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आरटीई : 2249 बच्चों को प्रवेश देने में आनाकानी
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बलिया। आरटीई के तहत निजी विद्यालय बच्चों का नामांकन करने में आनाकानी कर रहे। शैक्षणिक सत्र-2026-27 के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों से करीब 2249 बच्चों का चयन किया गया है।
जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार सत्र-2026-27 में नर्सरी अथवा कक्षा एक में प्रवेश के लिए संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों ने करीब 2249 बच्चों का चयन लाटरी माध्यम से किया है। जिनका प्रवेश निजी विद्यालयों में होना है। लेकिन शिकायत मिल रही है कि अधिकांश निजी विद्यालय इन बच्चों के प्रवेश दिलाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जो अधिनियम का सरासर उल्लंघन है। इन बच्चों का चयन आनलाइन आवेदन के आधार पर किया जाता है।
ऑनलाइन पोर्टल पर बच्चों के प्रवेश के लिए जरूरी कागजात प्रस्तुत किए जाते हैं। जिसमें जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र आदि कागजात शामिल होते हैं। आवेदन के बाद खंड शिक्षाधिकारी कागजातों का अवलोकन करते हैं। प्रस्तुत दस्तावेज सही पाए जाने पर लाटरी के माध्यम से बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश को लेकर लाटरी के माध्यम से चयन किया जाता है। विभागीय आंकड़ों की मानें तो शैक्षणिक सत्र-2026-27 के लिए कुल 2249 बच्चों का लाटरी के माध्यम से चयन किया गया है। जिनका प्रवेश निजी विद्यालयों में होना है। अभिभावक भी प्रवेश को लेकर लगातार शिकायतें कर रहें है।
प्रवेश नहीं लिए तो होगी मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी मनीष सिंह ने शैक्षणिक सत्र- 2026-27 में आरटीई के अंतर्गत लाटरी में आए बच्चों के प्रवेश को लेकर समस्त खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी किया है। बच्चों का सीट अलाटमेंट के बाद भी निजी विद्यालयों में प्रवेश नहीं लिया जा रहा है। बच्चे तथा उनके अभिभावक शिकायतें कर रहे हैं। बीएसए ने समस्त खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने शिक्षा क्षेत्र अंतर्गत प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण में चयनित समस्त बच्चों का शत प्रतिशत प्रवेश संबंधित निजी विद्यालयों में सुनिश्चित करें। यह भी सुनिश्चित करें किकोई भी पात्र बच्चा प्रवेश से वंचित न रहें।
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जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार सत्र-2026-27 में नर्सरी अथवा कक्षा एक में प्रवेश के लिए संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों ने करीब 2249 बच्चों का चयन लाटरी माध्यम से किया है। जिनका प्रवेश निजी विद्यालयों में होना है। लेकिन शिकायत मिल रही है कि अधिकांश निजी विद्यालय इन बच्चों के प्रवेश दिलाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जो अधिनियम का सरासर उल्लंघन है। इन बच्चों का चयन आनलाइन आवेदन के आधार पर किया जाता है।
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ऑनलाइन पोर्टल पर बच्चों के प्रवेश के लिए जरूरी कागजात प्रस्तुत किए जाते हैं। जिसमें जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र आदि कागजात शामिल होते हैं। आवेदन के बाद खंड शिक्षाधिकारी कागजातों का अवलोकन करते हैं। प्रस्तुत दस्तावेज सही पाए जाने पर लाटरी के माध्यम से बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश को लेकर लाटरी के माध्यम से चयन किया जाता है। विभागीय आंकड़ों की मानें तो शैक्षणिक सत्र-2026-27 के लिए कुल 2249 बच्चों का लाटरी के माध्यम से चयन किया गया है। जिनका प्रवेश निजी विद्यालयों में होना है। अभिभावक भी प्रवेश को लेकर लगातार शिकायतें कर रहें है।
प्रवेश नहीं लिए तो होगी मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी मनीष सिंह ने शैक्षणिक सत्र- 2026-27 में आरटीई के अंतर्गत लाटरी में आए बच्चों के प्रवेश को लेकर समस्त खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी किया है। बच्चों का सीट अलाटमेंट के बाद भी निजी विद्यालयों में प्रवेश नहीं लिया जा रहा है। बच्चे तथा उनके अभिभावक शिकायतें कर रहे हैं। बीएसए ने समस्त खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने शिक्षा क्षेत्र अंतर्गत प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण में चयनित समस्त बच्चों का शत प्रतिशत प्रवेश संबंधित निजी विद्यालयों में सुनिश्चित करें। यह भी सुनिश्चित करें किकोई भी पात्र बच्चा प्रवेश से वंचित न रहें।