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Ballia News: निर्माणाधीन सेतु की ढलाई का हिस्सा टूटकर गिरा
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उत्तर प्रदेश और बिहार बार्डर पर मांझी के पास सरयू नदी में निर्माणाधीन सेतु के पिलर संख्या-9 और-
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जयप्रकाशनगर। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत सरयू नदी पर उत्तर प्रदेश व बिहार के मांझी के पास निर्माणाधीन सेतु के पिलर संख्या-9 और-10 के बीच का ढलाई का तीन से चार इंच मोटा भाग टूटकर गिर गया।
निर्माणाधीन सेतु की मजबूती पर प्रश्नचिह्न खड़े होने लगे हैं। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण सेतु के निर्माण के शुरुआती चरण में ही इस प्रकार की खामियां सामने आ रही हैं तो भविष्य में इसकी अस्तित्व और सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने मांग की कि निर्माणाधीन सेतु की तकनीकी जांच कराकर दोषी लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।
पूर्व प्रधान चांददीयर बीरेंद्र यादव ने बताया कि इतने बड़े पुल का निर्माण हो रहा है और ढलाई अभी से टूटने लगे तो यह गंभीर चिंता का विषय है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। धर्मेंद्र यादव ने बताया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। जिस स्तर पर लापरवाही हो, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई जरूरी है। राहुल यादव ने बताया कि सरयू नदी पर बन रहा यह पुल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। अशोक यादव ने बताया कि प्रशासन को तत्काल निर्माण कार्य की जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में पुल सुरक्षित और मजबूत बन सके।
एनएचआई के पीडी इं. पीयूष अग्रवाल ने बताया कि सरयू नदी पर यूपी-बिहार की सीमा पर सेतु निर्माण के ढलाई के हिस्से के संदर्भ में एमजेबी के साइट इंचार्ज बगिया राजू से जानकारी होने पर बात की है। उन्होंने बताया कि डी-शटरिंग के बाद फिनिशिंग का काम पूरा हो चुका है। साइट पर किसी तरह की कोई समस्या नहीं है।
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निर्माणाधीन सेतु की मजबूती पर प्रश्नचिह्न खड़े होने लगे हैं। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण सेतु के निर्माण के शुरुआती चरण में ही इस प्रकार की खामियां सामने आ रही हैं तो भविष्य में इसकी अस्तित्व और सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने मांग की कि निर्माणाधीन सेतु की तकनीकी जांच कराकर दोषी लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।
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पूर्व प्रधान चांददीयर बीरेंद्र यादव ने बताया कि इतने बड़े पुल का निर्माण हो रहा है और ढलाई अभी से टूटने लगे तो यह गंभीर चिंता का विषय है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। धर्मेंद्र यादव ने बताया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। जिस स्तर पर लापरवाही हो, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई जरूरी है। राहुल यादव ने बताया कि सरयू नदी पर बन रहा यह पुल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। अशोक यादव ने बताया कि प्रशासन को तत्काल निर्माण कार्य की जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में पुल सुरक्षित और मजबूत बन सके।
एनएचआई के पीडी इं. पीयूष अग्रवाल ने बताया कि सरयू नदी पर यूपी-बिहार की सीमा पर सेतु निर्माण के ढलाई के हिस्से के संदर्भ में एमजेबी के साइट इंचार्ज बगिया राजू से जानकारी होने पर बात की है। उन्होंने बताया कि डी-शटरिंग के बाद फिनिशिंग का काम पूरा हो चुका है। साइट पर किसी तरह की कोई समस्या नहीं है।