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Ballia News: कटान रोकने और पुनर्वास के लिए दियरांचाल के लोगों का तहसील पर प्रदर्शन
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बैरिया तहसील में कटानरोधी कार्य सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन करते दियरांचल क्षेत्र
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बैरिया। सरयू नदी की कटान से त्रस्त उत्तरी दियरांचल के गोपालनगर, वशिष्ठ नगर, शिवाल मठिया और मानगढ़ के ग्रामीणों ने शनिवार को बैरिया तहसील परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने कटान रोकने, विस्थापितों के पुनर्वास और राहत व्यवस्था सहित पांच सूत्री मांगपत्र उपजिलाधिकारी शशिभूषण मिश्र को सौंपा।
कटान पीड़ितों का आरोप था कि पिछले पांच वर्षों से क्षेत्र में लगातार हो रही कटान के कारण हजारों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि सरयू नदी में समा चुकी है। अनेक किसान भूमिहीन हो गए हैं। गोपालनगर टाड़ी की तीन-चौथाई आबादी नदी की भेंट चढ़ चुकी है, जबकि शिवाल मठिया में भी पिछले वर्ष दर्जनों मकान नदी में समा गए। ग्रामीणों ने कहा कि बार-बार मांग के बावजूद न तो स्थायी कटानरोधी परियोजना लागू की गई और न ही प्रभावी सुरक्षा उपाय किए गए।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरयू नदी की ड्रेजिंग कर धारा को मोड़ा जाए तथा बोल्डर पिचिंग जैसी स्थायी कटानरोधी योजना तत्काल स्वीकृत कर लागू की जाए। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कटान से विस्थापित परिवारों को पेयजल, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। कटान के मुहाने पर रह रहे लोगों को राशन किट और जनरेटर जैसी आवश्यक सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। गृह अनुदान वितरण में भी अनियमितता का आरोप लगाया।
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प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि दस दिनों के भीतर कटान रोकने के लिए ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो चारों ग्रामसभाओं के लोग आमरण अनशन शुरू करने को बाध्य होंगे। धरना-प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी शशिभूषण मिश्र ने ज्ञापन प्राप्त कर ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर है। उन्होंने स्वीकार किया कि छोटी परियोजनाओं से इस समस्या का समाधान संभव नहीं है। बड़ी परियोजना के लिए जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
प्रदर्शन का नेतृत्व ओमप्रकाश सिंह, सुनील यादव, प्रदीप यादव, सुधीर यादव और महावीर यादव सहित अन्य लोगों ने किया। बड़ी संख्या में दियरांचल के ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।
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सपा नेताओं की मौजूदगी पर जताई आपत्ति
धरना-प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं के पहुंचने पर कटान पीड़ितों ने आपत्ति जताई। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और वे अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रख रहे हैं। उन्होंने नेताओं पर केवल फोटो खिंचवाने की कोशिश करने का आरोप लगाया, जिसके बाद संबंधित लोग भीड़ से अलग हो गए।
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तहसील में घंटों प्रभावित रहा कामकाज
हजारों प्रदर्शनकारियों के तहसील पहुंचने से परिसर में घंटों तक सामान्य कामकाज प्रभावित रहा। अधिकारी और कर्मचारी भी अपनी दिनचर्या छोड़कर प्रदर्शनकारियों की बातें सुनने में जुटे रहे। भीड़ को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा तथा किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
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कटान पीड़ितों का आरोप था कि पिछले पांच वर्षों से क्षेत्र में लगातार हो रही कटान के कारण हजारों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि सरयू नदी में समा चुकी है। अनेक किसान भूमिहीन हो गए हैं। गोपालनगर टाड़ी की तीन-चौथाई आबादी नदी की भेंट चढ़ चुकी है, जबकि शिवाल मठिया में भी पिछले वर्ष दर्जनों मकान नदी में समा गए। ग्रामीणों ने कहा कि बार-बार मांग के बावजूद न तो स्थायी कटानरोधी परियोजना लागू की गई और न ही प्रभावी सुरक्षा उपाय किए गए।
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प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरयू नदी की ड्रेजिंग कर धारा को मोड़ा जाए तथा बोल्डर पिचिंग जैसी स्थायी कटानरोधी योजना तत्काल स्वीकृत कर लागू की जाए। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कटान से विस्थापित परिवारों को पेयजल, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। कटान के मुहाने पर रह रहे लोगों को राशन किट और जनरेटर जैसी आवश्यक सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। गृह अनुदान वितरण में भी अनियमितता का आरोप लगाया।
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प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि दस दिनों के भीतर कटान रोकने के लिए ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो चारों ग्रामसभाओं के लोग आमरण अनशन शुरू करने को बाध्य होंगे। धरना-प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी शशिभूषण मिश्र ने ज्ञापन प्राप्त कर ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर है। उन्होंने स्वीकार किया कि छोटी परियोजनाओं से इस समस्या का समाधान संभव नहीं है। बड़ी परियोजना के लिए जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
प्रदर्शन का नेतृत्व ओमप्रकाश सिंह, सुनील यादव, प्रदीप यादव, सुधीर यादव और महावीर यादव सहित अन्य लोगों ने किया। बड़ी संख्या में दियरांचल के ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।
सपा नेताओं की मौजूदगी पर जताई आपत्ति
धरना-प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं के पहुंचने पर कटान पीड़ितों ने आपत्ति जताई। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और वे अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रख रहे हैं। उन्होंने नेताओं पर केवल फोटो खिंचवाने की कोशिश करने का आरोप लगाया, जिसके बाद संबंधित लोग भीड़ से अलग हो गए।
तहसील में घंटों प्रभावित रहा कामकाज
हजारों प्रदर्शनकारियों के तहसील पहुंचने से परिसर में घंटों तक सामान्य कामकाज प्रभावित रहा। अधिकारी और कर्मचारी भी अपनी दिनचर्या छोड़कर प्रदर्शनकारियों की बातें सुनने में जुटे रहे। भीड़ को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा तथा किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।