सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Cooking Gas Cylinders Nowhere Found People Frustrated by Delivery Notifications in ballia

LPG Shrtage: रसोई गैस सिलिंडर का पता नहीं, डिलीवरी के मेसेज से लोग परेशान; गोदाम व एजेंसी का लगा रहे चक्कर

अमर उजाला नेटवर्क, बलिया। Published by: Aman Vishwakarma Updated Fri, 10 Apr 2026 05:57 AM IST
विज्ञापन
सार

Ballia News: बलिया में बुकिंग के बाद डिलीवरी का मैसेज उपभोक्ताओं पर आ जा रहा है, लेकिन सिलेंडर घर नहीं पहुंच पा रहा है। इसको लेकर उपभोक्ता काफी परेशान हो जा रहे हैं। जिले में संचालित एचपी, इंडेन व भारत गैस एजेंसियों के उपभोक्ताओं के साथ इस तरह हो रहा है।

Cooking Gas Cylinders Nowhere Found People Frustrated by Delivery Notifications in ballia
बलिया में रसोई गैस सिलिंडर के लिए लगी लाइन। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार

LPG Crisis: घरेलू गैस की समस्या का निदान एक माह के बाद भी नहीं हो पा रहा है। गैस गोदाम पर लंबी कतार मंगलवार को भी देखी गई। वहीं, बुकिंग के बाद भी होम डिलीवरी की व्यवस्था पटरी पर नहीं उतर पा रही है। अधिकांश उपभोक्ताओं के बुकिंग पर डिलीवरी का मैसेज आ जा रहा है। इसके बाद वह एजेंसी व गोदाम का चक्कर लगा रहे हैं। 

Trending Videos


पीड़ित भरतपुरा निवासी वशिष्ठ दुबे ने बताया कि एचपी गैस की बुकिंग करने के बाद डिलीवरी का मैसेज आ गया लेकिन सिलिंडर घर अब तक नहीं पहुंचा। पीड़ित रानी पटेल, सिंटू सिंह व अजय राय एचपी का हल्दी व नगवां में 20 किमी दूर गैस के लिए जाना पड़ रहा है। डिलीवरी का मैसेज आ गया लेकिन सिलिंडर घर नहीं पहुंचा।

विज्ञापन
विज्ञापन

बैकलाक होने के कारण उपभोक्ता व संचालकों में हो रही तकझक
गैस एजेंसियों में सिलिंडर वितरण में बैकलॉक होने के कारण आए दिन उपभोक्ताओं व गैस एजेंसियों के संचालकों के बीच कहांसुनी व बकझक हो रही है। ऑनलाइन बुकिंग के अनुपात में गैस एजेंसियों को गैस कंपनियों द्वारा कम सिलेंडर आपूर्ति करने के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है। जिसके चलते लोगों की परेशानी बढ़ गई है। 

बैरिया के इंडेन गैस एजेंसी पर लगभग 30 हजार उपभोक्ता है। यहां करीब तीन हजार से अधिक बैकलॉक चल रहा है। इसी तरह से कोटवा के इंडेन गैस एजेंसी पर लगभग 200 गैस सिलेंडर का बैकलॉक चल रहा है, यह एक बानगी है। इसी तरह के स्थित तहसील के आधा दर्जन गैस एजेंसी की है। डीएसी नंबर आने के बाद भी उन्हें गैस एजेंसी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। 

गैस एजेंसी संचालकों की शिकायत है कि हम लोग पूरा पैसा जमा करके रोज डिमांड भेज रहे हैं, किंतु डिमांड के अनुसार संबंधित सिलिंडर आपूर्ति नहीं हो रही है। आपूर्ति निरीक्षक बैरिया इंद्रेश तिवारी ने बताया कि बैकलॉक की जानकारी मेरे संज्ञान में है, किंतु मेरे स्तर से इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाएगी। इस पर गैस कंपनियां ही कुछ कर सकती हैं।
 

Cooking Gas Cylinders Nowhere Found People Frustrated by Delivery Notifications in ballia
एजेंसी के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते उपभोक्ता। - फोटो : संवाद

