया जाए। अधिकारियों को गांवों में पर्याप्त समय बिताने, ग्रामीणों की समस्याएं सुनने तथा क्षेत्र का भ्रमण कर शासन की योजनाओं की प्रगति का भी आकलन करने को कहा गया है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार विभिन्न तहसीलों के उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को भी अलग-अलग ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां आगामी दस दिनों के भीतर ग्राम चौपाल आयोजित कर जनता की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।