दुकानदार अब कोयला की जलाने लगे भट्टी
बेल्थरारोड। नगर और ग्रामीण क्षेत्र में गैस का वितरण ओटीपी के माध्यम से किया जा रहा है। बिना ओटीपी के गैस का वितरण पूरी तरह से बंद है। बाजार में चाट, पकौड़ी, ममोस,समोसे बनाने वाले छोटे ठेला दुकानदार कहीं से गैस की व्यवस्था कर रहे है तथा कुछ दुकानदार अपनी दुकान बंद कर दिए है और कुछ स्थाई दुकानदार कोयला का चूल्हा बनाकर अपना दुकान किसी तरह से चला रहे हैं। 

दुकानदारों का कहना है कि पहले कोयला 22 रुपये किलो था। गैस की किल्लत बढ़ने से कोयला के कीमत में बढ़ोतरी हो गई है तथा लकड़ी का दाम भी बढ़ा है। उपजिलाधिकारी शरद चौधरी ने बताया कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में गैस बराबर वितरित किया जा रहा है। गैस की अभी कोई कमी नहीं है। कहा कि बिना ओटीपी के गैस किसी को नहीं दिया जा रहा है।

बुकिंग में अड़चन, उपभोक्ता परेशान
पूर। क्षेत्र में रसोई गैस की आपूर्ति भले ही एजेंसियों तक सामान्य होने लगी है, लेकिन सिलिंडर बुकिंग की समस्या अब भी जस की तस बनी हुई है। उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर बुक कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। बुकिंग के लिए संबंधित कंपनियों के नंबर पर 24 घंटे पहले मिस्ड कॉल करना अनिवार्य हो गया है। इसके बावजूद बुकिंग सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। कंपनियों की ओर से 24 घंटे के भीतर डीएसई कोड भेजने की बात कही जाती है, लेकिन कई उपभोक्ताओं को चार-पांच दिन बाद भी कोड नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें गैस सिलिंडर नहीं मिल रहा।

अधिक सदस्य वाले परिवारों की बढ़ी परेशानी
गैस बुकिंग की समस्या का सबसे अधिक असर बड़े परिवारों पर पड़ रहा है। जिन परिवारों में सदस्यों की संख्या अधिक है, उन्हें हर महीने कम से कम दो सिलिंडर की जरूरत होती है। कई परिवारों ने दो सिलिंडर का कनेक्शन भी ले रखा है, लेकिन वर्तमान स्थिति में एक सिलिंडर की बुकिंग भी समय पर नहीं हो पा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग करने पर कंपनियों की ओर से संदेश मिलता है कि अगली बुकिंग 25 दिन बाद ही संभव है। ऐसे में मजबूरी में लोगों को लकड़ी और कोयले जैसे पारंपरिक साधनों का सहारा लेकर खाना बनाना पड़ रहा है।

गैस सिलिंडर के लिए उमड़ी भीड़, एजेंसियों पर कतारें
चितबड़ागांव कस्बे की दोनों गैस एजेंसियों पर इन दिनों गैस सिलेंडर लेने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से लेकर शाम तक उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कई लोगों को घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। 

भीड़ अधिक होने के कारण एजेंसी परिसर में अव्यवस्था का माहौल बना रहता है। वहीं, आए दिन उपभोक्ताओं और एजेंसी संचालकों के बीच कहासुनी (की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर पर्याप्त मात्रा में गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और वितरण व्यवस्था को सुचारू किया जाए, तो इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

जिले में लगातार गैस सिलिंडर सभी कंपनियों के आ रहे हैं। गैस सिलिंडर की कमी नहीं है। कुछ तकनीकी दिक्कतों से उपभोक्ताओं की बुकिंग नहीं हो रही है। इसके लिए कंपनियों को सूचित कर दिया गया है। फिलहाल सिलिंडर का वितरण उपलब्धता के अनुसार किया जा रहा है। - देव मणि मिश्रा, डीएसओ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed